देहरादून। एक दैनिक समाचार पत्र के देहरादून संस्करण में 18 अगस्त 2026 को प्रकाशित खबर “अब गियर वाली मोटर साइकिल के लाइसेंस पर नहीं चलेगी स्कूटी” को लेकर परिवहन विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई है। विभाग के अनुसार, समाचार में दी गई जानकारी मोटरयान अधिनियम, 1988 में वर्तमान में प्रभावी प्रावधानों के अनुरूप नहीं है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से अधिसूचना संख्या का.आ. 4100(अ), दिनांक 24 जुलाई 2026 के माध्यम से जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अधिनियम, 2026 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत उक्त अधिनियम की अनुसूची की क्रम संख्या 51 में उल्लिखित मोटरयान अधिनियम से संबंधित संशोधनों को 15 अगस्त 2026 से प्रभावी किया गया है।
विभाग के अनुसार, जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 8 की उपधारा (8) और धारा 9 की उपधारा (9) को विलोपित किया गया है। इन दोनों उपधाराओं में पुराने लाइसेंस के संबंध में यह व्यवस्था थी कि अधिनियम के प्रारंभ से पहले प्रभावी शिक्षार्थी अथवा चालन अनुज्ञप्ति को गियर वाली अथवा बिना गियर वाली मोटरसाइकिल चलाने के लिए प्रभावी माना जाएगा। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन उपधाराओं को हटाए जाने का प्रभाव मोटरयान अधिनियम, 1988 के लागू होने के बाद जारी किए गए गियर वाली अथवा बिना गियर वाली मोटरसाइकिल के लाइसेंसधारकों पर नहीं पड़ेगा। यानी मौजूदा लाइसेंसधारकों के अधिकारों में इस संशोधन के कारण कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसके अलावा मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 9 की उपधारा (6) में स्पष्ट प्रावधान मौजूद है। इसके तहत चालक की दक्षता का परीक्षण उस प्रकार के वाहन पर किया जाता है, जिसके लिए आवेदन किया गया है। साथ ही प्रावधान में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि गियर वाली मोटरसाइकिल चलाने की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाला व्यक्ति बिना गियर वाली मोटरसाइकिल चलाने की परीक्षा भी उत्तीर्ण माना जाएगा। विभाग का कहना है कि इस प्रावधान के अनुसार गियर वाली मोटरसाइकिल का ड्राइविंग टेस्ट पास करने वाले व्यक्ति को बिना गियर वाली मोटरसाइकिल यानी स्कूटी चलाने के लिए भी सक्षम माना जाता है।




