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धर्मस्थलों के पास नहीं बिकेगी शराब

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  • —कैबिनेट के अहम फैसले—
  • ओवर रेंटिंग पर लाइसेंस होगा रद्द
  • एफएल टू लाईसेंस मूल निवासियों को ही
  • गन्ने का समर्थन मूल्य 375 व 365 घोषित
  • बच्चो को पढ़ाया जायेगा राज्य आंदोलन का इतिहास
  • राज्यकर्मियों को पेशंन स्कीम चुनने का अधिकार
  • राज्य की महिलाओं को लाभ सब्सिडी देने का फैसला

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने आज हुई कैबिनेट बैठक में नई शराब नीति को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षा विभाग से जुड़े कई अन्य फैसले भी लिए गए हैं। सरकार द्वारा आज गन्ने के समर्थन मूल्य की भी घोषणा कर दी गई है। बैठक में कुल 17 मामलों पर चर्चा की गई।
सरकार ने अपनी नई शराब नीति में धार्मिक स्थलों और उसके आसपास शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है तथा अब तक चली आ रही उप दुकानों की व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया और ओवर रेटिंग में पकड़े जाने पर लाइसेंस को रद्द करने का निर्णय लिया गया है। अगर अब कोई शराब की ओवर रेटिंग करता पाया गया तो उसका लाइसेंस तत्काल निरस्त कर दिया जाएगा। डिपार्टमेंटल स्टोर पर भी एमआरपी की दर से ही शराब बेचने की व्यवस्था होगी स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए वायनरी संचालकों को 15 साल तक शुल्क मुक्त किया गया है। नई शराब नीति में केवल स्थाई व मूल निवासियों को ही एफ एल—2 लाइसेंस की व्यवस्था की गई है। दुकानों का आवंटन 2 वर्ष के लिए होगा। रिन्यूअल न होने की स्थिति में दुकानों का आवंटन लॉटरी से किया जाएगा।
बैठक में हुए फसलों की जानकारी देते हुए सचिव कार्मिक श्ौलेश बगोली ने बताया कि शिक्षा विभाग में लोक संस्कृति व राज्य आंदोलन की कहानी कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाई जाएगी तथा दसवीं क्लास के बाद पॉलिटेक्निक करने को अब +12 के समक्ष माना जाएगा। कैबिनेट की बैठक में आज गन्नों का समर्थन मूल्य भी तय कर दिया गया है जिसके अनुसार अगेती के लिए 375 तथा सामान्य के लिए 365 रुपए प्रति क्विटल भाव तय कर दिए गए हैं। इसके अलावा आज वरिष्ठ अधीक्षक कारागार की नियमावली को सरकार ने हरी झंडी दी गई है। आज की बैठक में व्यवस्था अधिकारी राज्य संपत्ति की नियमावली को भी मंजूरी दे दी गई है।
कैबिनेट में एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य यूपीएस पेंशन स्कीम को भी मंजूरी दे दी गई जिसके अनुसार कर्मचारी खुद अपने लिए पेंशन स्कीम का चयन कर सकेगा। बैठक में मुख्यमंत्री महिला स्वरोजगार योजना के तहत महिलाओं को लाभ पर सब्सिडी सुविधा भी दी जाएगी। उधर मिनिस्ट्रियल सेवा में 13 कनिष्ठ सहायकों के पदों के सर्जन को मंजूरी दी गई है तथा 240 पद स्टाम्प तथा 29 निबंधन विभाग में पद सृजन को स्वीकृति दी गई है। बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक के वेतनमान को भी नियमावली बना दी गई है। इसके अलावा बैठक में पराग फॉर्म की भूमि सिडकुल को देने सहित अन्य कई अहम फैसले किए गए हैं।

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