May 6, 2026भले ही यह कहा जाता रहा हो कि राजनीति और प्यार में सब कुछ जायज होता है लेकिन सच यह है की राजनीति और प्यार में ही सबसे अधिक पारदर्शिता और विश्वसनीयता जरूरी होती है। पांच राज्यों के चुनावों के दौरान अगर सभी की जिज्ञासा के केंद्र में पश्चिम बंगाल था तो क्यों था? चुनावी नतीजों के बाद इस सवाल का जवाब सभी को मिल चुका है। हर आम और खास आदमी से लेकर सभी दलों के नेता इस सच से बखूबी वाकिफ है कि यह चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव नहीं था। इस चुनाव को अपनी इच्छानुकूल बनाने के लिए केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग द्वारा एक सुनियोजित रणनीति तैयार की गई थी। जिसमें एसआईआर जिसके माध्यम से 22 लाख ऐसे मतदाताओं से उनके मताधिकार छीना गया जो सुप्रीम कोर्ट तक अपील में गए तथा 8 लाख ऐसे मतदाताओं का नाम जोड़ा गया जिनकी जानकारी नहीं दी गई। इस राजनीतिक खेल की यह सबसे अहम कड़ी थी जिसे न्यायपालिका ने यह कहकर नजर अंदाज कर दिया था कि अगर एक बार वोट नहीं डालोगे तो क्या हो जाएगा अगली बार डाल देना। चुनावी दौर में राज्य के सभी बड़े अधिकारियों सहित व्यापक पैमाने पर किए जाने वाले ट्रांसफर और भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती सब कुछ एक सुनियोजित तरीके से किए गए काम है क्योंकि सत्ता में बैठे लोगों को पता था कि चुनावी नतीजों के बाद क्या होगा? ममता बनर्जी अब अगर सीएम पद से इस्तीफा भी नहीं देती है तब भी वह नई निर्वाचित सरकार को सत्ता संभालने से नहीं रोक पाएगी? 9 मईं को उनकी सरकार का कार्यकाल पूरा होने पर स्वतः ही वह पूर्व मुख्यमंत्री हो जाएगी मुख्यमंत्री रहते हुए जब उन्हें स्ट्रांग रूम में घुसने से रोका जा सकता है तथा उनके मुख्य पर्यवेक्षक तथा उनके साथ मारपीट की जा सकती है तब जब न उनकी सरकार होगी न वह मुख्यमंत्री होगी तब क्या—क्या हो सकता है? इसकी कल्पना भी वह नहीं कर सकती हैं। जिसकी शुरुआत भाजपा की जीत के साथ ही उनके आवास पर जय श्री राम के नारे लगाए जाने, टीएमसी के कार्यालय पर बुलडोजर चलाने व जगह—जगह उनके कार्यकर्ताओं के साथ होने वाली मारपीट हिंसा व आगजनी के रूप में सामने आना शुरू हो गया है। विपक्ष को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह इस तरह हार जाएगी या हरा दी जाएगी। लेकिन उनकी इस हार के बाद अब इंडिया ब्लॉक के सभी छत्रपों को यह समझ आ गया है कि सत्ता में रहते हुए जब ममता जैसी नेता स्वयं का किला नहीं संभाल पाई तो वह तो सत्ता में भी नहीं है उनके लिए तो यह कतई भी आसान नहीं होगा। यही कारण है कि वह अब सारे के सारे ममता के संघर्ष में उनके साथ खड़े नजर आ रहे हैं और युद्ध का शंखनाद कर रहे हैं। ममता ने साफ कर दिया है कि वह भाजपा का अत्याचार अब और नहीं सहेंगी। सवाल यह है कि जब चुनाव आयोग और न्यायपालिका उनकी आपत्तियों को सुनने के लिए तैयार नहीं है तब उनके पास विकल्प क्या बचता है? जनता जो उन्हें नकार चुकी है तथा अब उनके आंदोलन या लड़ाई लड़ने के ऐलान के बाद भी जनता की प्रतिक्रिया बेहद बेदम दिख रही है तब उनकी राह आसान कैसे हो सकती है। भले ही भाजपा की राजनीति का उद्देश्य सिर्फ राज करना हो और उसका राष्ट्र नीतियों से कोई सरोकार न रहा हो लेकिन उसके पास सत्ता तथा धन का जो बड़ा बल है उसके सामने उनकी लड़ाई किस मुकाम तक पहुंच पाएगी यह समय ही बताएगा?
