संपादकीय

सूदखोरों के शिंकजे में फंसा दून

भले ही आम आदमी को सूदखोरो के उत्पीड़न से निजात दिलाने के लिए सरकारी स्तर पर बैंको के राष्ट्रीयकरण से लेकर साहुकारी अधिनियम लाने...

व्यवस्था बदलने की जरूरत

यह अत्यंत ही खेदजनक है कि अलग राज्य बनने के 23 सालों में भी सूबे की सरकारों द्वारा चार धाम यात्रा को सुचारू ढंग...

यह कैसा भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस?

भले ही सत्ता में बैठे लोगों द्वारा भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का ढोल पीटा जाता रहे लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि जो भी...

किसकी जीत, किसकी हार

लोकसभा चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा और एनडीए के नेता इस बात को लेकर खुश है कि वह लगातार तीसरी बार सत्ता पर...

सभी लड़ रहे हैं अस्तित्व की लड़ाई

लोकसभा चुनाव निपट चुका है। भाजपा और एनडीए ऐन केन प्रकारेण लगातार तीसरी बार सत्ता पर कब्जा बनाए रखने में भी सफल हो चुकी...

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