उत्तराखंड में कमेटी—कमेटी का खेला होवे

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भू—कानून, देवस्थानम बोर्ड, जनसंख्या नियंत्रण सब कुछ कमेटियों के हवाले
देहरादून। जैसे—जैसे चुनाव का समय नजदीक आ रहा है उत्तराखंड में चुनावी खेला भी जोर पकड़ रहा है। विपक्षी राजनीतिक दलों द्वारा जिन—जिन मुद्दों पर सरकार की घेराबंदी करने की कोशिशें हो रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उन तमाम मुद्दों पर जिनका हल निकाला जाना संभव नहीं है, उन पर धड़ाधड़ कमेटियों का गठन करते जा रहे हैं। सूबे की राजनीति में इन दिनों कमेटी—कमेटी का खूब खेला हो रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक मंझे हुए राजनीतिज्ञ की तरह अपनी पाली शुरू की है। उनका सूत्र वाक्य है समय कम है इसलिए बातें कम और काम ज्यादा’। इसके साथ ही किसी भी मुद्दे पर पूछे जाने वाले सवाल से पहले वह यह कहना भी नहीं भूलते कि वह जो भी निर्णय लेंगे या काम करेंगे जन भावनाओं के अनुरूप ही करेंगे। देवस्थानम बोर्ड के विरोध में चल रहा तीर्थ पुरोहितों का आंदोलन और राज्य में भू—कानून की मांग जैसे मुद्दे सरकार व सीएम धामी के लिए बड़ी मुसीबत बने हुए हैं। दरअसल कुछ मुद्दे ऐसे होते हैं जिन पर कोई भी फैसला `आगे कुआं और पीछे खाई, जैसा ही होता है। लेकिन ऐसे तभी मुद्दों से निपटने का हल मुख्यमंत्री धामी द्वारा खोज लिया गया है और वह है कमेटियों का गठन। मुख्यमंत्री धामी भी अब कमेटी—कमेटी का खेला शुरू कर चुके हैं। क्योंकि इन विवादित मामलों को चुनाव तक टालने का और इससे आसान कोई तरीका नहीं हो सकता है।
मुख्यमंत्री धामी ने बोर्ड गठन से नाराज तीर्थ पुरोहितों और हक—हकूक धारियों की समस्या के समाधान के लिए कमेटी गठित कर दी है। जो सबकी राय लेकर सरकार को रिपोर्ट देगी। ठीक वैसे ही भू—कानून कैसा हो इस पर भी समिति बनाई जा रही है। उनका कहना है कि भू—कानूनों पर विशेषज्ञता रखने वाले मुख्य सचिव को वह इस बारे में आदेश दे चुके हैं। इन दिनों देश भर में जाति आधारित जनगणना और जनसंख्या नियंत्रण कानून पर भी चर्चा जारी है। यूपी के सीएम योगी अपने यहां जनसंख्या नियंत्रण कानून ला रहे हैं। उत्तराखंड के सीएम भी इसके लिए समिति गठित करने को कह रहे हैं।। ठीक वैसे ही कुछ नजूल भूमियों के बारे में भी है, का हल कमेटी ढूंढेंगी।
आखिरी यह कमेटी—कमेटी का खेला है क्या वो सीधे तौर पर इसे किसी भी मुद्दे को लंबित रखने का तरीका ही कहा जा सकता है। सूबे की राजधानी के मुद्दे पर भाजपा व कांग्रेस पहले भी इस खेला को खेलती रही है जो आज भी जारी है।

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