नई दिल्ली। पंजाब में इन दिनों बाढ़ का कहर जारी है। राज्य के 14 जिलों में लगभग 3.87 लाख लोग प्रभावित हुए हैं और 46 की मौत हो चुकी है। सतलुज, ब्यास और रावी नदियों में जलस्तर बढ़ने से हजारों गांव जलमग्न हो गए हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 सितंबर को पंजाब के गुरदासपुर जिले का दौरा करेंगे और बाढ़ प्रभावितों से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा बाढ़ प्रभावित पंजाब की स्थिति को सीधे देखने और राहत कार्यों की समीक्षा करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। भाजपा की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री 9 सितंबर को गुरदासपुर पहुंचेंगे। पीएम मोदी बाढ़ प्रभावित लोगों से मिलकर उनके हालात और आवश्यक सहायता के बारे में जानकारी लेंगे।
पंजाब के अलावा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है। केंद्र सरकार की ओर से राहत कार्यों का समन्वय किया जा रहा है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पहले पंजाब के अमृतसर जिले का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। दो केंद्रीय दलों ने भी प्रभावित इलाकों का दौरा किया और केंद्र को रिपोर्ट सौंपने की प्रक्रिया जारी है। वही पीएम मोदी पंजाब के बाद इन राज्यों का भी दौरा कर सकते हैं।
पंजाब में आई बाढ़ को अधिकारियों ने पिछले कई दशकों की सबसे भयावह आपदा बताया है। 14 जिलों में 46 लोगों की मौत, 3.87 लाख से अधिक प्रभावित और लगभग 2,000 गांव पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। गुरदासपुर, फाज़िल्का और फिरोज़पुर सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल हैं। किसानों की हरी-भरी धान और अन्य फसलें, जो कटाई के करीब थीं, बाढ़ में पूरी तरह तबाह हो गई हैं।
राज्य सरकार ने पंजाब को आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया है। एनडीआरएफ, सेना और बीएसएफ की संयुक्त टीमें राहत और बचाव कार्य में लगी हैं। अब तक 22,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। बेघर हुए लोगों के लिए 200 से अधिक राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां हज़ारों लोग शरण लिए हुए हैं। 250 से अधिक राहत और बचाव वाहन लगातार प्रभावित इलाकों में कार्य कर रहे हैं।




