May 14, 2026मुकदमा दर्ज, जांच शुरू हरिद्वार। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के तहत हलाला का पहला मामला धर्मनगरी हरिद्वार में पुलिस ने दर्ज किया है। बुग्गावाला थाने में पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर उसके पति और ससुराल वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता महिला शाहिन ने अपने पति मोहम्मद दानिश और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, दानिश पर अपनी पत्नी को प्रताड़ित करने और विवाह से संबंधित अधिकारों के उल्लंघन का आरोप है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी पति दानिश के खिलाफ समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड 2024 के तहत कार्रवाई की है, जो विशेष रूप से हलाला जैसी प्रथाओं को प्रतिबंधित और दंडनीय बनाती हैं। पुलिस ने इस मामले में केवल यूसीसी ही नहीं, बल्कि अन्य कड़े कानूनों के तहत भी शिकंजा कसा है।एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि बुग्गावाला पुलिस ने इस मामले में गहनता से जांच की और उपनिरीक्षक मनोज कुमार ने आरोप पत्र तैयार कर न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय रुड़की के कोर्ट में पेश किया है। इस मामले में मुख्य आरोपी दानिश के अलावा उसके परिवार के अन्य सदस्यों जैसे पिता मोहम्मद अरशद,परवेज, जावेद, और गुलशाना के नाम भी शामिल हैं।
May 14, 20267 लाख रूपये की ज्वैलरी बरामद देहरादून। ज्वैलर्स के शोरूम से 6 सोने की चेन चुराने वाले महाराष्ट्र के एक अर्तराज्जीय गैंग को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जिनके पास से चुरायी गयी 6 सोने की चेने बरामद की गयी है। आरोपियों में एक महिला सहित 6 बुर्जग शामिल है जो इस तरह की घटनाए कई राज्यो मेंं अंजाम दे चुके है।जानकारी के अनुसार बीती 9 मई को सुरेन्द्र कुमार कक्कड पुत्र स्व. मदन लाल कक्कड निवासी पी.एन.बी. गली, मिल रोड, डोईवाला, जनपद देहरादून द्वारा कोतवाली डोईवाला में तहरीर देकर बताया गया था कि 8 मई को कुछ अज्ञात महिला व पुरूष ज्वैलरी की खरीदारी करने हेतु उनकी दुकान कंचन ज्वैलर्स मे आये तथा उनको अपनी बातो मे उलझाकर उनकी दुकान मे रखी सोने की 6 चैन चोरी कर ले गये। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चोरो की तलाश शुरू कर दी गयी। चोरो की तलाश में जुटी पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल के आस—पास तथा आने जाने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को चैक करते हुए घटना में शामिल संदिग्धों की फुटेज प्राप्त की गई, साथ ही घटना से जुड़ी आवश्यक जानकारियां एकत्रित की गई। पुलिस द्वारा किये जा रहे लगातार प्रयासों से बीती रात एक सूचना के बाद पुलिस ने रेलवे स्टेशन हर्रावाला, डोईवाला से घटना में शामिल 1 महिला सहित 6 आरोपियोें जिनमे पांडुरंग, वासुदेव, सतीश नामदेव शिंदे, मनीष मनोहर मोरे, मंगेश सुर्वे व महिला आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जिनके कब्जे से घटना में चोरी की गई शत प्रतिशत ज्वैलरी बरामद की गयी है।पूछताछ में जानकारी प्राप्त हुई कि उक्त सभी आरोपी मूल रूप से महाराष्ट्र के निवासी है, जो टोली बनाकर ज्वैलर्स शॉंप को चिन्हित करते है तथा एक साथ चिन्हित दुकान मे ग्राहक के रूप मे जाकर उनमें से कुछ लोग दुकान स्वामी को सामान का मोल—भाव करने के बहाने अपनी बातो मे उलझा लेते है तथा अन्य मौका देखकर दुकान मे रखे कीमती अभूषण चोरी कर लेते है, चूंकि वह सारे आरोपीं मे से अधिकांश लोग वृद्ध है, जिस कारण कोई इन पर शक भी नही करता है तथा लोग आसानी से उन पर भरोसा कर लेते है, जिसका फायदा उठाकर यह लोग चोरी की घटना को अंजाम देकर तुरन्त ही अपने मूल निवास महाराष्ट्र के लिए निकल जाते है। पूछताछ में उनके द्वारा देहरादून मे अन्य स्थानो पर भी ज्वैलर्स शॉप में चोरी का प्रयास करने पर दुकानदारो की सजगता के कारण सफल न हो पाने की जानकारी प्राप्त हुई।
