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चम्पावत सामुहिक दुष्कर्म प्रकरणः पीड़िता अपने बयान से पलटी, वहीं साजिशकर्ता भी हुआ बेनकाब!

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  • कांग्रेस, उक्रांद ने फूंका सरकार का पुतला, कहा उच्च स्तरीय जांच हो

चम्पावत। सल्ली क्षेत्र की नाबालिग से सामुहिक दुष्कर्म के आरोपो का पुलिस जांच में फर्जी करार दिया गया है। वहीं सोशल मीडिया में पीड़िता व उसके चचेरे भाई का एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें उनके द्वारा सारा मामला ही गलत बता दिया गया है। वहीं इस प्रकरण में आज कांग्रेस व उंक्राद द्वारा सरकार का पुतला फूंकते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की गयी है। वहीं मामले में पुलिस द्वारा पीड़िता का वीडियो बयान जारी करने पर बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षा डॉ गीता खन्ना की आपत्ति जताते हुए कहा है कि यह गलत है।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आया कि पीड़िता ग्राम सल्ली में हुए विवाह समारोह में अपनी इच्छा से अपने दोस्त के साथ गयी थी। साथ ही उस दिन कमल, पीड़िता व उसकी महिला मित्र के साथ बार बार फोन पर सम्पर्क होना पाया गया। पुलिस का दावा है कि जांच में यह भी सामने आया कि घटना स्थल के आस पास आरोपी विनोद सिंह रावत, पूरना सिंह रावत व नवीन सिंह रावत मौजूद नहीं थे। पुलिस का कहना है कि यह सारी साजिश कमल रावत जो कि पीड़िता की पैरवी कर रहा था उसकी रची हुई थी।
वहीं मामले में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल व अन्य कांग्रेसिंयो का कहना है कि भाजपा इस प्रकरण को भी अंकिता भंडारी मामले की तरह दबाना चाहती है क्योंकि इस मामले में भाजपा नेता व पूर्व मण्डल उपाध्यक्ष पूरन सिंह रावत का नाम सामने आया है। जिस कारण भाजपा असहज हो गयी है। उन्होने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। वहीं आज इस मामले को लेकर उक्रांद कार्यकर्ता भी सड़कों पर उतर आये और उन्होने सरकार का पुतला फूंकते हुए जांच की मांग की है। उक्रंाद के नेताओं का कहना है कि प्रशासन इस मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है।
पीड़िता के चचेरे भाई व पीड़िता का एक वीडियों सोशल मीडिया मे वायरल हुआ है जिसमें वह पूर्व में लगाये गये सभी आरोपों यानि सामूहिक दुष्कर्म मामले को फर्जी करार देते हुए भाजपा के पूर्व मडंल अध्यक्ष कमल रावत पर आरोप लगा रहे है कि यह सारी साजिश उनके द्वारा रची गयी थी। वहीं पुलिस द्वारा पीड़िता का वीडियो बयान जारी करने पर बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षा डॉ गीता खन्ना की आपत्ति जताते हुए कहा है कि यह गलत है।

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