April 27, 2026पहाड़ से मैदान तक गर्मी का रेड अलर्ट जारी उत्तराखंड में भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित सूबे में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस पार पहुंचा नैनीताल और मसूरी में भी गर्मी ने दिखाये तेवर देहरादून। गर्मी ने इस साल अप्रैल के महीने ने पिछले कई दशकों के रिकार्ड ध्वस्त कर दिए हैं। उत्तराखंड इन दिनों भीषष गर्मी की चपेट में है। आमतौर पर ठंडे और सुहावने मौसम के लिए मशहूर पहाड़ी इलाकों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। मैदानी क्षेत्रों के साथ-साथ पहाड़ी जिलों में भी गर्म हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है।राजधानी देहरादून समेत हरिद्वार, )षिकेश और उधमसिंहनगर में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। हैरानी की बात यह है कि नैनीताल और मसूरी में भी गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं, जहां पारा सामान्य से कई कई अधिक दर्ज किया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन इस असामान्य गर्मी का प्रमुख कारण है। भारतीय मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और अधिक गर्मी पड़ने की चेतावनी दी है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं।स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय घरों से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है। प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है और जरूरत पड़ने पर राहत उपायों की तैयारी कर रहा है। आने वाले दिनों में उत्तराखंड गर्मी नया रिकार्ड बना सकती है।इन दिनों चारधाम यात्रा अपने चरम पर है। भीषण गर्मी के बावजूद श्र(ालुओं का तांता लगा है, लेकिन प्रशासन ने तीर्थयात्रियों के लिए विशेष एडवायजरी जारी की है। श्र(ालुओं को पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचने की सलाह दी गई है। ऊंचाई वाले स्थानों पर भी सीधी धूप के कारण डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ गया है।मौसम विभाग के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तराखंड की ओर बढ़ रहा है। अगले 48 घंटों में उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जैसे ऊंचाई वाले जिलों में गर्जना के साथ हल्की बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। 29 अप्रैल के बाद मैदानी इलाकों में भी बादलों की आवाजाही और हल्की बौछारों से तापमान में 3-4 डिग्री की गिरावट आ सकती है।
April 27, 2026देहरादून। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने देहरादून जिले के भोपालपानी, बडासी और सोडा सरौली ग्राम पंचायतों के स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों के लिए क्रिसिल फाउंडेशन के सहसपुर स्थित वित्तीय साक्षरता केंद्र (सीएफएल) द्वारा आयोजित वित्तीय साक्षरता शिविर का दौरा किया।आज यहां भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने देहरादून जिले के भोपालपानी, बडासी और सोडा सरौली ग्राम पंचायतों के स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों के लिए क्रिसिल फाउंडेशन के सहसपुर स्थित वित्तीय साक्षरता केंद्र (सीएफएल) द्वारा आयोजित वित्तीय साक्षरता शिविर का दौरा किया। इस मौके पर उन्होंने वित्तीय साक्षरता के महत्व पर जोर देते हुए नागरिकों को सशक्त बनाने की बात कही। उन्होंने वित्तीय जागरूकता, समृद्धि और दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता को बढ़ावा देने, भारत सरकार की विभिन्न पेंशन तथा बीमा संबंधित सामाजिक योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने सीएफएल अधिकारियों से समाज के सभी वर्गों, विशेष रूप से दूरदराज और वंचित क्षेत्रों में रहने वालों को शिक्षित करने के लिए और अधिक प्रयास करने का आह्वान किया, ताकि वित्तीय समावेशन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने प्रतिभागियों से ऐसे शिविरों के दौरान प्राप्त वित्तीय जागरूकता को अपने परिवार के सदस्यों, मित्रों और पड़ोसियों के साथ साझा करने का आग्रह किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के सदस्यों से भी बातचीत की। शिविर में बिजनेस कोरेस्पोंडेंटों (बीसी) द्वारा बुनियादी बैंकिंग सुविधाओं सहित कई सेवाएं उपलब्ध कराई गई। शिविर स्थल पर सिक्के और नीट बदलने के लिए काउंटर भी स्थापित किए गए थे। इस मौके पर एक मोबाइल एटीएम वैन उपलब्ध थी तथा कुछ स्वयं सहायता समूहों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन भी किया, जिसमें गवर्नर ने काफी रुचि दिखाई और सराहना की। इस मौके पर क्षेत्रीय निदेशक, आरबीआई, देहरादून अरविंद कुमार सहित भारतीय रिजर्व बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के वरिष्ठ अधिकारी तथा ब्लॉक विकास अधिकारी उपस्थित रहे।
