- विकास के लिए भाजपा को चुनेः धामी
- कांग्रेस का दावा, बद्रीनाथ की तर्ज पर हराएंगे
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव की विसात बिछ चुकी है। कल प्रत्याशियों के नामों की घोषणा के बाद आज पहले कांग्रेस प्रत्याशी मनोज रावत ने और उसके बाद भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल ने अपने—अपने नामांकन पत्र भर दिए हैं। कल नामांकन पत्र भरने का अंतिम दिन है।
भाजपा जो हमेशा प्रत्याशी के नाम तय करने और पहले नामांकन पत्र भर कर तैयारियों में आगे रहने की मनोवैज्ञानिक बढ़त बनाने की रणनीति अपनाती है केदारनाथ में ऐसा नहीं कर सकी। कल कांग्रेस द्वारा मनोज रावत के नाम की घोषणा के बाद भाजपा ने आशा नौटियाल के नाम की घोषणा की वही आज नामांकन भी मनोज रावत के बाद किया। खास बात यह है कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं में प्रत्याशी नाम तय होने से पहले जो आपसी खींचतान दिख रही थी आज नामांकन पत्र भरने का समय वह एकजुटता में बदलती देखी। कांग्रेस प्रत्याशी मनोज रावत के साथ—साथ प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा से लेकर नेता विपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व सीएम हरीश रावत और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदयाल सहित सभी बड़े कांग्रेसी नेताओं की मौजूदगी दिखाई दी तथा सभी ने एक स्वर में बद्रीनाथ की तर्ज पर बड़ी जीत दर्ज करने का दावा किया।
वहीं दूसरी ओर आशा नौटियाल के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भटृ और सांसद अनिल बलूनी सहित तमाम नेता देखे गए। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के सामने एक—एक दर्जन टिकट के दावेदार थे लेकिन कांग्रेस के अंदर वैसी मारामारी नहीं थी जैसी भाजपा में थी। भाजपा के कई दावेदार टिकट न मिलने के बाद भी निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने की खुली घोषणा कर रहे थे देखना होगा कि अब नामांकन के बाद इन उम्मीदवारों का आगे क्या रुख रहता है।
इस अवसर पर दोनों ही दलों द्वारा जनसभाएं भी की गई है। सीएम धामी ने इस अवसर पर कहा कि 2013 की आपदा के बाद जो विकास कार्य किए गए वहीं उनके चुनावी मुद्दे हैं। उन्होंने विकास कार्यों में निरंतरता बनाए रखने के लिए भाजपा को वोट देने की अपील की वहीं कांग्रेस के पास महंगाई, भ्रष्टाचार और अतिक्रमण, भू कानून व लैंड जेहाद जैसे अनेक सांप्रदायिक मुद्दे हैं। देखना होगा कि अब केदारनाथ की जनता किस पर कितनी कृपा करती है किसकी नैया को पार लगाती है।




