May 4, 2026देहरादून। मसूरी में बीती देर शाम मॉल रोड बैरियर पर जबरदस्त हंगामा हो गया। दिल्ली से आए एक पर्यटक ने प्रतिबंधित समय में मॉल रोड के अंदर वाहन ले जाने की जिद पकड़ ली। विवाद इतना बढ़ गया कि पर्यटक दंपति और स्थानीय दंपति के बीच जमकर मारपीट हो गई। घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और पुलिस को स्थिति संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। दोनों दंपतियों के बीच जमकर गाली—गलौज और लात—घूंसे चले। स्थानीय लोगों और पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद दोनों को अलग किया।प्राप्त जानकारीं के अनुसार, दिल्ली से आया पर्यटक अपनी पत्नी और बच्चों के साथ मॉल रोड बैरियर पर पहुंचा था। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने उसे बताया कि प्रतिबंधित समय में मॉल रोड पर वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद है और वाहन को पार्किंग में खड़ा कर पैदल जाना होगा। लेकिन पर्यटक वाहन अंदर ले जाने की जिद पर अड़ गया। बताया जा रहा है कि पर्यटक ने बैरियर के पास ही वाहन खड़ा कर दिया और करीब साढ़े पांच घंटे तक वहीं बैठा रहा, जिससे सड़क पर लंबा जाम लग गया। देर शाम स्थानीय दंपति और लोग वहां पहुंचे और सड़क से वाहन हटाने का अनुरोध किया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। आरोप है कि पर्यटक और उसकी पत्नी वाहन से उतरकर स्थानीय व्यक्ति पर चप्पलों से हमला करने लगे, जिसके बाद उसकी पत्नी भी उलझ पड़ी। दोनों पक्षों के बीच जमकर लात—घूंसे चले। महिलाओं के बीच भी धक्का—मुक्की और हाथापाई हुई। घटना के दौरान मॉल रोड बैरियर क्षेत्र में अफरा—तफरी का माहौल बन गया और लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर मसूरी पुलिस मौके पर पहुंची और काफी प्रयास के बाद दोनों पक्षों को शांत कराया। बाद में पुलिस दोनों पक्षों को मसूरी कोतवाली ले गई, जहां देर रात तक एक—दूसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को लेकर बहस चलती रही। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पर्यटन सीजन में बढ़ती अव्यवस्था और नियमों की अनदेखी पर चिंता जताई है।
May 4, 2026हरिद्वार। पुरानी रंजिश के चलते बिनारसी गांव मेंं हुई हत्या के मामले में लम्बे समय से फरार चल रहे दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बिनारसी गांव में रविदास जयंती के दिन दो हत्यायें हुई थी जिसमें दोनो पक्षों की ओर से हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था।बीती 1 फरवरी को रविदास जयंती शोभायात्रा सकुशल संपन्न होने के उपरान्त शाम को समय करीब पांच बजे पुरानी रंजिश को लेकर आरोपी विशाल द्वारा अपने सह आरोपियों के साथ मिलकर गाँव के ही युवक आनंद की गोली मारकर ह्त्या कर दी थी। जिसके पश्चात आनंद के परिजनों व उसके परिवार के अन्य लोगों द्वारा आक्रोशित होकर विशाल पक्ष के मांगेराम पुत्र चमनलाल उम्र 55 वर्ष की लाठी डंडों से पीटकर ह्त्या कर दी गयी थी तथा विशाल पक्ष के लोगों के घरों में आगजनी कर तोडफोड़ कर शान्ति व्यवस्था भंग की गयी थी। जिस पर दोनों पक्षों की तहरीर पर थाना भगवानपुर पर सम्बंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कए गए। मृतक मांगेराम के पुत्र जोनी की तहरीर पर आरोपी अनुज पुत्र चन्द्रपाल, टिकू पुत्र समय सिंह, रोहित पुत्र पदम, असकेन्द्र पुत्र रामपाल, अवनेश उर्फ हनुमान पुत्र गिरधारी लाल, मोहित पुत्र मुनेश, विकास पुत्र लक्ष्मीचन्द देशराज पुत्र बुद्धु राणा, अशोक पुत्र अतर सिंह, रामानन्द पुत्र इलमचन्द, बबलेश पुत्र सतपाल, भवानी पुत्र पाले राम, हुस्रलाल पुत्र अतर सिंह, प्रमोद पुत्र