April 27, 2026वर्तमान समय में चल रहे पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में सबसे अधिक चर्चा बंपर मतदान को लेकर हो रही है। इन चुनावों के लिए जो कार्यक्रम तय किया गया था उसमें असम, केरल और पांडुचेरी के चुनाव एक ही चरण में संपन्न हो चुके हैं जबकि तमिलनाडु का चुनाव दो चरणों में होने के साथ 23 अप्रैल को पूरा हो चुका है। पश्चिम बंगाल का चुनाव जो दो चरणों में है उसका अब अंतिम चरण का मतदान 29 को होना ही शेष बचा है। इन सभी चुनावोंं में अब तक मतदान का प्रतिशत सामान्य से अधिक रहा है। खास बात यह है कि पश्चिम बंगाल के चुनाव के पहले चरण में वोटरर्स की जो सुनामी देखी गई उसने सारे रिकॉर्ड तोड़कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है यहां पहले चरण में हुए 94 फीसदी मतदान ने सियासी दलों के नेताओं की नींदें उड़ा दी है। इन सभी राज्यों में पश्चिम बंगाल का चुनाव इसलिए सबसे अधिक खास चुनाव बना हुआ है क्योंकि केंद्रीय सत्ता पर आसीन भाजपा पिछले दो विधानसभा चुनावो में ममता बनर्जी और उनकी टीएमसी की सरकार को उखाड़ फेंकने की तमाम कोशिशों में नाकाम रही है। ममता बनर्जी जो 15 सालों से पश्चिम बंगाल की सत्ता पर कब्जा किए हुए हैं भाजपा के लिए सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती बनी हुई है। भाजपा इस बार ममता को हर हाल में सत्ता से बाहर करना चाहती है अपने इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए ही उसने संसद का विशेष सत्र बुलाया था लेकिन वह अपने मंसूबों में सफल नहीं हो सकी। पश्चिम बंगाल के चुनाव में केंद्रीय सुरक्षा बलों की 24 कंपनियां की तैनाती से लेकर एसआईआर में 90 लाख मतदाताओं के नाम काटे जाने तथा तमाम बड़े अधिकारियों को बदलने तक वह सब कुछ किया गया है जो भी वह कर सकती थी। लेकिन इन तमाम कामों से आम आदमी को जिस तरह की समस्याओं से दो—चार होना पड़ा है तथा लाखों लोगों के सामने अपने संवैधानिक अधिकार छीने जाने का जो संभावित खतरा पैदा हो गया है उससे वह अत्यंत ही भयभीत है। यही कारण है कि वह अब सत्ता में बैठे लोगों को अपने वोट की ताकत से अपनी ताकत का एहसास कराने पर आमादा है। पहले चरण में इन मतदाताआें के इतनी बड़ी संख्या में वोट डालने के लिए निकलना भाजपा के लिए बड़ी खतरे की घंटी है इस चरण में कुछ पोलिंग बूथ तो ऐसे भी हैं जहां 98—99 फीसदी तक मतदान हुआ है। लोग वोट डालने के लिए सुबह 7 बजे से लेकर शाम 7 बजे तक लाइनों में खड़े दिखाई दिए। 29 अप्रैल को अंतिम चरण में भी यहां इतनी ही अधिक मतदान की उम्मीद है। जिसके कारण अब पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के वह डराने धमकाने वाले भाषण भी बन सकते हैं जिसमें वह टीएमसी कार्यकर्ताओं को गुंडे बताने से लेकर उन्हें उल्टा लटका कर सीधा कर देने की बात खुले मंचों से कर रहे हैं तथा सीएम ममता बनर्जी को भी अपने उसी लहजे में दीदी ओ दीदी तथा बंगाल के पुलिस कर्मियों को भी अबे और ओबे जैसे शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं भाजपा नेताओं की यह खीज अब उन पर ही भारी पड़ सकती है चुनावी रिजल्ट पर जो भी सर्वे आ रहे हैं उसमें टीएमसी की जीत के संकेत मिल रहे हैं लेकिन इसके साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि भाजपा यहां हरियाणा व महाराष्ट्र तथा बिहार की तरह कोई बड़ा खेला भी कर सकती है।
April 26, 2026आरोपियों में से एक पूर्व में भी कई मामलो में जा चुका है जेलदेहरादून। नशा तस्करी के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान के तहत पुलिस को खासी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने अलग—अलग थाना क्षेत्रों से तीन नशा तस्करों को दबोच कर उनके पास से लाखों की स्मैक व चार पेटी शराब बरामद की है। जानकारी के अनुसार बीती शाम कोतवाली डोईवाला पुलिस द्वारा टोल प्लाजा लच्छीवाला, डोईवाला मे चैकिंग के दौरान आरोपी बबलू साहनी पुत्र स्व. सुशील साहनी को 10.05 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया गया है। बरामद स्मैक की कीमत लगभग तीन लाख रूपये बतायी जा रही है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी शातिर किस्म का अपराधी है जो पूर्व समय में भी कई मामलों में जेल की हवा खा चुका है। वहीं दूसरे मामले में डोईवाला पुलिस द्वारा एयरपोर्ट तिराहा जॉलीग्रांट में चेकिंग के दौरान आरोपी अंकुर कुमार पुत्र कृष्ण कुमार को 2 पेटी अंग्रेजी शराब के साथ गिरफ्तार किया गया है।वहीं बीती रात थाना सेलाकुई पुलिस द्वारा चेकिंग के दौरान लेबर चौक के पास से आरोपी जीवन थापा को 90 टेट्रा पैक अवैध देशी शराब के साथ गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने तीनोंं आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
April 26, 2026पढ़ाई—लिखाई में मन न लगना व परिजनों की डांट के चलते भागा था घर से हरिद्वार। अचानक लापता हुए नाबालिग बालक को पुलिस ने बरामद कर उसे परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया है। बालक पढ़ाई लिखायी में मन न लगने व परिजनों की डांट के कारण घर से भाग गया था।जानकारी के अनुसार बीते रोज सुमित कुमार पुत्र आनंदपाल, निवासी शिवम विहार कॉलोनी रोशनाबाद, थाना सिडकुल, जनपद हरिद्वार द्वारा अपने 13 वर्षीय भतीजे के गुम होने की सूचना थाना सिडकुल पर दी गई। मामले में पुलिस ने तत्काल गुमशुदगी दर्ज कर नाबालिग की तलाश शुरू कर दी गयी। बालक की तलाश में जुटी पुलिस टीम ने अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप गुमशुदा बालक राज मौर्य को सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बालक के सुरक्षित मिलने पर परिजनों द्वारा पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया गया।