June 26, 2026उधमसिंहनगर। रुद्रपुर क्षेत्र में पुरानी रंजिश ने एक बार फिर खूनी रूप ले लिया। लालपुर चौकी क्षेत्र के टिब्बा इलाके में बीती शाम एक 17 वर्षीय युवक विक्रांत बागी को नजदीक से गोली मार दी गई। गंभीर रूप से घायल युवक ने हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में उपचार के दौरान देर रात दम तोड़ दिया है। वहीं सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार, विक्रांत का किच्छा क्षेत्र के सैजनी गांव निवासी एक युवक से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। बीती शाम कहासुनी बढ़ने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर तमंचे से फायर कर दिया और मौके से फरार हो गया। गोली लगने से घायल विक्रांत को परिजन पहले जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां हालत गंभीर देखते हुए उसे हल्द्वानी रेफर किया गया।हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन देर रात उसकी मौत हो गई। युवक की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों और परिचितों में आक्रोश फैल गया। अस्पताल परिसर में स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया। घटना की सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं, जबकि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस के अनुसार फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
June 26, 2026आरोपी पोक्सो व कुकर्म के आरोप में पूर्व में भी जा चुका है जेल पिथौरागढ़। पांच वर्षीय मासूम का अपहरण कर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि अपहरण के कुछ घंटो बाद भी मासूम को पुलिस ने बरामद कर लिया था। गिरफ्तार आरोपी पूर्व में भी कुकर्म व पोक्सो एक्ट के आरोप में कई जेलो में सजा काट चुका है।जानकारी के अनुसार बीती 23 जून को कोतवाली पिथौरागढ में एक व्यक्ति द्वारा अपनी नाबालिग पुत्री (उम्र 5 वर्ष)के समय दोपहर करीब एक बजे से लापता होने के सम्बन्ध मे गुमशुदगी दर्ज करायी गयी थी। गुमशुदगी की जांच के दौरान पुलिस ने जब क्षेत्र के सीसी कैमरे खंगाले तो पता चला कि एक अंजान व्यक्ति गुमशुदा बालिका को अपने साथ ले जा रहा है। पुलिस टीम की अथक मेहनत के उपरान्त गुमशुदा नाबालिग बालिका को गुम होने के 8 घण्टे के भीतर टनकपुर तिराहे के पास से बरामद कर लिया गया। पुलिस ने नाबालिग बालिका की काउंसिलिंग तथा विधिवत मेडिकल परीक्षण कराकर घटना के सम्बन्ध मे विवेचक द्बारा पूछताछ की गयी । मेडिकल परीक्षण के आधार पर नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म होने की पुष्टि हुई,जिसके आधार पर पुलिस ने पोक्सो एक्ट व दुष्कर्म की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी गयी। इस पर पुलिस ने फिर से सीसी कैमरों की जांच की तो घटना को अंजाम देने वाले व्यक्ति की पहचान होशियार सिंह निवासी रई धनौड़ा पिथौरागढ के रूप मे हुई। जिसे पुलिस ने बीती रात पुनेड़ी महर को जाने वाली रोड पर स्थित बैण्ड के पास से गिरफ्तार किया गया। आरोपी द्वारा स्वंय का घटना को अंजाम दिया जाना स्वीकार किया गया है। पुलिस पूछताछ यह जानकारी हुई कि आरोपी होशियार सिंह पूर्व मे वर्ष 2022 मे कोतवाली पिथौरागढ से ही कुकर्म व पोक्सो एक्ट में जेल जा चुका है। जिसमें आरोपी द्बारा एक 11 वर्ष के नाबालिग बालक के साथ कुकर्म की घटना को अजंाम दिया गया था।
June 26, 2026राज्य बनने के बाद पहली बार पांच मीट्रिक टन रेनबो ट्राउट मछली का निर्यात पिथौरागढ़ की तीन सहकारी समितियों ने किया था प्रोडक्शन आने वाले दिनों में 30 टन मछली सप्लाई करने की तैयारी देहरादून। राज्य निर्माण के बाद पहली बार उत्तराखंड की मछली इंटरनेशनल मार्केट में पहुंची हैं। पिथौरागढ़ जिले की तीन सहकारी समितियों ने राज्य सरकार के सहयोग से नेपाल को पांच मीट्रिक टन मछलियां सप्लाई की हैं। अच्छी खबर ये भी है कि उत्तराखंड आने वाले दिनों में करीब 30 टन मछलियों के निर्यात की तैयारी कर रहा है।राज्य सचिवालय के मीडिया सेंटर में आज मत्स्य विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने प्रेस कॉफ्रेंस में यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पिथौरागढ़ के धारचूला एवं मुनस्यारी क्षेत्र की तीन मत्स्य जीवी सहकारी समितियों ने ये मछलियां तैयार की थीं। कोल्ड—चेन बनाए रखते हुए मछली को गुजरात के वेरावल भेजा गया, जहां प्रसंस्करण के बाद 23 जून 2026 को नेपाल के अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसका सफलतापूर्वक निर्यात किया गया। इससे 33 मत्स्य पालकों को लगभग 23.50 लाख रूपये की आय प्राप्त हुई है।