शोभाराम, अक्षय पुत्र पप्पू, सुनील पुत्र पदम, भूपेन्द्र पुत्र रामपाल, जोनी पुत्र सूरत सिंह अन्य निवासी गण बिनारसी के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया। मृतक आनंद के पिता लक्ष्मीचंद की तहरीर पर आरोपी विशाल पुत्र शेर सिंह, हिमांशु पुत्र तराचंद, सौरभ पुत्र मनीराम, विनीत पुत्र देशपाल, निखिल पुत्र टीटू, विकसित पुत्र टीटू, प्रिंस पुत्र शेर सिंह के विरुद्ध थाना भगवानपुर पर मुकदमा पंजीकृत किया गया था तथा जिस पर गाठित पुलिस टीम द्वारा कार्यवाही करते हुये दोनो पक्षो से वर्तमान तक 17 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था। घटना में फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी। जिनमें से दो बदमाशों मनीष पुत्र रामबतोरा निवासी ग्राम बिनारसी थाना भगवानपुर जनपद हरिद्वार उम्र 42 वर्ष व सुमित पुत्र लाखन सिंह को चुडियाला ईट भटृे के पास से गिरफ्तार कर लिया गया है।
May 4, 2026बीते एक दशक से देश की राजनीति में क्या कुछ हो रहा है? भले ही आम आदमी के समय से परे रहा हो लेकिन अब उसकी समझ में सब कुछ आने लगा है। देश के राजनीतिक दल और नेता चुनावी नतीजों में उलझे हैं वहीं दूसरी ओर देश में महंगाई और बेरोजगारी की समस्या दस्तक दे रही है यह समस्या कितनी अधिक गंभीर और भ्ौयावह रूप ले चुकी है इसका अभी किसी को भी अनुमान नहीं है। किसी राष्ट्र के लिए एनर्जी की क्या महत्त्ता है? यह बात किसी के भी तब तक समझ नहीं आ सकती है जब तक स्थिति सामान्य हो। असामान्य होते ही हालात ने देश में यह एनर्जी संकट इतना गंभीर होने वाला है कि इसके प्रभाव से क्या आम और क्या खास कोई भी व्यक्ति बच नहीं सकता है। तेल और गैस की कीमतों में होने वाली इस असामान्य मूल्य वृद्धि से उघोग धंधों का चौपट होना और इन औघोगिक इकाइयों में काम ठप होने से लोगों की नौकरियां जाने से लेकर होटल—रेस्टोरेंट और पर्यटन से जुड़े व्यवसाययों पर इसका अत्यंत ही प्रतिकूल प्रभाव पड़ना शुरू हो गया है। चाय से लेकर भोजन की थाली तक की कीमतों में 20 से 30 फीसदी तक का इजाफा हो चुका है। तथा अभी इसमें और अधिक वृद्धि के आसार दिखाई दे रहे हैं क्योंकि अभी सिर्फ खाना पकाना ही महंगा हुआ है पेट्रोल और डीजल की कीमतों में होने वाली वृद्धि से अब सामान की ढुलाई और यात्री किराए में भारी बढ़ोतरी होने तक तय है। चुनाव के कारण अब तक सरकार ने पेट्रोल डीजल की कीमतों में वृद्धि को रोका हुआ था। लेकिन चुनाव के नतीजे आते ही अब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 25 से 35 रूपये प्रति लीटर तक वृद्धि संभावित है जिसके कारण आम उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में भी भारी उछाल आएगा। पहले से महंगाई व बेरोजगारी की मार झेल रहे आम आदमी के लिए यह स्थिति असहनीय होने तक जा सकती है। देश में बड़ी संख्या में गरीबों की रेखा से नीचे जीने वाले और भुखमरी के शिकार लोगों की संख्या में 80 से 90 लाख लोग बढ़ सकते हैं। खास बात यह है कि बीते 11 सालों से देश की सत्ता पर काबिज भाजपा की सरकार और नेताओं द्वारा देश के लोगों से देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को लगातार छुपाया जा रहा है। सरकारी आंकड़ों में भले ही सब कुछ हरा ही हरा क्यों ना दिख रहा हो लेकिन आंतरिक हालात बेहद ही खराब होते जा रहे हैं। रुपए की कीमत अगर डॉलर के मुकाबले शुन्य पर जाने जैसी स्थिति हो तो आपको आयात की निर्भरता बहुत ही अल्पकाल में दिवालिया बना सकती है। मगर बीते 10 सालों में भाजपा के नेताओं ने इस तरफ कतई भी ध्यान नहीं दिया उनके लिए राजनीति का अर्थ सिर्फ और सिर्फ चुनाव लड़ने और चुनाव कैसे जीतना है तक ही सीमित रहा है। उनके लिए राजनीति का अर्थ राष्ट्र नीति कभी नहीं रहा है जहां समाज के कल्याण के लिए योजनाएं और नेीतियों का निर्माण किया जाता है। बीते एक दशक से भाजपा ने सिर्फ अपनी चुनावी जीत सुनिश्चित करने वाली नीतियों को ही प्राथमिकता दी है। जिसका खामियाजा अब पूरे देश को भोगना पड़ रहा है।