May 14, 2026रूद्रप्रयाग। सड़क दुर्घटना के चलते एक कार के गहरी खाई में गिर जाने से जहंा एक युवक की मौके पर ही मौत हो गयी वही दूसरा गम्भीर रूप से घायल हुआ है। सूचना मिलने पर पुलिस व एसडीआरएफ ने रेस्क्यू अभियान चलाकर मृतक व घायल को बाहर निकाला और दोनो का अस्पताल पहुंचाया। जहंा घायल युवक की हालत चिंताजनक बनी हुई है।जानकारी के अनुसार जवाड़ी पुल के समीप उस समय बड़ा हादसा हो गया, जब एक बलेनो कार अनियंत्रित होकर लगभग 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। दुर्घटना जवाड़ी बाईपास की नई सुरंग के पास हुई, जिससे क्षेत्र में अफरा—तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, कोतवाली रुद्रप्रयाग पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। दुर्गम और जोखिम भरे हालात के बीच संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाया गया। कड़ी मशक्कत के बाद टीमों ने कार में फंसे दो लोगों को बाहर निकालकर एम्बुलेंस के माध्यम से जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग भेजा। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने एक युवक को मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान देव (24 वर्ष), पुत्र ओमप्रकाश, निवासी किशनगढ़, बसंतकुंज नई दिल्ली के रूप में हुई है। वहीं, हादसे में घायल बालकृष्ण उर्फ तुषार (22 वर्ष), पुत्र मणिकंदन, निवासी महावीर एन्क्लेव, द्वारका, नई दिल्ली को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में हायर सेंटर श्रीनगर रेफर किया गया है। प्रशासन द्वारा हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार वाहन के अनियंत्रित होने से यह दुर्घटना हुई है।
May 14, 2026चार लाख के पार पहुंची श्रद्धालुओं की संख्याउत्तरकाशी। राज्य में चल रही चारधाम यात्रा लगातार गति पकड़ रही है। श्री यमुनोत्री धाम और श्री गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। जिला प्रशासन द्वारा यात्रा को सुगम, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए किए गए व्यापक इंतजामों के चलते तीर्थयात्री निर्बाध रूप से दर्शन कर रहे हैं।यात्रा बुलेटिन के अनुसार,बुधवार 13 मई 2026 को शाम 6.30 बजे तक दोनों धामों में कुल 26,718 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इनमें 14,044 पुरुष, 12,116 महिलाएं और 558 बच्चे शामिल रहे। चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक कुल 4,12,815 श्रद्धालु यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में दर्शन कर चुके हैं। इनमें यमुनोत्री धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 2,07,390 है वहीं गंगोत्री धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 2,05,425 है। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या से स्पष्ट है कि इस वर्ष यात्रा के प्रति देशभर के श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।यात्रा मार्गों पर सुगम यातायात सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सक्रिय हैं। बुधवार को दोनों धामों के लिए कुल 2,243 वाहनों का संचालन किया गया, जिनमें यमुनोत्री धाम के लिए 1,013 वाहन रहे वहीं गंगोत्री धाम के लिए 1,230 संचालित किये गये। इस यात्रा सीजन में अब तक कुल 40,989 वाहनों के माध्यम से श्रद्धालु इन दोनों पवित्र धामों तक पहुंच चुके हैं।
May 14, 2026इसमें किसी को भी कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से सोना न खरीदने से लेकर पेट्रोल—डीजल तथा खाघ तेलों से लेकर अन्य अपने तमाम खर्चों में कटौती करने की जो अपील की है वह बेवजह नहीं है। इसके सीधा मतलब है देश की वित्तीय स्थिति का डांवाडोल होना। इस आर्थिक संकट के पीछे तमाम प्रत्यक्ष और परोक्ष कारण है। यह अलग बात है कि सरकार इसके पीछे ईरान—इजरायल युद्ध के कारण लाल सागर के आयात मार्ग को बाधित होने का कारण बताकर अन्य आर्थिक नीतियों में असफलता के मुद्दों को छिपाने की कोशिश कर रही हो। डॉलर के मुकाबले रुपए का इतना कमजोर होना कि आयात निर्यात का संतुलन ही बिगड़ जाए और सरकार की वह मजबूरी कि वह अपने रिजर्व कोष की पाबंदियों से अधिक खर्च न कर पाए तब सरकार के पास जनता से त्याग की अपील करने के सिवाय और रास्ता भी नहीं बचता है लेकिन पीएम मोदी जो अब तक देश के लोगों के सामने तमाम तरह की ऊल—जुलूल नसीहत करते रहे हैं इसलिए उनकी वर्तमान नसीहतों का भी सोशल मीडिया पर खूब मजाक बन रहा है तथा पीएम की बात को कोई गंभीरता से नहीं ले रहा है। पीएम मोदी और उनकी सरकार के सामने अब जो अविश्वास का माहौल बन चुका है उसे साधने में अब भाजपा का आईटी सेल और भाजपा शासित राज्यों द्वारा भी युद्ध स्तर पर प्रयास किया जा रहे हैं। पीएम मोदी की अपील के बाद भी उनकी अपनी रैलिया में भीड़ जुटाना तथा मंत्रियों और विधायकों द्वारा अपने खर्चों में कटौती न करने पर जब विपक्ष ने सरकार की घेराबंदी की कि वह दूसरों को नसीहते और खुद मियां फजीहत बन रह है, तब जाकर भाजप का नेतृत्व जागा और पीएम के काफिलो और राज्यों की सरकारों तक इसका असर देखने को मिला। नेता विपक्ष राहुल गांधी एक समय में पीएम मोदी का मजाक बनाते हुए उन्हें सूट बूट वाली सरकार बताते थे। तब लोग राहुल को भला बुरा कहते थे लेकिन अब उन्हें भी समझ आ गया है कि सूट भूट वाली मोदी सरकार ने देश की आर्थिक बदहाली को कितनी गहरी खाई में धकेल दिया है भाजपा का आईटी सेल अब खोज खोज कर उन पूर्व प्रधानमंत्रियों की ऐसी अपीलों को प्रचारित कर रहा है लेकिन विडंबना यह है कि पूर्व सरकारों के समय में देश की हालात क्या थे? 