प्रतिबन्धित काजल—काठ की लकड़ी के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार

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करीब 14 लाख की है बरामद लकडी

उत्तरकाशी। पुलिस ने प्रतिबन्धित काजल—काठ की बेशकीमती लकडी के साथ सहारनपुर के तीन तस्कारों को गिरफ्तार कर लिया है। पकडी गयी लकडी की कीमत 14 लाख रूपयें आंकी जा रही है। पकडी गयी लकडी औषधि बनाने के काम में आती है।
आज यहां उच्च हिमालयी क्षेत्रों की दुर्लभ वन संपदा काजल की लकड़ी को फिल्म पुष्पा के अंदाज में पुष्पा बनकर अवैध रुप से तस्करी करते हुये 3 तस्करों को उत्तरकाशी पुलिस द्वारा पकडा गया है। अर्पण यदुवंशी, पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी द्वारा जनपद में नशे पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाने के साथ—साथ अन्य अवैध गतिविधियों की रोकथाम हेतु भी सभी क्षेत्राधिकारी/थाना प्रभारी/चौकी प्रभारियों को सतर्क रहकर रुटीन चौकिंग के निर्देश दिये गये हैं। जिसके क्रम में क्षेत्राधिकारी उत्तरकाशी अनुज कुमार के पर्यवेक्षण एवं प्रभारी निरीक्षक कोतवाली दिनेश कुमार के नेतृत्व में आज प्रातः 5 बजे के बीच डुण्डा पुलिस द्वारा बैरियर पर चैकिंग के दौरान वाहन मे 3 व्यक्तियों को प्रतिबन्धित काजल—काठ की लकड़ी की तस्करी करते हुये पकड़ा गया। वाहन से 144 नग बरामद किये गये। ये लोग भटवाड़ी के सालंग क्षेत्र से इस प्रतिबन्धित लकड़ी को उत्तर—प्रदेश सहारनपुर ले जा रहे थे, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने इनको नाकाम कर दिया। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई हेतु इनको मय प्रतिबन्धित लकड़ी के वन विभाग के सुपुर्द किया गया।
एसपी उत्तरकाशी द्वारा बताया गया कि काजल की लकड़ी उच्च हिमालय के आरक्षित वन क्षेत्र में पाई जाती है। काजल औषधीय दृष्टिकोण से सर्वाेत्तम मानी जाती है। इसे बौद्ध सम्प्रदाय के लोग इसके बर्तन (बाउल) बनाकर खाघ एवं पेय पदार्थों के लिए इस्तेमाल करते हैं। भारत, चीन, तिब्बत, नेपाल आदि देशों में इस लकड़ी की तस्करी कर उच्च कीमतों पर बेचा जाता है। पकडे गये लोगों ने अपने नाम जनक बहादुर पुत्र बूढे बहादुर निवासी नई बस्ती थाना कलेमनटाउन देहरादून हाल पता लोदी सराय सहारनपुर, खेमराज रोकाया पुत्र लाल रोकाया निवासी लोदी सराय सहारनपुर, विनोद कुमार पुत्र रघुवीर सिंह निवासी नन्दपुरी कॉलोनी सहारनपुर (चालक) बताये। पुलिस ने सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

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