May 4, 2026देहरादून। दहेज में मोटरसाईकिल न मिलने पर पत्नी की गला घोंटकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसको न्यायालय में पेश किया जहां से उसको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में सम्पूर्ण जनपद में प्रचलित ट्टऑपरेशन प्रहार’ के अन्तर्गत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा सभी अधिनस्तो को अपने—अपने क्षेत्रों में लगातार सघन चैकिंग/सत्यापन अभियान चलाते हुए आपराधिक गतिविधियों में लिप्त तथा वांछित/फरार आरोपियों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। इसी क्रम में लाल मोहम्मद पुत्र सिराजुद्दीन निवासी ग्राम शारदा नगर सुहेला टापर पुरवा पो. चकई, थाना शारदा, जिला लखीमपुर, उ.प्र. द्वारा थाना सेलाकुई पर सूचना दी कि उनके दामाद आरिफ अली पुत्र वारिश अली ने उनकी पुत्री शाहीन बानो जिसकी शादी को वर्ष 2025 मे हुई थी को दहेज के लिए प्रताडित कर चुन्नी से गला घोटकर हत्या कर दी है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। घटना की सवेंदनशीलता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी हेतु थाना सेलाकुई पर गठित पुलिस टीम को आवश्यक निर्देश दिये गये। आरोपी की गिरफ्तारी हेतु थाना सेलाकुई पर गठित पुलिस टीम द्वारा सुरागरसी पतारसी करते हुए साथ ही आरोपी के सभी सम्भावित स्थानों पर दबिशें दी गई। पुलिस टीम द्वारा किये जा रहे लगातार प्रयासों के परिणाम स्वरूप मिली सूचना पर फरार/वांछित आरोपी आरिफ अली को सेलाकुई बाजार क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी द्वारा बताया गया कि वह दिहाडी मजदूरी का कार्य करता है तथा वर्ष 2025 मे उसका विवाह शाहिन बानो पुत्री लाल मोहम्मद निवासी ग्राम शारदा नगर सुहेला टापर पुरवा पो. चकई थाना शारदा जिला लखीमपुर उ.प्र. के साथ हुआ था। विवाह में उसके ससुराल वालो ने न तो उसे दहेज दिया था और न ही शादी में उसकी किसी प्रकार की सहायता की थी। एक माह पूर्व आरोपी अपनी पत्नी के साथ काम के लिये सेलाकुई आया था तथा जमनपुर मे किराये का कमरा लेकर अपनी पत्नी के साथ रहने लगा। आरोपी सेलाकुई में दिहाडी मजदूरी तथा उसकी पत्नी डिक्सन कम्पनी मे काम करने लगी। इस दौरान आरोपी का अक्सर दहेज में मोटर साइकिल नही देने को लेकर अपनी पत्नी के साथ विवाद होता रहता था तथा उसे शक था कि उसकी पत्नी किसी अन्य व्यक्ति से भी बात करती है। घटना के दिन इसी बात को लेकर दोनो के बीच झगडा हो गया तथा मृतका द्वारा आरोपी को लात मारने पर आरोपी द्वारा चुन्नी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी तथा अपने रिश्तेदारों व आस—पास के लोगों को तबियत खराब होने के कारण उसकी पत्नी की मृत्यू होना बताया गया।
May 4, 2026देहरादून। भाजपा नेता व विधायक अरविन्द पाण्डेय ने कहा कि उनके नाम से जो पत्र वायरल हुआ है उससे उनका कोई लेना देना नहीं है।आज यहां भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए अरविन्द पाण्डेय न े कहा कि देश को कमल के फूल की आवश्यकता है। आज पांच राज्यों में हुए चुनाव परिणामों ने इसे सिद्ध कर दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने जो पत्र वायरल किया है उससे उनका कोई लेना देना नहीं है। वह पत्र गलत है तो उसमें लिखी बातें भी गलत ही होगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सोशल मीडिया में वायरल पत्र से उनका कोई लेना देना नहीं है।विदित हो कि इन दिनों भाजपा विधायक अरविंद पाण्डेय व सरकार के बीच अंदरूनी खींचतान चल रही है। पिछले दिनों भाजपा विधायक का खनन को लेकर सरकार से कुछ मनमुटाव हुआ था जिसके बाद उनका एक कार्यालय को प्रशासन द्वारा नोटिस जारी कर उसे अवैध करार दिया गया था। ऐसे में उनके नाम से एक पत्र सोशल मीडिया में जारी होने पर उन्होने आज राजधानी देहरादून स्थित प्रदेश कार्यलय में पत्रकार वार्ता कर इस पत्र के विषय में खंडन जारी कर दिया गया है।
