धार्मिक अतिक्रमण पर सियासी घमासान शुरू

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हरिद्वार डीएम कार्यालय में कांग्रेसी विधायकों ने किया हंगामा

कोटद्वार व रामनगर में मजारों पर चला बुलडोजर

देहरादून। उत्तराखंड की धामी सरकार द्वारा धार्मिक अतिक्रमण पर बुलडोजर का वार शुरू किया गया तो अब इसका विरोध भी मुखर होता दिख रहा है। आज जहां कोटद्वार और रामनगर कार्बेट पार्क में बनी अवैध मजारों को बुलडोजर ने ध्वस्त कर दिया वही हरिद्वार में कांग्रेसी विधायकों और नेताओं ने जिला प्रशासन पर मनमाने ढंग से काम करने का आरोप लगाते हुए जबरदस्त हंगामा किया। इस बीच वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने जिला प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं।
सरकारी व वन भूमि पर धार्मिक स्थलों के निर्माण की आड़ में किए गए अतिक्रमण पर सरकार के सख्त रुख के बाद बीते कुछ दिनों से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी है। हरिद्वार और चकराता व हल्द्वानी के अलावा अब तक कई क्षेत्रों में दर्जन भर के करीब मजारों को ध्वस्त किया जा चुका है आज सुबह कोटद्वार के लैंसडौन क्षेत्र में वन भूमि पर बनी एक मजार पर एसडीएम की मौजूदगी में बुलडोजर की कार्यवाही की गई इस मजार की आड़ में बीघों जमीन पर कब्जा किया गया था। कानून के दायरे में की गई इस कार्रवाई का किसी ने भी विरोध नहीं किया। वहीं रामनगर के जिम कार्बेट पार्क की बिजरानी रेंज में अवैध रूप से बनी 4 मजारों को वन विभाग और जिला प्रशासन की टीमों द्वारा ध्वस्त कर दिया गया है।
एक तरफ धार्मिक अतिक्रमण पर धामी सरकार का बुलडोजर चलना शुरू हो गया है तो वहीं दूसरी ओर इस पर घमासान भी छिड़ गया है। खानपुर विधायक के बाद हरिद्वार जिलाधिकारी से मिलने गए कांग्रेस के कई विधायक व नेताओं ने यहंा जमकर हंगामा किया। कांग्रेसी विधायकों का आरोप है कि हरिद्वार का जिला प्रशासन सूबे की सरकार को खुश रखने के लिए मनमाने तरीके से मजारों पर कार्यवाही कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार 2024 के लोकसभा चुनाव को हिंदू—मुस्लिम का चुनाव बनाने की नियत से काम कर रही है। हालांकि यह कांग्रेसी विधायक व नेता गए तो थे वार्ता करने लेकिन थोड़ी देर में ही गर्मा गर्मी हो गई। एसडीएम पूर्ण सिंह राणा और जिलाधिकारी विनय शंकर का कहना है कि उनके द्वारा जो भी कार्रवाई की जा रही है वह नियम सम्मत है। लेकिन ज्वालापुर क्षेत्र में तोड़ी गई मजार को लेकर कांग्रेसी नेताओं ने नाराजगी जताई तो हंगामा खड़ा हो गया।


शादाब ने कार्यवाही बताई मनमानी


देहरादून। ऐसा नहीं है की मजारों पर इस बुलडोजर की कार्रवाई का विरोध सिर्फ विपक्षी नेता और विधायकों द्वारा ही किया जा रहा है। वक्फ बोर्ड के चेयरमैन शादाब शम्स का कहना है कि अधिकारी मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं जो मजारे वक्फ बोर्ड के रिकॉर्ड में दर्ज हैं उन पर भी कार्रवाई की जा रही है जबकि प्रशासन को दर्ज मजारों की सूची सौंपी जा चुकी है उनका कहना है कि वह इस बाबत सीएम से भी वार्ता करेंगे।

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