- भाजपा और कांग्रेस की प्रदेश को लेकर ‘रणनीति’ अस्पष्ट
- कांग्रेस का आरोप-सरकार और संगठन में है तालमेल की कमी
- भाजपा का आरोप-कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नहीं बना पाए अपनी टीम
देहरादून। चुनावी साल में राजनैतिक दलों में घमासान न हो यह हो ही नहीं सकता है और एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप न हो यह भी नहीं हो सकता है। यही नहीं राजनैतिक दलों में ‘अंतर्कलह’ यह तो आम बात है। चुनावी साल में हर नेता अपना टिकट पक्का करना चाहता है और इसके लिए वह किसी भी ‘हद’ तक जा सकता है। यहां भाजपा और कांग्रेस की बात करें तो दोनों दलों में ‘अंतर्कलह’ साफ देखा जा सकता है। राजनैतिक दलों की प्रदेश को लेकर जो भी ‘रणनीति’ हो, लेकिन यह साफ है कि दोनों दलों में कुछ ठीक नहीं चल रहा है।
भाजपा की बात करें तो भाजपा की प्रदेश में अभी सरकार है। भाजपा के लिए विधानसभा चुनाव में जीत पक्की करने के लिए समय, संसाधन और जनता का विश्वास कायम रखने के लिए बहुत कुछ था, लेकिन प्रमुख विपक्षी कांग्रेस की माने तो संगठन और सरकार में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं हैं। अगर कांग्रेस की माने तो भाजपा में ‘अंतर्कलह’ है और इसका खामियाजा उसे आने वाले चुनाव में भुगतना होगा। यही नहीं कांग्रेस का आरोप है कि सरकार प्रदेश में ठीक काम नहीं कर रही है। इससे संगठन और सरकार के मध्य किसी भी बात को लेकर एक राय नहीं है।
बता दें कि अगर कांग्रेस के आरोपों को सही माना जाए तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। क्योंकि प्रदेश में भाजपा की सरकार है और भाजपा में कई ऐसे अच्छे नेता है जिन्हें संगठन में दूर रखा हुआ है। प्रदेश में जहां मंत्री पद खाली है और सरकार इन चार सालों में इस पर फैसला नहीं ले पायी। यह दर्शाता है कि ‘अंतर्कलह’ के कारण इस पर फाइनल मोहर नहीं लग पा रही है। इसके साथ ही भाजपा नेताओं के ‘बिगडे़ बोल’ कई बार भाजपा और सरकार के लिए मुसीबत बन रहे है। यही नहीं जिस पार्टी की सरकार सत्ता में होती है उसके कार्यकर्ता चाहते हैं कि सरकार के सत्ता में होने का उन्हें फायदा मिले, लेकिन प्रदेश में दायित्वधारियों को लेकर चर्चाएं तो होती हैं, लेकिन कुछ दिनों बाद वह चर्चा फिर बंद हो जाती है। इसका मतलब सरकार और संगठन में सब ठीक नहीं है।
दूसरी ओर कांग्रेस की बात करें तो कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष तो बदल दिया, लेकिन अभी तक कांग्रेस की टीम खड़ी नहीं हो पायी है। भाजपा के नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस अपने घर के झगडे़े से निपटे तो कांग्रेस अध्यक्ष अपनी टीम खड़ी करें, लेकिन कांग्रेस में जो ‘अंतर्कलह’ चल रहा है उससे कांग्रेस के नेता भी खुद की पार्टी के विरोध में बयानवाजी कर रहे हैं। एक ओर कांग्रेस प्रदेश सरकार पर आक्रामक हो रखी है वहीं कांग्रेस नेताओं के आपसी खींचतान से कांग्रेस की टीम खड़ी नहीं हो पा रही है। सूत्रों की माने तो कांग्रेस में हर नेता ही चाहत है कि उसे टीम में पद मिले। शायद यही कारण है कि कांग्रेस भी ‘अंतर्कलह’ का शिकार हो गई है।
सरकार और संगठन में तालमेल नहीं : यशपाल
उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता यशपाल आर्य ने भाजपा सरकार और संगठन के बीच तालमेल की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि यही वजह है कि लंबे समय से मंत्रिमंडल विस्तार नहीं हो पा रहा है। यशपाल आर्य ने कहा कि भाजपा सरकार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। पार्टी के भीतर ही कईई विधायक नाराज बताए जा रहे हैं और सरकार तथा संगठन के बीच सामंजस्य की कमी साफ दिखाई दे रही है।




