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महिला सुरक्षा मुद्दे पर सरकार फेलः कांग्रेस

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  • भाजपा सरकार पर लगाए अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप
  • दून से लेकर कोटद्वार, चमोली व अल्मोड़ा तक प्रदर्शन व पुतला दहन

देहरादून। इन दिनों पूरे देश में महिलाओं पर किए जाने वाले अत्याचारों को लेकर भारी जनाक्रोश देखा जा रहा है। कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ रेप और हत्या की घटना के बाद महाराष्ट्र और यूपी ही नहीं उत्तराखंड में भी इस तरह की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं जिन्हें लेकर आम जनमानस में भारी नाराजगी है तथा विपक्ष कांग्रेस महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे को लेकर सड़कों पर है। राजधानी दून से लेकर चमोली, कोटद्वार, अल्मोड़ा तक आज आम जनता और कांग्रेसियों ने सड़कों पर उतरकर धरने प्रदर्शन व सरकार के पुतले फूंके।
राजधानी दून में महानगर अध्यक्ष जसविंदर गोगी के नेतृत्व में महिला कांग्रेस के कार्यकर्ताओं व तमाम नेताओं ने सड़कों पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और सरकार का पुतला फूंका। इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर पूरी तरह विफल साबित हुई है। उनका कहना है कि उत्तराखण्ड में अंकिता भंडारी हत्याकांड से लेकर आईएसबीटी पर बस में नाबालिक के साथ सामूहिक दुष्कर्म तथा रुद्रपुर में एक महिला नर्स के साथ दुष्कर्म व उसकी हत्या के बाद अब अल्मोड़ा में भाजपा के मंडल अध्यक्ष द्वारा नाबालिक से छेड़छाड़ जैसे अनेक तमाम मामले आए दिन प्रकाश में आ रहे हैं। जो सरकार की असफलता का सबूत है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि महिला अपराधों में वृद्धि इसलिए हो रही है क्योंकि अपराधियों को सरकार का संरक्षण प्राप्त है और खुद भाजपा के नेताओं की संलिप्तता इन मामलों में रही है।
उधर कोटद्वार में प्रदर्शन के दौरान बलवीर सिंह रावत ने कहा कि भाजपा सरकार को इन तमाम मामलों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर आरोपियों को सजा दिलानी चाहिए। उनका कहना है कि सरकार लव जिहाद के खिलाफ सख्त कानून बनाने का ढोल पीट रही है लेकिन पहाड़ की बहू—बेटियों को बहला फुसला कर उनकी इज्जत आबरू से अभी भी खिलवाड़ किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पहले भाजपा मुख्यमंत्री बदलने और पेपर लीक मामलों के लिए मशहूर थी अब उसमें महिला अपराध और जुड़ गए हैं। कांग्रेस नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी है कि बेटी बचाओ का नारा छोड़कर वह महिला और बेटियों के लिए जमीन पर उनकी सुरक्षा के लिए काम करके दिखाएं अन्यथा वह और उग्र आंदोलन पर मजबूर होंगे।

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