- सीएम आवास घेरने निकले कांग्रेसी, हाथी बड़कला में रोके
- सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप
- शासन—प्रशासन अपराधों को रोकने में फेल
देहरादून। राज्य में बढ़ते महिला अपराधों को लेकर महिला कांग्रेस ने आज राजधानी दून की सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन और नारेबाजी की। सीएम आवास घेराव को निकले कांग्रेसी नेताओं को पुलिस ने बैरिकेटिंग लगाकर हाथीबढ़कला पुलिस चौकी पर रोक दिया गया। इस दौरान कुछ कांग्रेसी नेताओ ने आगे बढ़ने की कोशिश भी की और उनकी पुलिस के साथ तकरार भी हुई लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया। जिस पर वहीं सड़क पर बैठकर कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन किया।
कांग्रेस के ज्ञापन में कहा गया है कि 2 साल बीत जाने के बाद भी अंकिता भंडारी के परिजन न्याय के लिए भटक रहे हैं। कांग्रेसियों ने मांग की है कि उस वीआईपी का नाम उजागर किया जाए जिसे अब तक छुपा कर रखा हुआ है। उनका कहना है कि नैनीताल में भाजपा नेता पर महिला के यौन शोषण से लेकर हरिद्वार में नाबालिक से रेप व हत्या के मामलों में भाजपा नेताओं के नाम सामने आए हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि जब सत्ता में बैठे लोग ही महिलाओ ंकी इज्जत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं तो उनकी रक्षा कौन करेगा। उन्होंने कहा कि आईएसबीटी पर बस में नाबालिक के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना हो जाती है। पलटन बाजार में दिनदहाड़े लड़की से छेड़छाड़ होती है, रामनगर में नर्स की हत्या और बलात्कार जैसी घटनाएं यह बताती है कि महिलाओं पर अपराध बढ़ते जा रहे हैं और सरकार अपराध राेंकने में असफल साबित हो चुकी है।
तय कार्यक्रम के अनुसार बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता आज कांग्रेस मुख्यालय में जमा हुए जहां से वह कांग्रेस नेत्री ज्योति गैरोला के नेतृत्व में जुलूस की शक्ल में सीएम आवास घेराव के लिए निकले। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थी जबकि प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, पूर्व सीएम हरीश रावत, रंजीत रावत, नेता विपक्ष यशपाल आर्य, डा. हरक सिंह, सूर्यकांत धस्माना सहित तमाम बड़े नेता भी साथ थे। कांग्रेस नेताओं को हाथी बड़कला में रोके जाने पर यहां वह सड़क पर बैठ गए और काफी देर तक सरकार के खिलाफ नारेबाजी व प्रदर्शन किया।




