- हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजी समूची नगरी
हरिद्वार। धर्म नगरी हरिद्वार में सावन के दूसरे सोमवार के आखिरी दिन में डाक कांवड़ भक्तों की भीड़ अपने चरम पर है। महाशिवरात्रि पर्व पर सभी शिव भक्त अपना—अपने स्थानों पर भगवान भोले शंकर का जलाभिषेक करेंगे। अब तक लगभग 4 करोड़ शिव भक्त गंगाजल लेकर अपने—अपने राज्यों के लिए प्रस्थान कर चुके हैं। यात्रा के अंतिम पड़ाव में हरिद्वार में शिवभक्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
बता दें कि देश के कोने—कोने से श्रद्धालु गंगाजल लेने के लिए धर्मनगरी हरिद्वार पहुंच रहे हैं। उत्तराखंड सरकार की ओर से कांवड़ यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु यात्रा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने यात्रा मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था, साफ—सफाई, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं सहित अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे। कावड़ यात्रा के दौरान अपना कांवड़ यात्रा का अनुभव साझा करते हुए शिव भक्तों ने कहा कि वह हर साल गंगा जल लेने हरिद्वार आते है। इस वर्ष उत्तराखण्ड सरकार ने सभी व्यवस्थाएं अच्छी कर रखी है। इस बार कावड़ यात्रा में उत्तराखंड सरकार तथा हरिद्वार प्रशासन द्वारा कांवड़ियों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं की गई है, जिससे सभी कांवड़ियों की यात्रा को सुखमय बनाया गया है। उत्तर प्रदेश अमरोहा से सुनील कुमार ने कहा कि वह 10—15 साल से निरन्तर कांवड़ लेने हरिद्वार आ रहे हैं। इस साल जिला प्रशासन एवं उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री ने जगह—जगह मेडिकल कैंप, पानी, शौचालय, लाइट खाने की सभी व्यवस्थाएं अच्छी तरह से की गई है इसके लिए वह जिला प्रशासन एवं उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री का दिल से आभार व्यक्त करते है। कांवड़ियों के लिए उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री द्वारा सभी व्यवस्थाएं ठीक ढंग से की गई है जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त करते है। कांवड़ यात्रियों ने कहा कि इस बार यात्रा मार्गों पर सफाई व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम और पानी की सुविधा पहले से काफी बेहतर दिखाई दे रही है। शिवमय हुई धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन व पुलिस की ओर से की गई व्यवस्थाओं के लिए आभार व्यक्त किया। श्रद्धालुओं ने कहा कि बेहतर प्रबंधन और सेवाभाव के कारण कांवड़ यात्रा शिव भक्तों के लिए सुगम और सुरक्षित हो पाई है।




