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बीजेपी का ‘आल इज वेल’ गेम प्लान

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  • भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे से पहले भाजपा नेताओं की जुगलबंदी दिखी
  • मुख्यमंत्री आवास से निकली तस्वीरों ने बदल गई है उत्तराखंड में सियासी हवा
  • लंबे समय बाद त्रिवेंद्र रावत पहुंचे सीएम हाउस, अनिल बलूनी संग बनी रणनीति
  • उत्तराखंड भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले चली एकजुटता की बड़ी चाल

देहरादून। सियासत में तस्वीरें सिर्फ यादों के लिए नहीं, बल्कि बड़े संदेशों के लिए खींची जाती हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के तीन दिवसीय उत्तराखंड प्रवास से ठीक पहले मुख्यमंत्री आवास से निकली तस्वीरों ने उत्तराखंड की राजनीति में एक नई इबारत लिख दी है। लंबे समय से सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बनी दूरियों पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक डिनर डिप्लोमेसी के जरिए पूर्णविराम लगा दिया है। सूत्र बताते हैं कि सीएम आवास का माहौल सामान्य से अलग था। काफी लंबे अर्से बाद पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत मुख्यमंत्री आवास पहुंचे जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद गर्मजोशी से उनकी अगवानी की। इसके साथ ही गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने भी सीएम से वार्ता कर कई विषयों पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परंपरा और शिष्टाचार का निर्वहन करते हुए पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत का शाल ओढ़ाकर गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें पौधा भी भेंट किया जो संगठन के भीतर नई ऊर्जा और विकास के अंकुर फूटने का प्रतीक माना जा रहा है। इस दौरान दोनों नेताओं के चेहरे की मुस्कान ने विपक्षी खेमे में चल रही अंदरूनी कलह की चर्चाओं पर विराम लगाने का काम किया है। डिनर के साथ ही मुख्यमंत्री आवास पर एक उच्च स्तरीय संगठनात्मक बैठक भी हुई। इस बैठक की अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री के अलावा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार भी मौजूद रहे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि त्रिवेंद्र सिंह रावत का सीएम आवास पर इस तरह सक्रिय दिखना भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसमें वह अपने हर बड़े चेहरे को एक साथ मंच पर लाना चाहती है। जब पार्टी के दो दिग्गज और निर्णायक चेहरे वर्तमान और पूर्व सीएम एक साथ डिनर टेबल पर बैठकर राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे की रणनीति तैयार कर रहे हों तो यह सीधे तौर पर कार्यकर्ताओं के लिए अनुशासन और एकजुटता की लक्ष्मण रेखा है।
सूत्रों के अनुसार डिनर के साथ चली लंबी गुफ्तगू में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के आगामी तीन दिवसीय दौरे के एक-एक बिंदु पर बारीकी से चर्चा की गई। संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल कैसे रहे, इस पर वरिष्ठ नेताओं ने अपने अनुभव साझा किए। पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और धामी की साथ-साथ डिनर करती तस्वीर ने विपक्ष के उन दावों को हवा में उड़ा दिया है, जिनमें भाजपा के भीतर गुटबाजी की बात कही जा रही थी। आज से शुरू हो रहे राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रवास के दौरान होने वाली अहम बैठकों का एजेंडा भी इस डिनर टेबल पर फाइनल किया गया। इसके साथ ही गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने कुछ दिन पूर्व भाजपा से नाराज चल रहे अरविंद पांडे के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की और उसके बाद देहरादून में सीएम धामी से मुलाकात कर कई विषयों पर चर्चा की।
राजनीतिक पंडितों का मानना है कि नितिन नबीन के दौरे से ठीक पहले भाजपा ने अपने अंतर्विरोधों पर मरहम लगा लिया है। त्रिवेंद्र सिंह रावत जैसे दिग्गज नेता का सीएम आवास पहुंचना और मुख्यमंत्री का उन्हें ससम्मान शाल ओढ़ाकर स्वागत करना यह दर्शाता है कि पार्टी के भीतर अब सब कुछ दुरुस्त है। नितिन नबीन के दौरे से पहले भाजपा ने अपने आंतरिक मोर्चों को पूरी तरह सुरक्षित कर लिया है। मुख्यमंत्री धामी की डिनर डिप्लोमेसी ने न केवल वरिष्ठों का सम्मान सुनिश्चित किया है, बल्कि संगठन के उन कील-कांटों को भी निकाल फेंका है जो भविष्य की राह में बाधा बन सकते थे। अब भाजपा पूरी ताकत और एकजुटता के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत करने और 2027 की बिसात बिछाने के लिए तैयार खड़ी है।

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