लखनऊ। उत्तर प्रदेश भाजपा में बड़ा बदलाव हुआ है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और महाराजगंज से सात बार के लोकसभा सांसद पंकज चौधरी को पार्टी की प्रदेश इकाई का नया अध्यक्ष निर्वाचित किया गया है। उत्तर प्रदेश भाजपा के इतिहास में यह 16वीं बार है जब नया अध्यक्ष चुना गया। इससे पहले 15 नेता इस पद पर रह चुके हैं, जिनमें सात ब्राह्मण थे – कलराज मिश्र दो बार। दिलचस्प बात यह है कि दो बार प्रदेश अध्यक्ष मुख्यमंत्री बने हैं। चौधरी का चयन पार्टी की OBC रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, खासकर सपा की PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) रणनीति का मुकाबला करने के लिए। यूपी में कुर्मी बहुल 16 जिलों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।निर्वाचन प्रक्रिया में कोई विरोधी उम्मीदवार नहीं होने से वे निर्विरोध चुने गए।
यह फैसला 2027 विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जहां पार्टी OBC वोट बैंक को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। घोषणा रविवार, 14 दिसंबर 2025 को लखनऊ में हुई, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
पंकज चौधरी एक अनुभवी राजनेता हैं, जो कुर्मी समुदाय (OBC) से ताल्लुक रखते हैं। वे महाराजगंज लोकसभा सीट से 1991 से लगातार सात बार सांसद चुने जा चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाते हैं और वर्तमान में वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री हैं। पार्टी में उनकी छवि एक जमीनी कार्यकर्ता की है, जो संगठन को मजबूत करने में माहिर हैं। 1980 में भाजपा उत्तर प्रदेश इकाई की स्थापना के बाद वे 16वें प्रदेश अध्यक्ष बने हैं।
भाजपा के संगठन चुनाव के तहत शनिवार को नामांकन हुआ, जहां चौधरी के अलावा किसी ने पर्चा नहीं भरा। रविवार को लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में केंद्रीय चुनाव अधिकारी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने उनके नाम की आधिकारिक घोषणा की। इस दौरान राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े और पूर्व केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद थे। साथ ही, राष्ट्रीय परिषद के 120 सदस्यों की सूची भी जारी की गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह समेत सांसद, विधायक, महापौर और जिला अध्यक्ष शामिल हुए।




