August 20, 2026देहरादून। भागवत कथा के दौरान हुई चेन चोरियों का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो महिलाओं सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनके पास से चुरायी गयी तीन चेन व दस हजार की नगदी बरामद हुई है। गिरफ्तार गैंग के सदस्य पंजाब के रहने वाले है। जिनमें महिलाए भी शामिल है।एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि बीती 10 अगस्त को जीएमएस रोड पर एक होटल में आयोजित भागवत कथा में चार महिलाओ के गले से चेन व मंगल सूत्र की चोरी की घटनाओं के सम्बन्ध में उक्त महिलाओ द्वारा कोतवाली पटेलनगर में तहरीर दी गयी थी। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चोरों की तलाश शुरू कर दी गयी। चोरो की तलाश में जुटी पुलिस टीमों को अथक प्रयासो के बाद पता चला कि चोरी की इन घटनाओं में पंजाब पटियाला का एक चर्चित चैन चोर गैंग शामिल है। इस दौरान पुलिस को बीती रात सूचना मिली कि उक्त गैंग के कुछ सदस्य एक बार फिर चोरी की वारदात को अंजाम देने दून आ रहे है। जिस पर कार्यवाही करते हुए पुलिस ने घटना में शामिल 2 महिलाओ सहित 4 आरोपियों को हरिद्वार बायपास रोड से गिरफ्तार कर लिया गया। जिनके कब्जे से तीन चेन व दस हजार रूपये की नगदी बरामद की गयी। पूछताछ में उन्होने अपना नाम अजय सिहं पुत्र जगत सिंह निवासी ग्राम समाना, थाना सदर समाना, पटियाला, पंजाब हाल 06 नम्बर, गली चावडा बाजार, पटियाला, पंजाब, गुरुप्रीत सिंह पुत्र पप्पू सिंह निवासी 16 एकड बरनाला, जिला बरनाला, पंजाब,हरजिन्दर कौर उर्फ रानी पत्नी काका निवासी ग्राम लगडोई, थाना सदर, पटियाला, पंजाब व पूजा कौर उर्फ लाडी पत्नी जगत सिंह ग्राम समाना, थाना सदर समाना, जिला पटियाला, पंजाब, हाल 6 नम्बर गली चावडा बाजार, पटियाला, पंजाब बताया। बताया कि वह मूल रुप से पंजाब पटियाला के समाना गाँव निवासी हैं, जो कि वर्तमान में पटियाला के आस पास ही अलग— अलग जगहों पर रह रहे हैं। बताया कि वे सोशल मीडिया तथा यू—ट्यूब के माध्यम से अलग— अलग जगहों पर आयोजित होने वाली भागवत कथाओं की जानकारी प्राप्त करते है। फिर गैंग के सभी सदस्य, जिनमें ज्यादातर महिलायें होती हैं, उक्त स्थान पर एकत्रित होकर चोरी की घटनाओं
August 20, 2026देहरादून। जरूरतमंद पात्र परिवारों का अपने आशियाने का सपना साकार हो रहा है। आगामी दिसंबर माह तक 15 हजार से अधिक परिवारों को पक्की छत मिलने जा रही है।आज यहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना—शहरी (पीएमएवाई—यू) को नई गति दी है। जरूरतमंद पात्र परिवारों का अपने आशियाने का सपना साकार हो रहा है। आगामी दिसंबर माह तक 15 हजार से अधिक परिवारों को पक्की छत मिलने जा रही है। आवास विभाग ने लंबित आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने के लिए अगले माह सितंबर तक की टाइम लाइन निर्धारित की है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत हर पात्र परिवार को पक्की छत उपलब्ध कराने के लिए धामी सरकार प्रतिबद्ध है। सचिव आवास डॉ आर राजेश के अनुसार प्रदेश में कुल 18 परियोजनाओं के तहत 15496 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें लगभग 84 फीसदी यानी 12948 आवासों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। जबकि 1271 घरों की चाबियां भी लाभार्थियों को सौंपी जा चुकी है। इनमें 768 रुड़की और 503 लाभार्थी हरिद्वार के हैं। लंबित आवासीय परियोजनाओं को 30 सितंबर तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश कार्यदायी संस्थाओं को दिए गए हैं। योजना के तहत सर्वाधिक 10200 मकान ऊधमसिंह नगर जनपद में बनाए जा रहे हैं। इनमें रुद्रपुर हाउसिंग स्कीम के 1872 आवास बनकर तैयार हो चुके हैं। इसके अलावा 1264 आवास भवानीपुर (जसपुर), 1168 उकरौली—1 (सितारगंज), 864 उकरौली—2 (सितारगंज), 1256 कनकपुर (काशीपुर), 928 मटकोटा (रुद्रपुर), 928 श्यामनगर (गदरपुर), 824 महुवाखेड़ागंज, 512 मानपुर (काशीपुर) एवं 584 गंगापुर गोसाल (काशीपुर) में पात्र लाभार्थियों को मिलेंगे। जनपद में कुल 4528 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है, इनमें 544 मंगलौर, 448 झब्बरपुर, 1152 अन्नेखी, 1088 बेल्दी (बेलड़ी, रुड़की), 768 आवास शिकारपुर एवं 528 इंद्रलोक आवासीय योजना के तहत बन रहे हैं। जनपद के उम्मेदनगर (रामनगर) में सभी 528 आवासीय इकाइयों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। जनपद में धौलास हाउसिंग स्कीम के तहत 240 में से 180 आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्र सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के अनुरूप विकास योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए हम संकल्पबद्ध हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है। प्रदेश में हजारों गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को योजना का सीधा मिला है। पात्र परिवारों की मदद के लिए योजना में अब राज्य सरकार की हिस्सेदारी को 50 हजार से बढ़ाकर 75 हजार किया जा रहा है।