May 4, 2026केरल में उलटफेर, असम-पाडुचेरी में एनडीए का दबदबा परिणामों से बदला पावर बैलेंस, दलों के लिए नई चुनौती विस चुनाव परिणामों में दिख गया मतदाता का बदला मूड त्वरित टिप्पणीपश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों ने देश की राजनीति की दिशा बदलने की उम्मीद है। पांच राज्यों के चुनावी समर में जहाँ पश्चिम बंगाल में सत्ता का ऐतिहासिक परिवर्तन देखने को मिल रहा है, वहीं तमिलनाडु में फिल्मी पर्दे से राजनीति में उतरे अभिनेता विजय ने सबको चौंका दिया है।पांच राज्यों में हुए विधानसभा के चुनाव परिणाम के रुझानों के अनुसार इस बार सबसे बड़ा उलटफेर पश्चिम बंगाल में होने वाला है, जहाँ भाजपा ने दो-तिहाई बहुमत के साथ टीएमसी के 15 साल के शासन को उखाड़ फेंकने की दिशा में आगे बढ़ रही है। रुझानों के अनुसार बीजेपी 190 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज की ओर है। सोनार बांग्ला के नारे ने इस बार जमीन पर काम किया और ममता बनर्जी का खेला उन पर ही भारी पड़ता नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की हार की संभावना और तृणमूल के बड़े मंत्रियों का पिछड़ना इस बात का संकेत है कि जनता ने पूरी तरह से बदलाव के लिए वोट किया है।दूसरी ओर दक्षिण भारत की राजनीति में आज एक नया सितारा उभरा है। अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्टी कड़गम ने अपने पहले ही चुनाव में द्रविड़ राजनीति के दिग्गजोंकृको कड़ी टक्कर दी है। उनकी पार्टी 100 से ज्यादा सीटों पर आगे चल रही है, जिससे एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता से बाहर होती दिख रही है। इसके साथ ही केरल में हर पांच साल में सत्ता बदलने का रिवाज फिर से लौटने वाला है। पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली एलडीएफ को इस बार बड़ी शिकस्त मिल रही है। यहां लोगों ने एंटी-इंकंबेंसी और भ्रष्टाचार के मुद्दों ने केरल की जनता को विकल्प चुनने पर मजबूर किया।पूर्वाेत्तर में बीजेपी का किला अभेद्य बना हुआ है। असम में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में बीजेपी गठबंधन ने 80 से अधिक सीटें जीतकर हैट्रिक की ओर है। वही पाडुचेरी में यहाँ एन. रंगासामी की पार्टी और बीजेपी गठबंधन फिर से सरकार बनाने जा रही है।बता दें कि पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम से बंगाल में बीजेपी की जीत और तमिलनाडु में विजय का उदय आने वाले 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए एक नया नैरेटिव तैयार हो रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अभी तक के चुनाव परिणाम आने वाले राष्ट्रीय चुनावों के लिए संकेतक साबित हो सकते हैं, जहां भाजपा अपने संगठन विस्तार और योजनाओं के दम पर आगे बढ़ने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्षी दल इन नतीजों से सीख लेकर अपनी रणनीति को धार देंगे। पांच राज्यों के चुनाव परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय लोकतंत्र में मतदाता का मिजाज तेजी से बदल रहा हैकृऔर यही बदलाव आने वाले समय में राजनीति की दिशा तय करेगा।