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बढ़ते आंकड़ें चिंताजनक

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उत्तराखण्ड में हर दिन बढ़ते आंकड़ों के बावजूद लोग सबक लेने को तैयार नहीं है। राज्य में इस समय संक्रमिताें का आंकड़ा 350885 पर पहुंच चुका है। तब भी लोग यह मानने को तैयार ही नहीं है कि उनको सर्तकता बरतने की जरूरत है। किसी को कोविड गाइडलाइन का पालन करने की सलाह दी जाए तो वह यही कहता नजर आता है कि उन्हें कुछ नहीं होगा। इसी फेर में वे खुद तो संक्रमित हो जाते हैं और अपने परिजनों को भी खतरे में डाल रहे हैं। इस समय कोरोना के नये वैरियंट ओमीक्रोन घातक रूप में सामने आया है। इस वैरियंट से विदेशों में बढ़ते कहर देखने के बावजूद लोग इसके प्रति संवेदनशील नहीं है। बाजारों में लग रही भीड़ यह साबित करती है कि लोगों को संक्रमण की परवाह नहीं है। पिछले दिनों क्रिसमस व नये साल की पार्टी को लेकर प्रशासन हिदायतें देता रहा, चेतावनी दी गई इसके बावजूद कई स्थानों पर पार्टियां हुई जिसके खिलाफ पुलिस ने कार्यवाही भी की। वर्तमान में सबसे चिंताजनक आंकड़े देहरादून में हैं। यहां पर संक्रमितों के आंकड़े सबसे ज्यादा आ रहे हैं। दिल्ली में कोरोना के चलते साप्ताहिक कर्फ्यू लगाया गया है। जबकि उत्तराखण्ड में हालात चिंताजनक होते जा रहे हैं। उस पर पर्यटकों का आवागमन भी आकड़ों को बढ़ाने का कारण बन रहा है। पर्यटकों को कोविड रिपोर्ट लानी जरूरी है लेकिन अब इस रिपोर्ट को भी कोई नहीं पूछ रहा है और पर्यटक मसूरी तक पहुंच जा रहे है। नये साल की पूर्व पुलिस द्वारा ऐसे ही पर्यटकों को वापस लौटाया गया जिनके पास कोविड रिपोर्ट नहीं थी। उस पर आलम यह है कि यह लोग यहां पर आ कर कोविड गाइड लाइन का पालन ही नहीं करते हैं। पर्यटक स्थलों में ऐसे कई मामले सामने आ रहे है कि जब पर्यटक पुलिसकर्मियों द्वारा टोके जाने पर उनसे उलझते नजर आते हैं लेकिन मास्क लगाने या सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की जरूरत नहीं समझते हैं। खासकर दिल्ली से आने वाले पर्यटक इस तरह से भिड़ते हुए नजर आते हैं जबकि दिल्ली में हालात ज्यादा खराब है लेकिन पर्यटक इसे अनदेखा कर यहां आकर कोरेाना नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। इनके साथ ही स्थानीय लोग भी कोरोना संक्रमण के प्रति सचेत नहीं है।

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