- चार बदमाशों को भेजा जेल
चमोली। बीती 8 दिसंबर की ठंडी और अंधेरी रात को हापला—गोपेश्वर रोड पर टीएचडीसी की निर्माणाधीन हाईटेंशन विघुत लाइन को निशाना बनाकर बैठे शातिर चोरों को अंदाजा भी नहीं था कि यह वारदात उनकी अपराधी कहानी का आखरी अध्याय बन जाएगी। जैसे ही थाना पोखरी पुलिस को चोरी की सूचना मिली, फोर्स तुरंत मौके पर पहुँची। खुद को बचाने के चक्कर में चोर अपनी पिकअप वाहन को मौके पर ही छोड़कर भाग खड़े हुए। यही गाड़ी बनी सबूत, और यहीं से शुरू हुआ शातिर गैंग का अंत। वाहन नंबर ट्रेस होते ही पुलिस की जांच में चार नाम उभरकर सामने आए नदीम, सलीम, शहजाद और दानिश (निवासी बिजनौर, उत्तर प्रदेश)।’ जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इन चारों ने 8 दिसम्बर की रात एक मोटरसाइकिल चोरी को भी अंजाम दिया था।
इन वारदातों में थाना पोखरी में मुकदमा पंजीकृत किए गए। विवेचना में चौंकाने वाला सच सामने आया, ये चारों कोई छोटे—मोटे चोर नहीं, बल्कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में सक्रिय कुख्यात गैंग के सदस्य हैं, जिनके खिलाफ अलग—अलग थानों में कुल 23 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी शहजाद के विरुद्ध विभिन्न थानों में चोरी, जुआ अधिनियम, एनडीपीएस एक्ट, पशु क्रूरता अधिनियम, आयुध अधिनियम, हत्या का प्रयास, गौवंश अधिनियम, गैंगस्टर अधिनियम एवं गौवध निवारण अधिनियम के अंतर्गत कुल 15 अभियोग पंजीकृत हैं। आरोपी नदीम के विरुद्ध चोरी, मारपीट, पशु क्रूरता अधिनियम, गौहत्या निवारण अधिनियम एवं आयुध अधिनियम के अंतर्गत कुल 4 अभियोग दर्ज हैं। आरोपी सलीम के विरुद्ध चोरी के 2 अभियोग तथा आरोपी दानिश के विरुद्ध भी चोरी के 2 अभियोग विभिन्न थानों में पंजीकृत पाए गए हैं। गैंग बनाकर वारदात करना इनकी पहचान बन चुकी थी। इसी आधार पर थाना पोखरी में इनके विरुद्ध गैंगेस्टर एक्ट के अंतर्गत मुकदमा भी पंजीकृत किया गया। मामले में पहले शहजाद, सलीम और दानिश पुलिस के हत्थे चढ़े और सीधे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिए गए। बीती शाम पोखरी पुलिस ने चौथे और आखरी मोहरे नदीम पुत्र नफीस निवासी अकबराबाद जिला बिजनौर को भी धर दबोचा। उसकी निशानदेही पर चोरी किए गए बिजली के तार बरामद कर लिए गए। आरोपी दानिश उर्फ मुन्ना पहले भी चमोली में चोरी के मामले में जेल जा चुका था। जमानत पर बाहर आकर फिर फरार हो गया, जिस पर न्यायालय से गैर—जमानती वारंट तक जारी हो चुका था।




