March 16, 2026मुरादाबाद। मूंढापांडे थाना क्षेत्र के मनकरा मोड़ के पास आज सुबह एक अनियंत्रित कार आगे चल रही ट्रैक्टर—ट्रॉली से जा टकराई। हादसे का मंजर इतना खौफनाक था कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार चार युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। दुर्घटना में एक युवक गम्भीर रूप से घायल हुआ है। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शवों कोे कब्जे में लेकर घायल को अस्पताल पहुंचाया जहंा उसका उपचार जारी है।जानकारी के अनुसार हादसा आज सुबह उस समय हुआ जब हल्द्वानी के पांच मित्र कार से दिल्ली की ओर जा रहे थे, प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच के अनुसार, कार चालक को संभवतः नींद की झपकी आ गई थी। इसके कारण तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर आगे चल रही ईंटों से लदी ट्रैक्टर—ट्रॉली में पीछे से जा घुसी। सीएचसी की मेडिकल ऑफिसर डॉ. ईशा सिंह ने बताया कि घायलों को जब अस्पताल लाया गया, तो चार युवकों की मौत हो चुकी थी। उनके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। पुलिस ने सभी पीड़ितों की शिनाख्त कर ली है। ये सभी हल्द्वानी, उत्तराखंड के निवासी थे। मृतकों के नाम अनिल नेगी, सुंदर सिंह, भुवन भंडारी और दयाल सिंह बताये जा रहे है। जबकि घायल हुए युवक का नाम यशदीप पांडे बताया जा रहा है। जिसे मुरादाबाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस सड़क हादसे का तत्काल संज्ञान लिया है साथ ही मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। मूंढापांडे एसएचओ मोहित कुमार ने बताया कि पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से कार को काटकर उसमें फंसे युवकों को बाहर निकाला। क्षतिग्रस्त कार को हाईवे से हटाकर यातायात सुचारू कराया गया है। पुलिस अब मृतकों के परिजनों से संपर्क कर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
March 16, 2026देहरादून। राजधानी देहरादून में अपराधों का ग्राफ लगातार बढ़ता ही जा रहा है। बीते कुछ समय से अन्य संगीन अपराधों के साथ—साथ हत्याओं का सिलसिला भी अचानक बढ़ गया है। बीते तीन दिन पहले झाझरा स्थित जंगल में बोरे में लाश मिलने की घटना का पुलिस अभी खुलासा भी नहीं कर पायी थी कि आज सुबह रायपुर क्षेत्रांर्तंगत एक खण्डर में एक महिला का शव मिलने से पुलिस प्रशासन में अफरा तफरी फैल गयी। महिला के शरीर पर चोटोें के निशान देखते हुए उसकी हत्या की आश्ंाका जताई जा रही है।प्राप्त जानकारी के अनुसार आज सुबह रायपुर क्षेत्रांर्तगत चुना भट्टा स्थित एक खण्डर में एक महिला का शव पड़ा मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गयी। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अग्रिम कार्यवाही शुरू कर दी है। महिला की पहचान शिवानी थापा निवासी सूरज बस्ती चूना भट्टा के रूप में की गयी है। सूंत्रों का कहना है कि शिवानी नशे की आदी थी जिसे कुछ दिन पहले ही उसकी मां हरिद्वार स्थित एक नशा मुक्ति केन्द्र से छुड़ाकर लायी थी। बताया जा रहा है कि शिवानी थापा की शादी करीब तीन—चार साल पहले ही हुई थी जिसका दो साल का बच्चा भी है। जबकि उसका पति भी नशे का आदी है जो फिलहाल नशा मुक्ति केन्द्र में बंद है। मृतका शिवानी के शरीर पर चोटों के निशान देखते हुए उसकी हत्या की आशंका जताई जा रही है। बहरहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अग्रिम कार्यवाही शुरू कर दी है। वहीं मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी सिटी प्रमोद कुुमार, एसपी देहात जया बलूनी और एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल भी मौके पर पहुंचे हुए है।बता दें कि करीब तीन दिन पूर्व प्रेमनगर क्षेत्रांर्तगत झाझरा के जंगलों में एक महिला की बोरे में लाश मिली थी जिसकी अज्ञात लोगों द्वारा गला घोटकर हत्या की गयी थी। महिला की शिनाख्त पुलिस अभी तक नहीं करा सकी है। जिस कारण उसके हत्यारो को भी पुलिस पकड़ पाने में कोसो दूर है। वहीं ऐसे समय में राजधानी देहरादून में एक बार फिर महिला का शव मिलने से लोगों का कानून व्यवस्था पर सवाल उठाना लाजमी है?
