- कहा-बजट सत्र की अवधि लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ
- सत्र के एजेंडे और अवधि को लेकर नहीं की सभी पक्षों से चर्चा
- प्रदेश सरकार विभिन्न जन मुद्दों से बचने की कोशिश कर रही
देहरादून। विधानसभा के बाहर कांग्रेस विधायकों ने हाथों में पट्टिकाएं पकड़ कर प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक भुवन कापड़ी, हरीश धामी, प्रीतम सिंह, मनोज तिवारी और अनुपमा रावत ने भी सरकार पर निशाना साधा। उनका कहना है कि सरकार ने पहले से ही बजट सत्र की अवधि तय कर दी है, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
कांग्रेस विधायकों का कहना है कि सामान्य तौर पर विधानसभा सत्र के एजेंडे और अवधि को लेकर सभी पक्षों से चर्चा की जाती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया गया। कांग्रेस विधायकों का आरोप है कि सरकार के पास जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए कोई ठोस एजेंडा नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी, पलायन और विकास जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिन पर विधानसभा में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए। लेकिन सरकार सत्र को छोटा रखकर इन मुद्दों से बचने की कोशिश कर रही है।
विपक्ष का कहना है कि प्रश्नकाल के दौरान जनता से जुड़े कईई अहम सवाल उठाए जाने थे, लेकिन सत्र की सीमित अवधि के कारण उन पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो पाएगी। कांग्रेस विधायकों ने इसे सरकार की विफलता करार देते हुए कहा कि यदि सरकार के पास काम और एजेंडा होता तो सत्र को लंबा चलाने से परहेज नहीं किया जाता। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि सरकार बच कर जाने की कोशिश कर रही है, लेकिन हम ऐसा होने नहीं देंगे।
यूकेडी कार्यकर्ताओं ने बैरियर तोड़े, पानी की बौछार
दिवालीखाल में यूकेडी कार्यकर्ताओं ने रोकी पुलिस की गाड़ियां रोकी और इसके बाद यहां पांच बैरियर तोड़ दिए। कार्यकर्ता विधानसभा जाने की मांग पर अड़े हैं। वहीं पुलिस ने उन्हें पानी की बौछार कर हटाया। प्रदर्शन के दौरान यूकेडी कार्यकर्ता पुलिस को चकमा देकर विधानसभा तक पहुंच गए थे 10 से 15 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दिवालीखाल में यूकेडी कार्यकर्ताओं ने रोकी पुलिस की गाड़ियां। गाड़ियों में हिरासत में ले जा रहे आंदोलनकरियों को उतारा।