1966 में तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने देशवासियों से अन्न बचाने के लिए सोमवार का व्रत रखने की अपील की गई थी लेकिन तब देश में अन्न का भारी आकाल था और सादा जीवन उच्च विचार की श्ौली के तहत अमेरिका पर अन्न की निर्भरता को कम करना चाहते थे। देश हित में उन्होंने खुद भी उपवास किए थे तथा इंदिरा गांधी ने अपने जेवर दान कर दिए थे। आज भारत के सामने वैसी स्थितियां नहीं है। एक तरफ सरकार विकसित भारत की बात करती है और 5 ट्रिलियन वाली अर्थव्यवस्था का ढोल पीटती है और दूसरी तरफ लोगों से त्याग की अपील की जाती है व अपील से पूर्व पांच राज्यों में धन को धुआ—धुआ बनाकर उड़ाने के बाद की जाती है। अगर देश इतने बड़े संकट में था तो सरकार को चुनाव से पूर्व या चुनाव के समय में ही इस त्याग के लिए अपील करने का साहस दिखाना चाहिए था लेकिन पीएम तो चुनाव के बाद भी रोड व जीत के जश्न और शपथ ग्रहण समारोह में खूब भीड़ जुटाने व खर्च करने में व्यस्त दिखे? ऐसे में जनता का सवाल उठना भी वाजिब है भले ही सरकार इसका जवाब दे न दे और तो और अभी कुछ नेता स्वच्छ भारत अभियान की तरह सड़कों पर झाड़ू लगाने व फोटो शॉप करने की तर्ज पर स्कूटर की सवारी करने का दिखावा कर रहे हैं ऐसे में जनता भी इन पर क्या भरोसा करेंगी? सोचनीय सवाल है। लोग पूछ रहे हैं क्या कमाल है घोर आर्थिक संकट में भी अवसर की यह तलाश।
May 13, 2026देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज आयोजित हुई कैबिनेट बैठक में राज्य में ऊर्जा और ईधन की बचत के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये।बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी के बाद, रूस — यूक्रेन संघर्ष और वर्तमान में जारी पश्चिम एशिया के संकट के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला विशेष तौर पर ईंधन, खाघ पदार्थ और उर्वरकों पर दबाव बढ़ा है। इस वैश्विक संकट के कारण भारत भी बढती ईंधन लागत, आयात निर्भरता और आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्तमान हालात में नागरिकों से छोटे—छोटे व्यवहारिक बदलावों के माध्यम से राष्ट्रीय प्रयासों में सहयोग की अपील की है। जिसका जनसामान्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।उन्होने कहा कि इसी क्रम में उत्तराखंड में भी कई अल्पकालिक और दीर्घकालिक सुधार तत्काल प्रभाव से लागू किए जा रहे हैं। जिनमें सरकारी विभागों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित बैठकों को बढावा दिया जाएगा। निजी क्षेत्रों में भी वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही लोगों को सार्वजनिक परिवहन के अधिकतम उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों के वाहन फ्लीट में वाहनों की संख्या आधी की जाएगी। सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे घोषित किया जाएगा। वर्क फ्रॉम होम के तहत घर से ही कार्य करेंगे। जन सामान्य को भी सप्ताह में एक दिन ष्छव टमीपबसम क्ंलष् के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होने कहा कि परिवहन विभाग को सार्वजनिक बसों की सेवा और क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। सरकारी कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग हेतु प्रेरित किया जाएगा। जिन अधिकारियों के पास एक से अधिक विभाग हैं, उनके द्वारा एक दिन में अधिकतम एक वाहन का इस्तेमाल किया जाएगा। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए जल्द ही प्रभावी ईवी पॉलिसी लाई जाएगी। ट्टमेरा भारत, मेरा योगदान’ जैसे जन—जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। साथ ही नागरिकों को एक वर्ष तक सोने की खरीद को सीमित करने के लिए जागरुक किया जाएगा।कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया है कि आम जनमानस को कम तेल वाले भोजन से होने वाले स्वास्थ्य लाभों पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी कैंटीनों में तेल उपयोग की समीक्षा करते हुए उसके उपयोग में कमी लाए जाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जायेगा उर्वरकों के संतुलित उपयोग और मृदा स्वास्थ्य पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।