Home News Posts राष्ट्रीय देश में अमीर और गरीब के लिए दो अलग-अलग कानून नहीं हो...

देश में अमीर और गरीब के लिए दो अलग-अलग कानून नहीं हो सकते: सुप्रीम कोर्ट

0
1170

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भारत में अमीर, संसाधनों से युक्त और राजनीतिक रूप से ताकतवर लोगों और न्याय तक पहुंच एवं संसाधनों से वंचित छोटे लोगों के लिए दो समानांतर कानूनी प्रणालियां नहीं हो सकती। पीठ ने कहा, ज्ज्न्यायाधीशों के व्यक्तिगत निर्णय लेने और संबंधित कानूनों के तहत अदालती कार्यवाही के संचालन से न्यायपालिका और कार्यपालिका के इस विभाजन का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।ज्ज् शीर्ष अदालत ने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि न्यायपालिका को राजनीतिक दबावों और विचारों से मुक्त होना चाहिए जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया की हत्या के मामले में मध्य प्रदेश की बसपा (बहुजन समाज पार्टी) विधायक के पति को दी गई जमानत आज गुरुवार को को खारिज करते हुए ये अहम टिप्पणियां कीं। शीर्ष कोर्ट ने यह भी कहा कि ज्ज्जिला न्यायापालिका से औपनिवेशिक सोचज्ज् के साथ किए जा रहे व्यवहार को नागरिकों के विश्वास को बचाए रखने के लिए बदलना होगा और जब न्यायाधीश ज्ज्सही के लिए खड़े होते हैं, तो उन्हें निशाना बनाया जाता हैज्ज्। शीष्र कोर्ट ने कहा कि एक स्वतंत्र एवं निष्पक्ष न्यायपालिका लोकतंत्र का आधार है और इस पर किसी प्रकार का राजनीतिक दबाव नहीं होना चाहिए। न्यायालय ने कहा, ज्ज्भारत में अमीर, संसाधनों से युक्त और राजनीतिक रूप से ताकतवर लोगों और न्याय तक पहुंच एवं संसाधनों से वंचित छोटे लोगों के लिए दो अलग-अलग समानांतर कानूनी प्रणालियां नहीं हो सकती।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here