May 4, 2026सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियां भी हो गई लुप्त पहाड़ के गांवों में सदियों पुरानी जल संस्कृति पर संकट अनियोजित विकास और जलवायु परिवर्तन बना कारण देहरादून। उत्तराखंड के पहाड़ी गांव पलायन के कारण आज खाली हो गए हैं और इसके साथ ही पहाड़ की वह विरासत भी खत्म होने के कगार पर है। आज वह विरासत भी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही जो सदियों से यहां के गांवों की सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र होती थी। यहां बात हो रही है हिमालय की वादियों में स्थित गांवों में सदियों से प्यास बुझाते आ रहे पारंपरिक जल स्रोत ‘धारा’ और ‘नौले’ की। यह प्राकृतिक जल स्रोत, आधुनिकता की चकाचैंध और जलवायु परिवर्तन की मार के कारण धीरे-धीरे सूखने की कगार पर हैं।पहाड़ के जीवन में पारंपरिक जल स्रोत ‘धारा’ और ‘नौले’ का विशेष महत्व रहा है। यह ‘धारा’ और ‘नौले’ सिर्फ प्यास ही नहीं बुझाते थे, बल्कि यह गांवों में सामुहिकता की एक मिशाल थी। सुबह-शाम ‘धारा’ और ‘नौले’ के आसपास महिलाओं और ग्रामीणों का जमावड़ा लगता था, जिससे आपसी संवाद और सामुदायिक एकता मजबूत होती थी। कई स्थानों पर धाराओं के पास देवस्थल भी बनाए गए, जहां लोग जल को पवित्र मानकर उसकी पूजा करते हैं।गांवों में स्थानीय लोगों ने पीढ़ियों से इन जल स्रोतों को संरक्षित रखने के लिए प्राकृतिक संतुलन बनाए रखा। धारा के आसपास के जलग्रहण क्षेत्र में पेड़-पौधों का संरक्षण किया जाता था और वहां किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाता था। यही कारण था कि यह स्रोत सालभर पानी उपलब्ध कराते थे। लेकिन आधुनिकता की चकाचैंध में यह सब नहीं हो रहा है और लोग मोबाइल और टीबी पर चिपके रहते हैं। इस कारण प्राकृतिक जलस्रोत भी आज अकेले होकर दम तोड़ने लग गए है।विशेषज्ञों के अनुसार सिर्फ यही एक कारण नहीं है बल्कि वनों की अंधाधुंध कटाई, सड़क और भवन निर्माण, और जलवायु परिवर्तन इसके प्रमुख कारण हैं। पहाड़ों में हो रहे अनियोजित विकास ने जलग्रहण क्षेत्रों को नुकसान पहुंचाया है। इसके अलावा, गांवों से हो रहे पलायन के चलते इन स्रोतों की नियमित देखरेख भी कम हो गई है। धाराओं के सूखने से गांवों में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। कई क्षेत्रों में अब लोगों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ता है या फिर सरकारी टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इससे न केवल दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि पारंपरिक जीवनशैली भी टूट रही है।विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि समय रहते इन स्रोतों के संरक्षण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है। जलग्रहण क्षेत्रों में पौधरोपण, वर्षा जल संचयन और पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देने जैसे उपाय कारगर साबित हो सकते हैं। साथ ही, स्थानीय समुदाय की भागीदारी भी बेहद जरूरी है। प्रकृति का अद्भुत इंजीनियरिंग कौशलपहाड़ में पानी के प्राकृति स्रोत केवल पानी निकालने की जगह नहीं, बल्कि प्राचीन इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना हैं। भू-वैज्ञानिकों के अनुसार, पहाड़ की आंतरिक परतों से छनकर आने वाला यह पानी न केवल मिनरल्स से भरपूर होता है, बल्कि प्राकृतिक रूप से फिल्टर भी होता है। स्थानीय बुजुर्ग बताते हैं कि धाराओं का पानी औषधीय गुणों से युक्त होता है, जो पेट की बीमारियों और पथरी जैसी समस्याओं में रामबाण माना जाता था। पहाड़ में धाराओं का महत्व केवल प्यास बुझाने तक सीमित नहीं है। देवभूमि की परंपराओं में धारा पूजन का विशेष स्थान है। नवविवाहित वधू का पहली बार धारा पर जाकर पूजा करना इस बात का प्रतीक है कि जल ही जीवन का मूल है। सिंहमुख और गरुड़मुख जैसी कलाकृतियों से सजे ये स्रोत स्थापत्य कला का भी उत्कृष्ट उदाहरण पेश करते हैं।