March 16, 2026दमकल की 12 गाड़ियां मौके पर तैनात देहरादून। पटेलनगर क्षेत्र में स्थित कबाड़ी बाजार में आज सुबह भीषण आग लगने से इलाके में अफरातफरी मच गई। आग इतनी भयावह थी कि साढ़े 11 घंटे बीत जाने के बाद भी आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका और कई स्थानों पर आग सुलगती रही।जानकारी के अनुसार पटेलनगर कोतवाली के पीछे स्थित कबाड़ी बाजार में अचानक आग लग गई, जिसके बाद आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने कबाड़ के ढेरों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे धुएं का गुबार दूर—दूर तक दिखाई देने लगा।सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। आग की गंभीरता को देखते हुए दमकल की करीब 12 गाड़ियां मौके पर तैनात की गईं। दमकल कर्मी लगातार कई घंटों से आग पर काबू पाने के प्रयास में जुटे हुए हैं। कबाड़ी बाजार में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग तेजी से फैल गई, जिससे आग बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। समाचार लिखे जाने तक दमकल विभाग द्वारा आग को पूरी तरह बुझाने का प्रयास किया जा रहा था।
March 16, 2026देहरादून। श्री हेमकुंड साहिब के मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन से मुलाकात कर बताया कि श्री हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई को खुलेंगे।आज यहां सचिवालय में श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन से शिष्टाचार मुलाकात की। इस अवसर पर बिंद्रा ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि श्री हेमकुंड साहिब के कपाट आगामी 23 मई को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे। भेंट के दौरान आगामी यात्रा व्यवस्थाओं तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं से संबंधित विषयों पर संक्षिप्त चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में जानकारी लेते हुए हर संभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया तथा इसके लिए स्थानीय प्रशासन को भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
March 16, 2026हर चुनाव में राजनैतिक दलों का मुद्दा बन जाता है गैरसैंण चुनाव खत्म होते ही राजधानी पर नहीं करता है कोई भी बात हकीकत में प्रदेश के आमजन की हसरत आज भी है अधूरी देहरादून। चुनावी साल में आरोप-प्रत्यारोपों का दौर यह तो प्रजातंत्र में नेताओं के लिए खजाना है और इस खजाने से कब कौन सा अस्त्र बाहर निकालना है यह नेताओं को खूब पता होता है। बात चली है तो भाजपा और कांग्रेस के उस सफेद झूठ के बारे में करते हैं, जिसे बोलकर सत्ता पर काबिज होना इन दोनों दलों को अच्छी तरह से आता है। यह मुद्दा है प्रदेश की राजधानी की। राज्य बने 25 साल हो गए, लेकिन आज भी राज्य की राजधानी का मुद्दा हर चुनाव के समय उठ जाता है और शुरू हो जाता है आरोप-प्रत्यारोपों का दौर।बता दें कि वर्ष 2000 में उत्तराखंड राज्य बना और राज्य की देहरादून को अस्थायी राजधानी बनाया गया। उस समय भी यह उम्मीद जताईई गई थी कि भविष्य में राजधानी के प्रश्न पर व्यापक विचार किया जाएगा। लेकिन धीरे-धीरे समय बीतता गया और अस्थायी राजधानी स्थायी व्यवस्था का रूप लेती चली गई। राज्य के लोगों की गैरसैंण राजधानी की मांग धूमिल होती चली गई। नेताओं को अपने ठाठ-बाठ के लिए पहाड़ चढ़ना मंजूर नहीं था और नेतागिरी करने के लिए यह मुद्दा तो लंबा चलाना था। साल-दर-साल चुनाव होते रहे, गैरसैंण का मुद्दा चुनाव के समय उठता रहा, लेकिन हकीकत आज भी यह है कि आमजन की हसरत आज भी अधूरी है।