पहाड़ पर मौसम का यलो अटैक

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सीएम की अपीलः मौसम देख कर ही आए यात्रा पर

आगामी 5 दिन चारधाम यात्रियों पर भारी
2—3 मई को विशेष सावधानी बरतें यात्री
धामो में 2 से 3 फुट बर्फबारी संभव
बच्चों व वृद्धों को यात्रा पर न आने की सलाह
उत्तराखंड का शासन—प्रशासन अलर्ट

देहरादून। उत्तराखंड की चार धाम यात्रा इस साल अति विसंगति पूर्ण परिस्थितियों में शुरू हुई है। बर्फबारी के बीच सभी चारों धामों के कपाट खोले जाने के बाद भी मौसम के मिजाज में कोई सुधार आने की संभावनाएं अभी नजर नहीं आ रही हैं। मौसम विभाग द्वारा आज जारी मौसम के पूर्वानुमान में आज 29 अप्रैल से लेकर 3 मई तक राज्य का मौसम बेहद खराब रहने वाला है। इस दौरान राज्य में बारिश, ओलावृष्टि व भारी बर्फबारी की संभावना जताई गई है मौसम विभाग द्वारा जारी यलो अलर्ट के बाद राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी चार धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वह मौसम की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा पर आए।
मौसम विभाग के निदेशक डॉ विक्रम सिंह का कहना है कि आने वाले 5 दिनों में राज्य में बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी होने की संभावना है। उनका कहना है कि आज से अगले 3 दिनों तक राज्य में तेज हवाओं के साथ कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश होगी तथा ओलावृष्टि भी हो सकती है। वहीं राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में खासकर रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, चमोली और बागेश्वर में दो से तीन फीट तक बर्फबारी हो सकती है। उनका कहना है कि खासतौर पर 2 और 3 मई को ज्यादा खराब मौसम रहने की उम्मीद हैं।
उनका कहना है कि इसकी सूचना राज्य के शासन—प्रशासन को दे दी गई है। उनका कहना है कि पूर्व समय में हुई बर्फबारी के कारण सभी धामों में पहले से ही बर्फ जमी हुई है तथा तापमान शून्य से भी नीचे जा चुका है। ऐसे में अब अगर और अधिक बारिश और बर्फबारी होती है तो इससे तापमान में और भी गिरावट आ सकती है। उन्होंने इस दौरान चार धाम में 2 से 3 फीट तक बर्फबारी होने की संभावना जताते हुए कहा है कि ऐसे में यात्रियों को विशेष सचेत रहने की जरूरत है। बच्चे और वृद्धों को इस दौरान यात्रा न करने की सलाह देते हुए कहा गया है कि वह यात्रा पर न ही आए तो अच्छा है।
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि शासन प्रशासन द्वारा यात्रियों को जगह—जगह रोके जाने के बावजूद भी धामों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं अगर ऐसी स्थिति में जब उन्हें बार—बार चेतावनी दी जा रही है उनकी आस्था और जिद उनकी जान पर भारी पड़ सकती है इसलिए यात्रियों से अपील है कि वह शासन—प्रशासन के दिशा निर्देशों को अनदेखा न करें।

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