May 3, 2026उधमसिंहनगर। पति की हत्यारी पत्नी को पुलिस ने प्रेमी सहित गिरफ्तार कर लिया है। हत्याारोपी पत्नी ने पति की हत्या के लिए जहर और शराब प्रेमी से मंगवायी थी। हत्या के बाद दोनो ने शव को नहर में फेंक दिया था। जिसके शव की तलाश जारी है।जानकारी के अनुसार बीती 1 मई को चन्द्रवती पत्नी स्व. रामप्रसाद निवासी ग्राम खानपुर उत्तरी मझरा रज्जावाला थाना स्वार जनपद रामपुर द्वारा थाना आईटीआई काशीपुर में तहरीर देकर बताया गया था कि उनका पुत्र कुलवन्त सिंह दिनांक 25 अप्रैल को अपनी पत्नी गुड्डी के पास ग्राम वांसखेड़ा थाना काशीपुर जाने की बात कहकर घर से गया था, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा। बताया कि बहू गुड्डी से पूछताछ करने पर उसने भ्रामक जानकारी दी। स्थानीय लोगों से पता चला कि दिनांक 25 अप्रैल को पति—पत्नी के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद से कुलवन्त लापता है। वादिनी को अपनी बहू पर संदेह हुआ। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जंाच शुरू कर दी गयी। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी गुड्डी का कपिल मौर्या उर्फ राहुल मौर्या निवासी मसवासी, स्वार रामपुर से प्रेम प्रसंग था। सर्विलांस के माध्यम से दोनों की लोकेशन घटना के समय एक ही स्थान पर पाई गई। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी गुड्डी ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उसका पति शराब पीने का आदी था तथा उसका उत्पीड़न करता था, जिससे तंग आकर उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। बताया कि 25 अप्रैल को महिला ने अपने प्रेमी से जहर, शराब व अन्य सामग्री मंगवाई और अपने पति को जहर मिली शराब पिलाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद प्रेमी को बुलाकर शव को कार में रखकर तुमड़िया डैम से निकलने वाली बड़ी नहर में एनएच—74 बाईपास पुल से फेंक दिया गया। जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपी गुड्डी एवं उसके प्रेमी कपिल मौर्या उर्फ राहुल मौर्या को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही की गई है। दोनों अभियुक्तों की निशानदेही पर पुलिस एवं एसडीआरएफ टीम द्वारा बताये गये नहर क्षेत्र में मृतक कुलवन्त के शव की सघन तलाश की जा रही है, जिसकी बरामदगी अभी शेष है। गिरफ्तार अभियुक्तगण को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
May 3, 2026देहरादून। उत्तराखंड में कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी के बाद मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राजधानी देंहरादून में आज सुबह तेज आंधी—तूफान के साथ झमाझम बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिली, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। अचानक मौसम बदलने से शहर में अंधेरा छा गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई।मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखण्ड के कई जिलों में मौसम खराब बना रहेगा। खासतौर पर उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की से मध्यम बारिश और बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक 4000 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। इससे पहाड़ी इलाकों में ठंड बढ़ने के आसार हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाए, ट्रैकिंग गतिविधियों पर नियंत्रण रखा जाए, राहत और बचाव दलों को अलर्ट पर रखा जाए, सड़कों के अवरुद्ध होने पर तुरंत बहाली सुनिश्चित की जाए साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई और बीआरओ को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।विघालयों में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ग्राम स्तर तक अधिकारियों को सक्रिय रहने के आदेश जारी किए गए हैं। सभी आपदा उपकरण और संसाधनों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
