नई दिल्ली। लद्दाख पुलिस ने शुक्रवार को लेह हिंसा मामले में सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कर लिया। इस हिंसा में 4 लोगों की मौत हो गई थी और 80 से ज्यादा घायल हुए थे।
लद्दाख हिंसा के दो दिन बाद सोनम वांगचुक को गिरफ्तार किया गया है। हिंसा के बाद केंद्र सरकार ने गुरुवार को लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के एनजीओ स्टूडेंट्स एजुकेशन एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख को मिलने वाले विदेशी फंड से जुड़ा लाइसेंस कैंसिल कर दिया है। अब सोमन वांगचुक को गिरफ्तार कर लिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीधे तौर पर वांगचुक को अशांति भड़काने का दोषी ठहराया है। यह गिरफ्तारी उस दिन हुई है, जब गृह मंत्रालय ने वांगचुक के एनजीओ स्टूडेंट्स एजुकेशन एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख को मिलने वाले विदेशी फंड से जुड़ा लाइसेंस एफसीआरए का रजिस्ट्रेशन कैसिल कर दिया।
वांगचुक ने लद्दाख में हाल ही में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के लिए गृह मंत्रालय द्वारा उन्हें जिम्मेदार ठहराए जाने को ‘बलि का बकरा’ बनाने की रणनीति बताते हुए गुरुवार को कहा था कि इसका उद्देश्य हिमालयी क्षेत्र की मूल समस्याओं से निपटने से बचना है। वांगचुक ने आगे कहा कि वह कड़े जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत गिरफ्तारी के लिए तैयार हैं। वांगचुक ने कहा था कि ये कहना कि यह (हिंसा) मेरे या कांग्रेस द्वारा भड़काई गई थी, समस्या के मूल से निपटने के बजाय बलि का बकरा ढूंढ़ने जैसा है, और इससे कोई हल नहीं निकलेगा।’




