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राज्य में आपदा का कहर जारी

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  • अब तक 5 हजार करोड़ से अधिक का नुकसान
  • चमोली के मणाई गांव का हाल जोशीमठ जैसा
  • राज्य की लगभग 500 सड़के बंद, आवागमन ठप
  • गौला के ऊफान से काठगोदाम व हल्द्वानी को खतरा

देहरादून। आसमानी आफत से उत्तराखंड राज्य में हा—हाकार मचा हुआ है। कहीं जमीन धंस रही है तो कहीं पहाड़ धरक रहे हैं और पहाड़ से पत्थर बरस रहे हैं, तो कहीं नदी—नाले इस कदर उफान पर है कि वह अपने साथ सब कुछ बहा ले जाने पर आमादा है। राज्य की सभी प्रमुख सड़कों सहित संपर्क मार्गो तक के बंद होने से राज्य के सैकड़ो गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट चुका है। चमोली के मणाई गांव में जमीन धसने से जोशीमठ जैसे हालात पैदा हो गए हैं वहीं अल्मोड़ा में पहाड़ से बरसते पत्थरों की चपेट में आने से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया लालढांग में हाथियों के एक झुंड द्वारा जब कोसी नदी को पार किया जा रहा था तो हाथी का एक बच्चा उसमें बह गया। हल्द्वानी में गौला नदी में ऊफान से काठगोदाम और हल्द्वानी रेलवे स्टेशनों के साथ हल्द्वानी शहर में भी खतरे की जद में आ गया है और लोग डरे हुए हैं।
राजधानी दून सहित पूरे उत्तराखंड में इन दिनों भारी बारिश के दौर जारी है जिससे राज्य के लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। रुद्रप्रयाग उत्तरकाशी और चमोली से प्राप्त समाचार के अनुसार यहंा लगातार बारिश का दौर जारी है तथा गंगोत्री हाईवे बीते 28 दिन और यमुनोत्री हाईवे बीते 14 दिनों से बंद है। इन दोनों ही मार्गों को कब तक खोला जा सकेगा इसके बारे में कुछ भी कहा नहीं जा सकता है क्योंकि सिलाई बैंड और धरासू तथा स्याना चटृी पर हालात गंभीर बने हुए हैं यह मार्ग लगातार मलवा आने से बंद पड़े हैं। उधर चकराता त्यूणी मार्ग भी रोटा खाट के पास मलवा आने से 4 दिनों से बंद पड़ा है। केदारनाथ मार्ग मुनकटिया के पास खोल दिया गया है लेकिन आगे अभी भी बंद है। बदरीनाथ हाईवे भी कई स्थानों पर बंद पड़ा है चमोली के मणाई गांव में जमीन धसने से लोगों के घरों में दरारें आ गई है जिससे लोग दहशत में हैं। अल्मोड़ा पिथौरागढ़ मार्ग भी कई दिनों से बंद पड़ा है। खटीमा में भारी बारिश से मंदसौर गांव के कई परिवार आपदा में फंस गए हैं। रुड़की में सलोनी तथा दूून में सौंग तथा हल्द्वानी में गौला नदी उफान पर है। हरिद्वार में गंगा का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है तथा खतरे के निशान पर पहुंच चुका है।
राज्य में इस समय सड़के और पुलों को सर्वाधिक नुकसान पहुंचा है। राज्य लगभग 500 सड़के बंद है जिससे लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतें हो रही है। आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन का कहना है कि राज्य में सभी विभागों से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार 5000 करोड़ का नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है जिसमें पीडब्ल्यूडी की सड़कों को 500 करोड़ का नुकसान हुआ है उनका कहना है कि अभी इसका सत्यापन किया जाएगा तथा केंद्र की एक टीम आकर नुकसान का आकलन करेगी इसके बाद इसे केंद्रीय सहायता के लिए भेजा जाएगा। मानसून की विदाई के बाद ही सड़कों व पुलों का काम हो सकेगा।

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