Home संपादकीय कोरोना से सतर्क रहें

कोरोना से सतर्क रहें

0
736


भारत और विश्व के लोग 2020 के उस कोरोना कालखंड की डरावनी यादों से जैसे तैसे पांच सालों में बाहर आ सके हैं कि एक बार फिर से देश में कोरोना ने दस्तक देकर यह सोचने पर विवश कर दिया है कि कहीं फिर एक बार वैसी किसी त्रासदी से दो—चार तो नहीं होना पड़ सकता है। बीते एक सप्ताह पूर्व कुछ राज्यों में कोरोना के जे एन वन वेरिएंट के सक्रिय होने की खबरें आई थी लेकिन अब इन खबरों को तेजी से विस्तार मिलना शुरू हो चुका है कोरोना से संक्रमित लोगों का आंकड़ा तेजी से बढ़ता दिख रहा है। जो संख्या अभी कुछ दिन पूर्व दहाई से भी नीचे थी अब वह हजार के आंकड़े को पार कर चुकी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को सतर्क करने का काम शुरू हो चुका है तथा कुछ राज्यों में इसकी एस ओ पी जारी कर दी गई है। भले ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह कहा जा रहा है कि वैक्सीनेशन से अच्छादित लोगों को इससे डरने की कोई जरूरत नहीं है। क्योंकि उन पर इसका असर अव्वल तो होगा ही नहीं और अगर होगा भी तो इतना कम होगा कि उसके जीवन जाने की संभावना नहीं के बराबर ही होगी। ताजा जानकारी के अनुसार अब तक देश भर में कुल 1100 के आसपास सक्रिय मरीज बताये जा रहे हैं सबसे ज्यादा प्रभाव केरल में देखा जा रहा है जहां साढ़े चार सौ से अधिक लोगों के संक्रमित होने की बात कही जा रही है यही नहीं दिल्ली जहां एक दिन पूर्व दहाई से भी कम लोगों में संक्रमण की बात कही जा रही थी अब एक ही दिन में 100 से अधिक लोगों तक संक्रमण फैलने की बात सामने आई है तमिलनाडु से लेकर महाराष्ट्र तथा उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड तक में कोरोना का संक्रमण पहुंच चुका है भले ही अभी संख्या 1000 के पार गई हो लेकिन सात लोगों की मौत की पुष्टि भी सरकारी स्तर पर की जा चुकी है। कोविड—19 के समय में देश और दुनिया में चीन से निकले एक संक्रमण ने पूरे विश्व को हिला कर रख दिया था। वह तस्वीर जब लोग सड़कों और अस्पतालों के बाहर तड़प—तड़प कर दम तोड़ रहे थे आज भी दिलों दिमाग को झकझोर देती है शमशानों के बाहर संस्कार के लिए लाइनों का लगना और रोते बिलखते लोगों का दर्द फिर वही समझ सकते हैं जिन्होंने इस दौर में अपने परिवार के कई कई लोगों को खो दिया था। मजबूरीवश पूरे विश्व की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों पर ब्रेक लग जाने से लोगों को तमाम तरह की मुसीबत का सामना करना पड़ रहा था जिससे कुछ लोग अभी तक भी नहीं उभर सके हैं। पुराने अनुभवों के आधार पर यह तो कहा ही जा सकता है कि कोरोना जैसे संक्रमण से बचने के लिए दवाओं से ज्यादा जरूरी सतर्कता है। अब एक बार फिर डॉक्टरो द्वारा लोगों को उन्ही सब पुराने तरीकों की याद दिलाई जा रही है, मास्क लगाकर घर से निकले तथा भीड़ भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचे तथा हाथों को बार—बार साबुन से धोएं सफाई और सैनिटाइजिंग पर ध्यान दें। जहां तक कोरोना के वेरिएंटों की बात है तो इसके अब इतने वेरिएंट आ चुके हैं कि आम आदमी को उनकी पूरी जानकारी भी संभव नहीं है तथा कौन सा वेरिएंट कितना घातक है इसे भी नहीं समझा जा सकता है। कोरोना को लेकर पूरे देश की राज्य सरकारों को अलर्ट कर दिया गया है। क्योंकि इसका दायरा 18—20 राज्यों तक फैल चुका है। इसका अधिक प्रभाव आप और आपके परिवार पर न हो इसके लिए खुद सतर्कता बरतें यही सबसे बेहतर होगा। लेकिन भयभीत होने की जरूरत नहीं है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here