नई दिल्ली। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई ) बीआर गवई के सामने कोर्ट में आज एक वकील ने हंगामा करने की कोशिश की। आरोप है कि वकील ने सीजेआई की तरफ जूता फेंकने का प्रयास भी किया। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी वकील को हिरासत में ले लिया। बाहर जाते समय वकील यह कहते सुना गया, “सनातन का अपमान नहीं सहेंगे।” आरोपी वकील का नाम राकेश किशोर बताया जा रहा है।
सीजेआई इस घटना से प्रभावित नहीं हुए और कोर्ट में मौजूद अन्य वकीलों से कहा कि अपने तर्क जारी रखें। उन्होंने कहा, “इस सब पर ध्यान मत दें। हम प्रभावित नहीं हैं। ये बातें मुझे प्रभावित नहीं करतीं।” मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की और कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एक वकील के मुताबिक, जिस वकील ने हमला किया, उसने चीफ जस्टिस की ओर कोई वस्तु फेंकी। वह चीज लगभग जस्टिस विनोद चंद्रन को लगते-लगते बची। इसके बाद उस वकील ने जस्टिस चंद्रन से माफी मांगी और कहा कि उसका निशाना चीफ जस्टिस थे। तभी सुरक्षा कर्मियों ने उसे पकड़ लिया और अदालत से बाहर ले गए। इस घटना के बाद वकीलों के संगठन ने चीफ जस्टिस पर हुए हमले की निंदा की है।
बता दें कि 16 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने खजुराहो के जवारी मंदिर में भगवान विष्णु की सात फुट ऊंची मूर्ति के पुनर्निर्माण और पुनः स्थापना के निर्देश देने की मांग वाली एक याचिका खारिज कर दिया था। इस याचिका को खारिज करते हुए कोर्ट ने इसे प्रचार हित याचिका करार दिया था। तब चीफ जस्टिस गवई ने कहा, ‘यह पूरी तरह से प्रचार हित याचिका है, जाइए और स्वयं भगवान से कुछ करने के लिए कहिए। यदि आप कह रहे हैं कि आप भगवान विष्णु के प्रबल भक्त हैं तो आप प्रार्थना कीजिए और थोड़ा ध्यान भी कीजिए।’