May 3, 2026चमोली। भारतीय सेना की 418 इंडिपेंडेंट फील्ड कंपनी (9 माउंटेन ब्रिगेड) की टीम और गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के सेवादार आज श्री हेमकुंट साहिब गुरुद्वारा कॉम्प्लेक्स तक पहुंच गए हैं। संयुक्त टीम ने गुरुद्वारा कॉम्प्लेक्स के द्वार गुरु से अरदास के पश्चात खोल दिए, जिससे अब टीम यहीं पर रहकर कार्य कर सकेगी। इससे पहले उन्हें हर शाम घांघरिया वापस लौटना पड़ता था। टीम अब हेमकुंट साहिब से अटलकोटी ग्लेशियर प्वाइंट तक नीचे की ओर ट्रैक को चौड़ा करने का कार्य करेगी, ताकि तीर्थयात्रियों के लिए मार्ग और अधिक सुगम व सुरक्षित हो सके। कई दशकों से भारतीय सेना हिमालय की कठिन भौगोलिक स्थिति में इस गौरवपूर्ण और निःस्वार्थ सेवा का कार्य प्रतिवर्ष कर रही है, ताकि हेमकुंट साहिब यात्रा सुरक्षित और सफल हो सके। गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब प्रबंधन ने भारतीय सेना तथा सभी सेवादारों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। श्री हेमकुंट साहिब गढ़वाल हिमालय में लगभग 4,632 मीटर (15,200 फीट) की ऊंचाई पर स्थित एक अत्यंत पवित्र सिख तीर्थस्थल है, जो बर्फ से ढंके पर्वत शिखरों और स्वच्छ झील से घिरा हुआ है।
May 3, 2026देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याओं को सुना। जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने सड़क, पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य, शिक्षा, भूमि संबंधी मामलों तथा अन्य जनहित से जुड़े विषयों पर अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं।मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कार्यालय एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त सभी शिकायतों एवं मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए तथा प्रत्येक प्रकरण की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब न किया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्राप्त शिकायतों को संबंधित विभागों को तत्काल प्रेषित करते हुए समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायतकर्ता को की गई कार्रवाई की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को उसकी समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान प्राप्त हो। जनसुनवाई जैसे कार्यक्रम शासन और जनता के बीच संवाद स्थापित करने का सशक्त माध्यम हैं, जिनके माध्यम से सरकार को जमीनी स्तर की समस्याओं की जानकारी प्राप्त होती है और उनके समाधान के लिए प्रभावी निर्णय लिए जा सकते हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनकल्याण, सुशासन और समग्र विकास के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश के दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्रों तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये गये हैं कि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ सरलता एवं समयबद्ध रूप से लोगों को प्राप्त हो।इस अवसर पर फिल्म अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी ने भी मुख्यमंत्री से भेंट कर उत्तराखण्ड में चारधाम यात्रा में श्रद्धालु के लिए की गई बेहतर व्यवस्थाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन बेहतर यात्रा व्यवस्थाओं के लिए पूरी तत्परता से कार्य कर रहा है। आंगनबाड़ी कर्मियों ने भी उनकी समस्याओं और मांगों पर सकारात्मक आश्वासन के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
May 3, 2026पिथौरागढ़। जमीनी फर्जीवाड़े के मामले में बड़ी कार्यवाही करते हुए पुलिस ने दो ठगो को गिरफ्तार कर लिया है। जिन्हे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।जानकारी के अनुसार बीते 3 सितंबर 2025 को कोतवाली पिथौरागढ़ क्षेत्र की एक महिला द्वारा तहरीर दी गई थी कि जमीन खरीद—फरोख्त के नाम पर उनसे लगभग 12 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की गयी है। इस संबंध में कोतवाली पिथौरागढ़ में अभियोग पंजीकृत किया गया। मामले की जांच के दौरान उपनिरीक्षक जितेन्द्र सोराड़ी मय टीम द्वारा पूर्व में एक अभियुक्त किशन कोहली को गुरुग्राम, हरियाणा से गिरफ्तार किया गया था। मामले में प्रकाश में आए दो अन्य अभियुक्त संजय प्रसाद निवासी जाखनी, प्रियांशु नाथ निवासी चौसर को गिरफ्तार किया है।