कैबिनेेट मंत्री के अनुसार उत्तराखंड के इस पहले निर्यात को प्रोत्साहित करने हेतु मत्स्य विभाग ने हार्वेस्टिंग, पैकेजिंग एवं परिवहन के लिए 5.40 लाख रूपये की गैप फंडिंग सहायता प्रदान की। उन्होंने कहा कि दुबई में आयोजित गल्फ फूड एक्सपो के दौरान अंतरराष्ट्रीय खरीदारों एवं हितधारकों से स्थापित संपर्काे का यह सकारात्मक परिणाम है। विभाग अब यूरोप, मध्य—पूर्व तथा दक्षिण—पूर्व एशिया के अन्य बाजारों में भी निर्यात की संभावनाओं पर कार्य कर रहा है। इस क्रम में आने वाले दिनों में करीब 30 टन मछली का निर्यात विदेशों में किए जाने की तैयारी की जा रही है।मत्स्य पालन मंत्री सौरभ बहुगुणा के अनुसार मत्स्य पालकों को विपणन सहायता उपलब्ध कराने हेतु वर्ष 2024 में भारत—तिब्बत सीमा पुलिस के साथ एमओयू किया गया, जिसके अंतर्गत अब तक 2.10 करोड़ रूपये मूल्य की 45.10 मीट्रिक टन ट्राउट मछली की आपूर्ति की जा चुकी है। प्रेस कॉफ्रेंस में निदेशक मत्स्य चंद्र सिंह धर्मशक्तू भी उपस्थित रहे।
June 26, 2026प्रशासन और निहंगों के बीच वार्ता जारी देहरादून। पंजाब से हिमाचल प्रदेश के रास्ते उत्तराखंड की ओर आने का प्रयास कर रहे निहंग सिख समुदाय के कारण उत्पन्न परिस्थितियों के बीच आज पांवटा साहिब सीमा पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रहने के साथ ही सामान्य बनी हुई है। प्रशासन एवं पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए कानून—व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल ने आज उत्तराखंड की प्रवेश सीमा पांवटा साहिब पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने मौके पर तैनात पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा—निर्देश भी दिए।प्राप्त जानकारी के अनुसार पांवटा साहिब सीमा पर पर्याप्त संख्या में पुलिस एवं सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। देहरादून आने—जाने वाले वाहनों की सघन निगरानी एवं जांच की जा रही है। प्रशासन द्वारा निहंग सिख समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ गुरुद्वारा पांवटा साहिब में सकारात्मक एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में वार्ता जारी है।जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि जनपद में शांति एवं कानून—व्यवस्था सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा इससे किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ कर दी गई है और प्रत्येक गतिविधि पर प्रशासन एवं पुलिस की लगातार नजर बनी हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि आपसी संवाद के माध्यम से स्थिति को पूर्णतः सामान्य बनाए रखने के प्रयास जारी हैं।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि सीमा क्षेत्र सहित सभी संभावित प्रवेश मार्गों पर पुलिस बल की प्रभावी तैनाती कर नाकेबंदी की गई है। सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी तथा शांति एवं कानून—व्यवस्था भंग करने का प्रयास करने वाले तत्वों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें तथा शांति एवं सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करें।
June 26, 2026अयोध्या। राम मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले में अध्यक्ष चंपत राय-अनिल मिश्रा ने ट्रस्ट से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा नैतिकता के आधार पर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख और एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद यह फैसला लिया गया। एसआईटी की सिफारिश पर मामले में पहली एफआईआर पहले ही दर्ज की जा चुकी है। इस मामले में पुलिस ने नामजद आठों आरोपियों को गिरफ्तार किया है।ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की तहरीर पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में बृहस्पतिवार को रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव तथा मनीष कुमार यादव नामक व्यक्तियों और कुछ अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गयी है। पुलिस ने बताया कि विशेष जांच दल (एसआईटी) की ओर से 23 जून को सरकार को सौंपी गई प्रारंभिक रिपोर्ट में कठोर कार्रवाई की सिफारिश की गई है, जिसके आधार पर यह कदम उठाया गया है।सूत्रों के अनुसार चोरी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक षड्यंत्र समेत विभिन्न आरोपों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित दान और चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट ने विशेष जांच का अनुरोध किया था जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रकरण की जांच के लिए 13 जून को एसआईटी का गठन किया गया था। एसआईटी में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि एसआईटी की निष्पक्ष जांच से ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ होकर रहेगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।प्राथमिकी में नामजद रामशंकर यादव उर्फ़ टिन्नू यादव के बारे में बताया गया है कि वह ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का पहले वाहन चालक रहा है। विवाद शुरू होने के बाद, टिन्नू ने पैसे गिनने में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया और इन आरोपों के लिए अज्ञात “ईर्ष्यालु लोगों” को जिम्मेदार ठहराया। एसआईटी की रिपोर्ट के अधार पर हुई कार्रवाई मंदिर में दान के तौर पर मिले नकद रुपयों और कीमती सामान को गिनने में लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा समेत अन्य आरोपी भी शामिल रहे हैं।
