- कांग्रेस मजबूती से लड़ेगीः प्रीतम
- अजय भटृ का दावा जीतेंगे तो हम ही
देहरादून। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा को भले ही आशानुरूप नतीजे न मिल सके हो, लेकिन भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुखों के चुनाव में कांग्रेस को पटकनी देने की ऐसी रणनीति पर काम कर रही है कि जिसके द्वारा उसका वर्चस्व कायम रह सके।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा के चार उम्मीदवारों के निर्विरोध जीतने के बाद अब सिर्फ आठ सीटों पर चुनाव होना है। जिसमें देहरादून जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट भी शामिल है जिस पर एक संघर्षपूर्ण और रोमांचक मुकाबला होने जा रहा है। सरकार ने बड़ी चतुराई के साथ दूनं की जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट को चुनाव परिणाम के बाद महिलाओं के लिए आरक्षित घोषित कर दिया गया लेकिन कांग्रेस ने इस सीट पर भाजपा को न जीतने देने के लिए कमर कस ली है।
भाजपा ने मधु चौहान जो पूर्व में भी दो बार जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी है, को अपना प्रत्याशी घोषित कर यह दबाव बनाने का प्रयास किया गया कि कांग्रेस अपना प्रत्याशी भी घोषित नहीं कर पाएगी। कुछ समय के लिए ऐसा प्रतीत भी हुआ लेकिन नामांकन पत्र भरने के अंतिम कुछ घंटों में कांग्रेस ने डोईवाला से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीती सुखविंदर कौर को नामांकन पत्र भरवा कर भाजपा को चौंका दिया वहीं प्रीतम सिंह के बेटे अभिषेक जिन्हें अध्यक्ष बनने से रोकने के लिए इस सीट को आरक्षित किया गया था वह अब उपाध्यक्ष के चुनाव लड़ रहे हैं।
भले ही भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के नेताओं द्वारा इस सीट पर अपनी अपनी जीत के दावे पूरी मजबूती के साथ किये जा रहे हो लेकिन जीत के लिए जरूरी 16 वोट किसके पक्ष में पड़ेंगे यह बात ही तय करेगी की अध्यक्ष की कुर्सी पर कौन बैठेगा। एक तरफ महेंद्र भटृ अपनी जीत सुनिश्चित बता रहे हैं तो दूसरी ओर प्रीतम सिंह पूरे दमखम के साथ लड़ने की बात कह रहे हैं। सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि कांग्रेस के समर्थन में 17 जिला पंचायत सदस्य हिमाचल में ठहरे हुए हैं अगर यह सच है कि कांग्रेस को 17 सदस्यों को समर्थन है तो वह भाजपा को पटकनीं देने में सफल हो सकती है।




