- भाजपा नेता के पीएम मोदी के बयान को कोट कर सन्यास लेने की धमकी से बना मामला संवेदनशील
- अंदरूनी नाराजगी का चेहरा बने भाजपा नेता अजेंद्र अजय, कांग्रेस भी हो गई है मामले में सक्रिय
- आंतरिक कलह सार्वजनिक होने से भाजपा असहज, हाईकमान तक पहुंच गया है मामला
देहरादून। चुनावी साल में पार्टियों के नेताओं की नाराजगी कोई नई बात नहीं है। भाजपा में अंदरूनी असंतोष का हम पहले ही खुलासा कर चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी पार्टी के अंदर किस तरह के हालात है यह बीकेटीसी के पूर्व अध्यक्ष की सोशल मीडिया पर पीएम मोदी के बयान को कोट कर सन्यास लेने की धमकी से स्पष्ट हो गई है। वही दूसरी ओर कांग्रेस भी भाजपा के अंदरूनी असंतोष के मुद्दे को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने के लिए तैयार हो गई है।
राजनीतिक जानकार बताते है कि भाजपा आंतरिक कलह आज कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी कई नेता सरकार और पार्टी को असहज कर चुके हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता अरविंद पांडे,बिशन सिंह चुफाल, चैंपियन,पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सहित कई ऐसा नेता है जो समय-समय पर अपनी ही पार्टी और सरकार के खिलाफ बयानवाजी कर राजनीतिक हलकों में सुर्खियां बटोरते रहे हैं। इस बार मामला भाजपा के लिए पीएम मोदी के नाम का जिक्र होने के कारण संवेदनशील हो गया है।
बता दें कि उत्तराखंड राज्य में भाजपा की राजनीतिक स्थिति मजबूत मानी जाती है। दूसरी ओर समय-समय पर पार्टी के भीतर से उठने वाली नाराजगी की आवाजें नेतृत्व के लिए चुनौती बनती रही हैं। इसी कड़ी में अब अजेंद्र अजय का बयान चर्चा का विषय बन गया है, जो अंदरूनी असंतोष का परिणाम है। चुनावी साल में पार्टियों में खींचतान लगी रहती है। कभी कांग्रेस तो कभी भाजपा में यह स्थिति बनना आम बात है। इस बार चुनाव से पहले भाजपा में खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। बीकेटीसी के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता अजेंद्र अजय के एक बयान ने न केवल पार्टी के अंदर हलचल मचा दी है, बल्कि विपक्ष को भी भाजपा पर हमला करने का मौका दे दिया है।
ज्ञात हो कि अजेंद्र अजय वाले प्रकरण में खास बात यह रही कि अजेंद्र ने अपनी नाराजगी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान से भी जोड़ा, जिसमें उन्होंने कहा था कि आने वाला दशक उत्तराखंड का दशक होगा। अजेंद्र अजय का कहना था कि यदि सच में राज्य के लिए यह दशक महत्वपूर्ण बनने वाला है, तो राज्य में व्यवस्थाओं और कामकाज में भी उसी स्तर की गंभीरता दिखाई देनी चाहिए। अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ाकर अजेंद्र ने जहां पार्टी के अंदर हलचल पैदा कर दी है। वहीं दूसरी ओर विपक्ष को भी हमलावर होने का मौका दे दिया है।
मामले में कांग्रेस ने एंट्री
भाजपा में हलचल के बीच कांग्रेस सक्रिय होकर सरकार और भाजपा को घेरने की रणनीति बना रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस पूरे घटनाक्रम को भाजपा के भीतर बढ़ती नाराजगी का संकेत बताया है। उन्होंने कहा कि अजेंद्र अजय ने जो कहा है, वह केवल उनकी व्यक्तिगत राय नहीं है, बल्कि भाजपा के कई कार्यकर्ताओं की भावना को दर्शाता है।