June 26, 202670 सीटों पर भाजपा ने तैयार की अपनी कोर कमेटियां भगवा बिसात पर चाल चलने को मजबूर होगा विपक्ष मिशन-2027 के लिए कोर कमेटियों का चुनावी चक्रव्यूह बूथ से लेकर टिकट तक की नब्ज टटोलेगा भाजपा संगठन देहरादून। भाजपा ने चुनावी घंटी बजने का इंतजार नहीं किया, बल्कि हर विधानसभा में अपनी चुनावी चौकी बिठा दी है। अब सवाल यह है कि विपक्ष अभी रणनीति बनाएगा या भाजपा की बिसात पर चाल चलने को मजबूर होगा? उत्तराखंड की राजनीति में विधानसभा चुनाव 2027 की आहट अभी दूर दिखाई देती है, लेकिन भाजपा ने चुनावी शतरंज की बिसात अभी से बिछा दी है। प्रदेश की सभी 70 विधानसभा सीटों के लिए अलग-अलग कोर कमेटियों का गठन कर भाजपा ने साफ संकेत दे दिया है कि इस बार चुनाव केवल प्रचार से नहीं, बल्कि सूक्ष्म संगठनात्मक प्रबंधन के दम पर लड़ा जाएगा।प्रदेश संगठन का यह कदम सामान्य राजनीतिक गतिविधि नहीं माना जा रहा। इसके पीछे बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना, स्थानीय असंतोष की पहचान करना, संभावित प्रत्याशियों की ताकत और कमजोरी का आकलन करना तथा सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना प्रमुख उद्देश्य माना जा रहा है।भाजपा की नई रणनीति के तहत प्रत्येक विधानसभा सीट पर गठित कोर कमेटी सीधे प्रदेश नेतृत्व को फीडबैक देगी। इसमें क्षेत्र की राजनीतिक परिस्थितियां, जातीय एवं सामाजिक समीकरण, स्थानीय मुद्दे, विकास कार्यों की स्थिति, विपक्ष की सक्रियता और कार्यकर्ताओं की नाराजगी जैसे विषय शामिल रहेंगे। इसका अर्थ साफ है कि पार्टी अब चुनावी निर्णय केवल देहरादून में बैठकर नहीं बल्कि प्रत्येक विधानसभा से मिलने वाले वास्तविक फीडबैक के आधार पर करेगी।सबसे अधिक फोकस उन सीटों पर किया जा रहा है जहां 2022 के चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। इन सीटों पर सांसद, वरिष्ठ नेता और संगठन पदाधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी दी गई है ताकि कमजोर बूथों की पहचान कर उन्हें मजबूत किया जा सके। साथ ही उन क्षेत्रों में लगातार जनसंपर्क अभियान चलाने की भी योजना है जहां पार्टी का वोट प्रतिशत कम रहा था।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा इस बार टिकट वितरण से पहले ही संभावित दावेदारों के प्रदर्शन की निगरानी शुरू कर चुकी है। कोर कमेटियां यह भी देखेंगी कि कौन नेता जनता के बीच सक्रिय है, किसकी स्वीकार्यता अधिक है और किसके खिलाफ स्थानीय स्तर पर नाराजगी है। ऐसे में टिकट की दौड़ अब केवल नेताओं की राजनीतिक पहुंच से नहीं बल्कि उनके जमीनी प्रदर्शन से भी तय होती दिखाई दे सकती है।भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती सत्ता विरोधी माहौल को नियंत्रित करना होगी। लगातार दो कार्यकाल सरकार चलाने के बाद स्वाभाविक रूप से जनता की अपेक्षाएं भी बढ़ी हैं। बेरोजगारी, पलायन, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्थानीय विकास जैसे मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है। ऐसे में कोर कमेटियां केवल चुनावी मशीनरी नहीं बल्कि सरकार और जनता के बीच संवाद का माध्यम भी बनेंगी।दूसरी ओर कांग्रेस अभी संगठनात्मक पुनर्गठन और नेतृत्व की मजबूती में जुटी दिखाई दे रही है। प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का प्रयास कर रही है, लेकिन भाजपा जिस गति से विधानसभा स्तर तक संगठनात्मक ढांचा मजबूत कर रही है, उससे राजनीतिक मुकाबला और रोचक होने की संभावना है।राजनीतिक दृदृष्टि से देखा जाए तो भाजपा का यह कदम केवल संगठन विस्तार नहीं बल्कि चुनावी माइक्रो मैनेजमेंट का माडल है। बूथ से लेकर विधानसभा और विधानसभा से लेकर प्रदेश नेतृत्व तक एक मजबूत फीडबैक सिस्टम तैयार कर पार्टी चुनावी जोखिम को पहले ही कम करना चाहती है। अब देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा की यह संगठनात्मक तैयारी 2027 में चुनावी बढ़त दिलाती है या कांग्रेस और अन्य दल स्थानीय मुद्दों के सहारे इस रणनीति को चुनौती देने में सफल होते हैं। लेकिन इतना तय है कि उत्तराखंड का चुनावी रण अब समय से पहले ही गर्म होना शुरू हो चुका है।