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लखीमपुर हिंसा पर यूपी सरकार बैकफुट पर आईः मंत्री और बेटे पर मुकदमा दर्ज

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विपक्ष व किसानों के दबाव में सभी मांगें मानी
मृतकों के आश्रितों को 45—45 लाख व सरकारी नौकरी
घायलों को दस—दस लाख, आठ दिन में गिरफ्तारी होगी
हाईकोर्ट के जज की देखरेख में होगी जांच

लखनऊ। लखीमपुर खीरी में आंदोलनकारी किसानों को गाड़ी से कुचलने के मामले में समूचे विपक्ष और किसानों के आक्रोश के दबाव में बैकफुट पर आई यूपी सरकार ने आखिरकार किसानों की सभी मांगें मान ली है। प्रशासन और किसान नेताओं के बीच कई दौर की वार्ता के बाद हुए समझौते के अनुसार आरोपी केंद्रीय राज्यमंत्री अजय मिश्रा और उनके बेटे आशीष मिश्रा के खिलाफ ३०२ सहित अन्य कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है तथा मृतक किसानों के परिजनों को 45—45 लाख का मुआवजा और एक आश्रित को योग्यता अनुसार नौकरी दिए जाने की घोषणा की गई है।
घटना के बाद लखीमपुर खीरी में राकेश टिकैत व यूपी के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने किसानों के साथ हुए समझौते की जानकारी संयुक्त प्रेस वार्ता में देते हुए बताया गया कि सरकार पहले ही कह चुकी है कि घटना के किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि मृतक किसानों के परिजनों को 45—45 लाख व घायलों को 10—10 लाख का मुआवजा सरकार देगी तथा किसानों को पांच—पांच लाख का किसान ऋण व परिवार के एक व्यक्ति को योग्यता अनुसार सरकारी नौकरी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की देखरेख में होगी तथा आरोपी मंत्री व उनके बेटे के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कर ली गई है। इस घटना में चार किसान व पत्रकार सहित नौ लोगों की मौत हो गई है। उन्होंने आठ दिन के अंदर आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा भी किसानों को दिया है। उन्होंने कहा कि हमने घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए किसानों की सभी मांगे मान ली हैं और अब गतिरोध समाप्त हो गया है। मृतकों के शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है तथा धार्मिक रीति रिवाज से उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इससे पूर्व आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बैठक की तथा किसी भी स्थिति पर नियंत्रण का निर्णय लिया गया।
बीती रात प्रियंका गांधी को सीतापुर में पुलिस हिरासत में लिए जाने व आज सुबह लखीमपुर खीरी जाने की कोशिश के बाद उन्हें तथा शिवपाल यादव को भी हिरासत में ले लिया गया। यूपी के 47 जिलों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया था। वही धारा 144 का उल्लंघन करने पर सपा नेता रामगोपाल सहित कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया है। यूपी सरकार ने नेताओं के यूपी आने पर रोक लगा दी है। छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल व पंजाब के उपमुख्यमंत्री को लखनऊ में हेलीकॉप्टर लैंड करने की इजाजत नहीं दी गई है। लखीमपुर की घटना को लेकर पूरे देश के अंदर उबाल की स्थिति है। समय की नजाकत को भांपते हुए यूपी सरकार ने फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में कर लिया है तथा किसानों से समझौता करने में ही अपनी भलाई समझी है।

राकेश टिकैत पर भी हो मुकदमाः मिश्रा
लखनऊ। लखीमपुर हिंसा के मामले में आरोपी केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्रा का कहना है कि उन्हें और उनके बेटे के खिलाफ षड्यंत्र किया गया है उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर वह या उनका बेटा उपस्थित नहीं था उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन की आड़ में किसान नेता राकेश टिकैत देश में अराजकता फैला रहे हैं। उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज होना चाहिए। उनका आरोप है कि अराजक तत्वों ने उनके ड्राइवर व तीन भाजपा कार्यकर्ताओं को पीट पीट कर मार डाला।

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