देहरादून। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने धराली आपदा पर बोलते हुए कहा कि सरकार को चाहिए की शीघ्र ही जमीनी स्तर पर कार्य करे लेकिन सरकार के पास काम करने की इच्छाशक्ति नहीं है।
आज यहां कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए गोदियाल ने कहा कि धराली में आपदा के लिए दिये जा रहे मुआवजे से कारोबारियों को दूर रखा गया है, सरकार का कहना है कि वह तो धंधा कर रहे थे तो उनको किस प्रकार मुआवजा दिया जाये। गोदियाल ने कहा कि वहां पर कोई फैक्ट्री नहीं चला रहा था सभी छोटा मोटा रोजगार कर रहे थे तो उनको मुआवजे से अलग क्यों रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ में आपदा आयी तो सरकार ने कहा था कि आपदा पीडित स्वंय बताये की उनका कितना नुकसान हुआ है और उनकी इच्छा के अनुसार मुआवजा दिया गया तो यहां पर सरकार के मापदण्ड अलग क्यों हैं। यहां पर भी लोग अपना दुख बता रहे हैं तो फिर सरकार उसको मानने को त्ौयार क्यों नहीं है। गोदियाल ने कहा कि सरकार वहां पर काम करने वालों से रजिस्ट्रेशन मांग रहीं है अब छोटे मोटे कारोबार करने वाला रजिस्ट्रेशन कहां से लायेगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि शीघ्र धराली आपदा के पीड़ितों को पुर्नस्थपित किया जाये इसके लिए कार्य योजना बनायी जाये। उन्होंने कहा कि धराली आपदा को चार माह बीत चुके हैं लेकिन सरकार की लापरवाहियां आज भी उसी जगह पर हैं जहां आपदा के दिन थी। उन्होंने कहा आपदा के बाद सबसे अधिक नुकसान स्थानीय रोजगार और पर्यटन को हुआ है। होटल व्यवसायी आज तक एक रूपये का मुआवजा नहीं पा सके हैं जबकि सरकार राहत की बडी—बडी घोषणाएं कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अब तक एक भी संरक्षण कार्य शुरू नहीं किया। अगर आज कदम नहीं उठाया तो हर्षिल व धराली दोनों आने वाले समय में गम्भीर खतरे में होंगे। उन्होंने सरकार से मांग की है कि शीघ्र धराली वालों को पुर्नस्थपित करने की कार्ययोजना तैयार करे।