August 20, 2026देहरादून। एक दैनिक समाचार पत्र के देहरादून संस्करण में 18 अगस्त 2026 को प्रकाशित खबर “अब गियर वाली मोटर साइकिल के लाइसेंस पर नहीं चलेगी स्कूटी” को लेकर परिवहन विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई है। विभाग के अनुसार, समाचार में दी गई जानकारी मोटरयान अधिनियम, 1988 में वर्तमान में प्रभावी प्रावधानों के अनुरूप नहीं है।सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से अधिसूचना संख्या का.आ. 4100(अ), दिनांक 24 जुलाई 2026 के माध्यम से जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अधिनियम, 2026 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत उक्त अधिनियम की अनुसूची की क्रम संख्या 51 में उल्लिखित मोटरयान अधिनियम से संबंधित संशोधनों को 15 अगस्त 2026 से प्रभावी किया गया है।विभाग के अनुसार, जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 8 की उपधारा (8) और धारा 9 की उपधारा (9) को विलोपित किया गया है। इन दोनों उपधाराओं में पुराने लाइसेंस के संबंध में यह व्यवस्था थी कि अधिनियम के प्रारंभ से पहले प्रभावी शिक्षार्थी अथवा चालन अनुज्ञप्ति को गियर वाली अथवा बिना गियर वाली मोटरसाइकिल चलाने के लिए प्रभावी माना जाएगा। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन उपधाराओं को हटाए जाने का प्रभाव मोटरयान अधिनियम, 1988 के लागू होने के बाद जारी किए गए गियर वाली अथवा बिना गियर वाली मोटरसाइकिल के लाइसेंसधारकों पर नहीं पड़ेगा। यानी मौजूदा लाइसेंसधारकों के अधिकारों में इस संशोधन के कारण कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसके अलावा मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 9 की उपधारा (6) में स्पष्ट प्रावधान मौजूद है। इसके तहत चालक की दक्षता का परीक्षण उस प्रकार के वाहन पर किया जाता है, जिसके लिए आवेदन किया गया है। साथ ही प्रावधान में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि गियर वाली मोटरसाइकिल चलाने की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाला व्यक्ति बिना गियर वाली मोटरसाइकिल चलाने की परीक्षा भी उत्तीर्ण माना जाएगा। विभाग का कहना है कि इस प्रावधान के अनुसार गियर वाली मोटरसाइकिल का ड्राइविंग टेस्ट पास करने वाले व्यक्ति को बिना गियर वाली मोटरसाइकिल यानी स्कूटी चलाने के लिए भी सक्षम माना जाता है।
August 20, 2026चंपावत में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम- मुख्यमंत्रीचम्पावत। जिला चिकित्सालय में लगभग 50 लाख रुपये की लागत से स्थापित ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का लोकार्पण किया गया।आज यहां जिला चिकित्सालय में लगभग 50 लाख रुपये की लागत से स्थापित ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत को आदर्श जिला बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत उनके लिए केवल एक विधानसभा क्षेत्र नहीं, बल्कि कर्मभूमि है। उन्होंने कहा कि ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट की स्थापना से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी। इस सुविधा के माध्यम से आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को आवश्यक जीवनरक्षक रक्त घटक समय पर उपलब्ध हो सकेंगे। चंपावत जिले में पहली बार यह सुविधा उपलब्ध हुई है। इससे पहले कुमाऊं मंडल के जिला चिकित्सालयों में यह सुविधा रुद्रपुर और पिथौरागढ़ में उपलब्ध थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला चिकित्सालय चंपावत में लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड का अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही सीटी स्कैन, एमआरआई और डायलिसिस यूनिट जैसी सुविधाएं स्थापित की जा चुकी हैं। जिला चिकित्सालय में लगभग 11.71 करोड़ रुपये की लागत से लोअर ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग तथा प्रथम एवं द्वितीय तल पर डायग्नोस्टिक विंग और ऑपरेशन थिएटर का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत को विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में उत्तराखंड का आदर्श मॉडल बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि चंपावत के विकास का कोई भी सपना अधूरा नहीं रहने दिया जाएगा और जिले के प्रत्येक गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस अवसर पर सचिव स्वास्थ्य विनय शंकर पाण्डेय, दायित्वधारी सुभाष बगौली, विधायक प्रतिनिधि चंपावत प्रकाश चन्द्र तिवारी, भाजपा नेता सतीश पाण्डेय, वर्चुअल माध्यम से जिला पंचायत अध्यक्ष चंपावत आनन्द सिंह अधिकारी, चम्पावत के भाजपा जिलाध्यक्ष गोविन्द सामन्त, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद चम्पावत श्रीमती प्रेमा पाण्डेय, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद लोहाघाट गोविन्द वर्मा, दायित्वधारी श्याम नारायण पाण्डेय, मनोज कालाकोटी, मुकेश महराना, श्रीमती हेमा जोशी, श्रीमती किरन देवी, बलॉक प्रमुख चम्पावत श्रीमती अंचला बोहरा, भाजपा के जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया एवं अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद थे।
August 20, 2026एसएसपी ने किया चौकी इंचार्ज व सिपाही को लाइन हाजिर नैनीताल। जिले के ज्योलीकोट क्षेत्र में एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसमें स्थानीय पुलिस पर महिला छेड़छाड़ के आरोपी पर्यटकों से पैसे लेकर मामला रफादफा करने का आरोप लगा है। स्थानीय लोगों के विरोध और सोशल मीडिया पर चर्चा के बाद मामला एसएसपी तक पहुंचा, जिसके बाद चौकी इंचार्ज और एक कांस्टेबल को लाइन हाजिर कर दिया गया है।जानकारी केे अनुसार बीते दिनों ज्योलीकोट क्षेत्र के कुछ ग्रामीणों ने चौकी पुलिस को सूचना दी कि स्कार्पियो कार में सवार चार पर्यटकों ने एक महिला के साथ छेड़छाड़ की है। सूचना मिलते ही पुलिस ने वायरलेस संदेश भेजकर रानीबाग क्षेत्र में उस वाहन को पकड़ लिया। आरोपी पर्यटकों को ज्योलीकोट चौकी लाया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि चौकी पर पहुंचने के बाद पुलिस ने आरोपियों से 18 हजार रुपये लेकर उन्हें छोड़ दिया। जब शिकायतकर्ताओं ने कार्रवाई की मांग की और पर्यटकों के खिलाफ कोई औपचारिक कार्रवाई नहीं हुई, तो क्षेत्रवासियों में आक्रोश फैल गया। दबाव बढ़ने पर पुलिस ने कथित तौर पर लिए गए 18 हजार रुपये ऑनलाइन माध्यम से वापस कर दिए। रकम वापस मिलने के बावजूद स्थानीय लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उन्होंने पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस मामले को लेकर पुलिस के खिलाफ कई आरोप लगाए गए। चर्चा इतनी तेज हुई कि मामला एसएसपी तक पहुंच गया। एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने ज्योलीकोट चौकी इंचार्ज श्याम बोरा और कांस्टेबल धमेंद्र साहनी को लाइन हाजिर कर दिया। एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि महिला छेड़छाड़ के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय रुपये के लेन—देन की शिकायत मिली थी। ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से इसकी पुष्टि भी हो गई, जिसके आधार पर दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ यह प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। एसएसपी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, महिला छेड़छाड़ के मूल आरोप की भी जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
August 20, 202628—29 अगस्त को रोडवेज बसों में मुफ्त सफर करेंगी बहनेंः बत्रा देहरादून। रक्षाबंधन के पर्व पर उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश की महिलाओं को बड़ी सौगात दी है। प्रदेश की महिलाएं 28 और 29 अगस्त को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में प्रदेश के भीतर निःशुल्क यात्रा कर सकेंगी। दोनों दिनों महिलाओं से बस किराया नहीं लिया जाएगा।सरकार की ओर से इस संबंध में आदेश जारी करते हुए उत्तराखंड परिवहन निगम को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि रक्षाबंधन भाई—बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व है। प्रदेश की बहनों को अपने मायके और स्वजनों तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसी उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हमारी सरकार मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सुविधा के लिए लगातार काम कर रही है। रक्षाबंधन के अवसर पर 28 और 29 अगस्त को महिलाओं को परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा देना सरकार की ओर से बहनों के लिए एक छोटा—सा उपहार है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश की हर बहन सुरक्षित और सुगम तरीके से अपने मायके और परिवार तक पहुंच सके। प्रदीप बत्रा ने कहा कि परिवहन निगम को दोनों दिनों बसों के संचालन और यात्रियों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और सुलभ बनाना है।