May 6, 2026देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने पिटकुल को निर्देश दिए कि सड़कों की खुदाई एवं अंडरग्राउण्ड केबलिंग और ब्लैक टॉपिंग का कार्य जून माह तक पूर्ण कर लिया जाए।आज यहां मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में देहरादून में विद्युत लाईनों की अंडरग्राउण्ड केबलिंग को लेकर ऊर्जा विभाग एवं जिलाधिकारी देहरादून के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। मुख्य सचिव ने पिटकुल को निर्देश दिए कि सड़कों की खुदाई एवं अंडरग्राउण्ड केबलिंग और ब्लैक टॉपिंग का कार्य जून माह तक पूर्ण कर लिया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि पिटकुल को सभी फ्रंट पर एक साथ कार्य खोलने के बजाय कुछ फ्रंट पर कार्य खोलकर अपनी सभी लेबर को एक ही जगह कंसंट्रेट करते हुए कार्य को निर्धारित समयसीमा के अंतर्गत पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इससे पूरे शहर की सड़कें खुदने के बजाय कुछ हिस्सों में अधिक लेबर लगाने से कार्य ज्यादा तेजी से होगा। इससे शहरवासियों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी देहरादून के साथ लगातार सम्पर्क बनाते हुए अपने कार्य को तय समय सीमा के साथ पूर्ण कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जिलाधिकारी देहरादून को भी अंडरग्राउण्ड केबलिंग की प्रगति की साप्ताहिक मॉनिटरिंग किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक जगह कार्य पूर्ण होने के बाद ही आगे के कार्य शुरू किए जाने की परमिशन दी जाए। इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल एवं पिटकुल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
May 6, 2026देहरादून। सड़क दुर्घटना में आज सुबह एक तेज रफ्रतार ट्रक की चपेट में आकर एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गयी। घटना के बाद मौके पर परिजन और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में इकट्टòा हो गए और हंगामा काटना शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंच कर लोगों को शांत करने का प्रयास किया लेकिन आक्रोशित लोगों ने पुलिस को शव उठाने से रोक दिया और सड़क पर ही हंगामा शुरू कर दिया। गुस्साए लोगों ने वहां लगे पोस्टर और बैनर भी पफाड़ दिए। वहीं घटना के बाद ट्रक चालक मौके से भाग निकला जिसकी तलाश जारी है।जानकारी के अनुसार आज सुबह थाना वसन्त विहार को सूचना मिली कि कांवली रोड गोविंदगढ़ पुल के पास एक ट्रक द्वारा अज्ञात व्यक्ति को टक्कर मार दी है। उक्त सूचना पर थाना वसन्त विहार से पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुँचा। मौके पर पहुंच कर पता चला कि ट्रक चालक द्वारा एक व्यक्ति को कांवली रोड गोविंदगढ़ पुल के पास टक्कर मार दी थी, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। ट्रक चालक वाहन को मौके पर छोड़कर पफरार हो गया। पूछताछ करने पर ज्ञात हुआ कि मृतक का नाम सकल देव साहनी पुत्रा दयाराम साहनी निवासी शिपनगर थाना सेयारा जिला सीतामढ़ी बिहार हाल पता कालिंदी एनक्लेव उम्र 55 वर्ष है, मृतक व्यक्ति मजदूरी का कार्य करता था जो अपने साथियों के साथ सुबह मजदूरी पर जाने के लिए उक्त स्थान पर ऽड़ा था।घटना के बाद मौके पर परिजन और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में इकट्टòा हो गए। आक्रोशित लोगों ने पुलिस को शव उठाने से रोक दिया और सड़क पर ही हंगामा शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कांवली रोड पर सुबह के समय तेज रफ्रतार डंपरों व ट्रकों का आवागमन आम बात है, लेकिन पुलिस और प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं देते। लोगों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है और चालक की जल्द गिरफ्रतारी की भी मांग उठाई है। पुलिस लोगों को समझाने में जुटी रही। बहरहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है और ट्रक चालक की तलाश के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। पुलिस के आलाध्किारियों ने आश्वासन दिया कि आरोपी को जल्द गिरफ्रतार किया जाएगा।
May 5, 2026देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित हिमाद्रि आइस रिंक के जीर्णोद्धार की प्रथम वर्षगांठ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों एवं सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए हिमाद्रि आइस रिंक की प्रथम वर्षगांठ पर शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड हॉकी आइस टीम की जर्सी व पे और प्ले पोर्टल का विमोचन किया |मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की एकमात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर की आइस रिंक “हिमाद्रि” केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है, जो खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 में स्थापित this आइस रिंक में सर्वप्रथम साउथ एशियन विंटर गेम्स का आयोजन किया गया था, लेकिन बाद के वर्षों में विभिन्न कारणों से इसका सुचारु संचालन एवं रखरखाव नहीं हो पाने के कारण इसे बंद करना पड़ा।उन्होंने कहा कि आइस रिंक की बदहाल स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने इसे पुनः संचालित करने का संकल्प लिया और लगभग साढ़े 8 करोड़ रुपये की लागत से पिछले वर्ष इसी दिन इसका जीर्णोद्धार कर इसे पुनः खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को समर्पित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके संचालन के लिए एक मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित कर हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा दिया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के सामूहिक प्रयासों के परिणामस्वरूप आज यह आइस रिंक एक बार फिर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन का केंद्र बन रही है। उन्होंने बताया कि बीते एक वर्ष के दौरान यहां नेशनल आइस स्केटिंग चैंपियनशिप, एशियन ट्रॉफी, राष्ट्रीय आइस हॉकी लीग तथा महिला एवं बालक वर्ग की राष्ट्रीय टीमों के प्रशिक्षण शिविरों का सफल आयोजन किया गया। साथ ही वर्तमान में विभिन्न राज्यों के खिलाड़ी यहां स्केटिंग एवं आइस हॉकी का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय आइस हॉकी टीम का प्रशिक्षण शिविर भी इसी आइस रिंक में आयोजित किया गया। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि पिछले वर्ष अगस्त माह में भारत ने पहली बार “एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी” की सफल मेजबानी की, जिसमें एशिया के 11 देशों के 200 से अधिक खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें भी उस ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी बनने का अवसर प्राप्त हुआ था।मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में आइस स्केटिंग और आइस हॉकी के प्रति बढ़ते आकर्षण को देखते हुए आने वाले समय में भारत शीतकालीन खेलों में एक मजबूत शक्ति के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “खेलो इंडिया” और “फिट इंडिया मूवमेंट” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहन मिला है और आज भारत खेलों के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन से उत्तराखंड को “देवभूमि” के साथ-साथ “खेलभूमि” के रूप में नई पहचान मिली है। इन राष्ट्रीय खेलों में राज्य के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना विकसित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इसी दिशा में शीघ्र ही राज्य के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना के लिए ‘स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’ लागू किया जाएगा, जिसके अंतर्गत प्रतिवर्ष 920 विश्वस्तरीय एथलीटों और 1000 अन्य खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में उत्तराखंड के पहले खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना के लिए भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नई खेल नीति लागू की गई है, जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेताओं को सरकारी नौकरी की सुविधा प्रदान की जा रही है।मुख्यमंत्री ने खेल मंत्री श्रीमती रेखा आर्य से यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि खिलाड़ियों से संबंधित योजनाओं और प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो।उन्होंने कहा कि आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों में अध्ययनरत खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण के साथ खेल छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त ‘मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’, ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’, ‘मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना’ तथा ‘खेल किट योजना’ के माध्यम से प्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को राष्ट्र निर्माण और युवा सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम मानते हुए उत्तराखंड को खेलों के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के खिलाड़ी अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर उत्तराखंड का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करते रहेंगे।इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्रीमती रेखा आर्य, विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ, विशेष सचिव श्री अमित सिन्हा, खेल विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे।
May 5, 2026देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को चकराता रोड़ स्थित, प्राचीन श्री हनुमान मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने भगवान बजरंगबली से प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना करते हुए प्रदेश की उन्नति, विकास और जनकल्याण की कामना की। उन्होंने कहा कि भगवान हनुमान शक्ति, भक्ति, साहस और सेवा के प्रतीक हैं। उनका जीवन हमें निस्वार्थ सेवा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता है। भगवान हनुमान की उपासना से भय, संकट और नकारात्मकता का नाश होता है तथा जीवन में साहस, ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार होता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भगवान हनुमान के आदर्शों को अपनाकर समाज में एकता, सेवा और सहयोग की भावना को मजबूत करने का भी आह्वान किया है।
May 5, 2026कन्वेयर बेल्ट के लिए ₹19.44 लाख का बजट कन्वेयर बेल्ट के नाम पर लोहे के खाली ढांचे सुलभ और कार्यदायी संस्था सवालों के घेरे में शिकायती पत्र में भ्रष्टाचार,अव्यवस्था का खुलासा यात्रा में भारी मात्रा में प्लास्टिक कूड़ा फेंका जा रहा देहरादून। केदारनाथ यात्रा मार्ग के मुख्य पड़ाव सोनप्रयाग में स्वच्छता व्यवस्था और कूड़ा प्रबंधन को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। युवा नेता मोहित डिमरी ने जिलाधिकारी विशाल मिश्रा को सौंपे शिकायती पत्र में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था का खुलासा किया है।मोहित डिमरी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि केदारनाथ यात्रा में प्रतिदिन भारी मात्रा में प्लास्टिक कूड़ा फेंका जा रहा है। यात्रा मार्ग पर प्लास्टिक कूड़े को एकत्रित करने और उसके उचित प्रबंधन की जिम्मेदारी ‘सुलभ इंटरनेशनल’ को दी गई थी। इसी उद्देश्य से सोनप्रयाग-त्रियुगीनारायण मार्ग पर प्लास्टिक कचरा प्रबंधन हेतु कन्वेयर बेल्ट की स्थापना के लिए ₹19.44 लाख का बजट स्वीकृत हुआ था।हैरानी की बात यह है कि निर्माण इकाई द्वारा कार्य पूर्ण होने के बोर्ड तो लगा दिए गए हैं, लेकिन मौके पर कन्वेयर बेल्ट के नाम पर सिर्फ लोहे के खाली ढांचे खड़े हैं। मोहित डिमरी ने कहा कि जब कूड़ा प्रबंधन की मशीनरी ही क्रियाशील नहीं है, तो सुलभ द्वारा एकत्रित किए जा रहे कचरे का निस्तारण कैसे होगा? यह सीधे तौर पर सरकारी धन का दुरुपयोग और तीर्थयात्रियों की आस्था के साथ खिलवाड़ है।जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर जिलाधिकारी को जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आदेश दिया है कि समिति मौके पर जाकर कार्यों का निरीक्षण करे और एक सप्ताह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि भ्रष्टाचार या कार्य में लापरवाही की पुष्टि होती है, तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।