- ‘साफ्ट हिदुत्व’ और ‘विकास’ का एजेंडा
- मुख्यमंत्री लगातार ले रहे हैं बडे़ फैसले, भाजपा कर रही बड़ी रैलियां
- सरकार को घेरने की रणनीति पर कांग्रेस पार्टी लगातार कार्य कर रही
- कांग्रेस के लिए पैदा कर दी हैं भाजपा सरकार ने कई नई चुनौतियां
देहरादून। प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनावी साल में एक ओर भाजपा जहां ’साफ्ट हिदुत्व’ और ’विकास’ के एजेंडे के साथ चुनाव की तैयारियां कर रही है। वही दूसरी ओर कांग्रेस के लिए भाजपा सरकार ने कई नईईचुनौतियां पैदा कर रही है। एक ओर जहां प्रदेश सरकार चुनावी मोड में आ गई है। वही कांग्रेस भी मैदान में आक्रामक होकर उतरने को तैयार है।
उत्तराखंड में भाजपा सरकार पूरी तरह चुनावी मोड में आ गई है। इसके लिए सरकार बडे़ फैसले लेने में लगी है ताकी आगामी विधानसभा चुनाव में मजबूती के साथ मैदान में उतरा जा सके। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जहां लगातार बडे़ फैसले ले रहे हैं वही भाजपा प्रदेश में बड़ी रैलियां आयोजित कर रही है। दूसरी ओर प्रमुख विपक्षी कांग्रेस भी विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तैयारी के साथ भाजपा सरकार को घेरने के लिए रणनीति पर कार्य कर रही है।
बता दें कि प्रदेश सरकार चुनावी मोड में नजर आ रही है और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार बड़े फैसले ले रहे हैं। वही भाजपा हिंदुत्व और विकास को लेकर जनता के सामने जाने की तैयारी में हैं। भाजपा जहां सरकार की उपलब्धियों को अपनी जीत में परिवर्तित करने में लगी है वही इसके लिए भाजपा प्रदेश में बडे़ नेताओं की रैलियां आयोजित करवा रही है। इसके साथ ही सूबे के अलग-अलग क्षेत्रों में महिला आरक्षण विल को लेकर भी जनसमर्थन जुटाने में लगी है। दूसरी ओर कांग्रेस बिल के विरोध में धरना और प्रदर्शन करने में लगी है। इसके साथ ही कांग्रेस सरकार की नाकामियों को लेकर मैदान में उतरने को तैयार है।
प्रदेश में सरकार द्वारा लिए गए हालिया फैसलों से यह लग रहा है कि प्रदेश सरकार चुनावी मोड में आ गई है। चुनावी साल में मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड मदरसा बोर्ड को भंग करने की एक बड़ी घोषणा की है। सरकार का कहना है कि जुलाईई 2026 से सभी मदरसों में अनिवार्य रूप से उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड का पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा, जो मदरसे इसे नहीं मानेंगे, उन्हें बंद करने की चेतावनी दी गई है। इस कदम को राज्य में शिक्षा सुधार और समान नागरिक संहिता की दिशा में एक और बड़ा कदम माना जा रहा है।
यही नहीं आगामी चुनावों को देखते हुए मुख्यमंत्री धामी काफी सक्रिय हैं। उन्होंने राज्य के 29 विधानसभा क्षेत्रों की चरणवार समीक्षा शुरू की है। इसके तहत वह लंबित घोषणाओं और विकास कार्यों का जायजा ले रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य शासन के प्रदर्शन को बेहतर बनाना और जनता के बीच सरकार की पहुंच को मजबूत करना है। चुनावी साल में सीएम धामी के सक्रिय होने से यह तो साफ हो गया है कि आगामी विधानसभा चुनाव उन्हीं के नेतृत्व में लगा जाएगा। शायद यही कारण है कि वह लगातार क्षेत्रों में जा रहे है। हालांकि विधानसभा चुनाव की अभी घोषणा होना बाकी है, लेकिन प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस भी चुनावी मोड में आ गए है।