इसके साथ ही जब-जब गैरसैंण पर बात हुई तो कुछ न कुछ हुआ और इसी का परिणाम था कि जब भराड़ीसैंण में विधानसभा भवन का निर्माण हुआ तो पहाड़ के लोगों के भीतर एक नईई आशा जगी। उन्हें लगा कि शायद अब राज्य की सत्ता धीरे-धीरे पहाड़ की ओर लौटेगी। लेकिन आज भी कभी कभार सपने की तरह यहां नेताओं को हुजूम उमड़ता है और कुछ दिन मौज-मस्ती पर फिर गैरसैंण बीरान हो जाता है।आज की स्थिति यह है कि भराड़ीसैंण का विधानमंडल परिसर अत्यंत भव्य और आधुनिक है। वहां विधानसभा भवन, विधायक आवास, अधिकारियों के आवास और कईई अन्य बुनियादी ढांचे विकसित किए गए हैं। इन परियोजनाओं पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। लेकिन इन सबके बावजूद साल भर में केवल कुछ ही दिनों के लिए वहां विधानसभा सत्र आयोजित होता है।अब चुनावी साल है और भाजपा कांग्रेस का यह फिर मुद्दा होगा, लेकिन सिर्फ चुनावी। चुनाव खत्म होते ही सभी नेता देहरादून में एसी की हवा खाने में मस्त हो जाएंगे और पांच साल तक चप्पी साधे रहेंगे। हर चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने गैरसैंण को लेकर सफेद झूठ बोला है और आगे भी बोलेंगे। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर राजनैतिक दलों ने गैरसैंण की समस्या का समाधान कर दिया तो आने वाले समय में किस बात की राजनीति करेंगे। शायद यही कारण है कि आज भी इस मुद्दे को दोनों दल अलझाये हुए हैं। लंबे समय बाद दिखे भाजपा प्रदेश प्रभारी दुष्यंतलंबे समय बाद भाजपा के प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम प्रदेश में दिखे। भाजपा की संगठनात्मक बैठक में भाग लेने के लिए पहुंचे थे। देहरादून में कुआंवाला में आयोजित बैठक में गौतम ने मुख्यमंत्री धामी को 4 वर्ष पूरे करने वाले पाटीं के पहले मुख्यमंत्री बनने की बधाईई दी। उनके कार्यकाल की प्रशंसा करते हुए कहा, वह आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप राज्य का निर्माण कर रहे हैं। े जनता के मन जीतने का तो काम कर ही रहे हैं, साथ ही पीएम मोदी के कहे अनुशार उत्तराखंड का दशक लाने के लिए जी जान से जुटे हैं। उनके नेतृत्व में आपदा का भी समाधान निकालकर, राज्य आज विकसित भारत के मिशन में सर्वोपरि नामों में शुमार है।
March 16, 2026ओडिसा। कटक स्थित श्रीराम चंद्र भांजा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आज सुबह आग लगने की सूचना से सनसनी फैल गयी। हादसें में 10 मरीजों की मौत हो गयी जबकि 11 कर्मचारी झुलस गये है। जिनका उपचार जारी है।जानकारी के अनुसार कटक के एसीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आज तड़के सुबह करीब 3 बजे भीषण आग लग गई। हादसे में 10 मरीजों की मौत हुई है। आग अस्पताल की पहली मंजिल पर ट्रॉमा केयर के एक वार्ड में लगी बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि हादसे के समय अस्पताल में करीब 23 मरीज भर्ती थे। घटना के समय भयानक आग से मरीजों को बचाने में अस्पताल स्टाफ के करीब 11 कर्मचारी झुलस गए। फिलहाल आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। लेकिन आग किस कारण लगी है अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है।घटना के बाद सुबह घायलों का हाल जानने के लिए ओडिशा के मुख्यमंत्री अस्पताल पहुंचे और मृतकों के परिवारों को 25—25 लाख रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया। साथ ही हादसे की हाई लेवल जांच का आदेश दिया गया है।