शहीद स्थल पर बेरोजगारों का धरना, भारी पुलिस बल तैनात

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भर्ती घोटालों की सीबीआई जांच की मांग को लेकर प्रदेश भर में युवा आंदोलित
बेरोजगार संघ के अध्यक्ष सहित सभी 13 लोगों की रिहाई की मांग

देहरादून। देहरादून में बीते रोज शिक्षित बेरोजगारों व छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में आज राज्य के कई शहरों में इसका असर दिखायी दिया। राजधानी देहरादून में जहंा आक्रोशित युवा बेरोजगारों ने शहीद स्थल पर धरना प्रदर्शन किया वहीं राज्य के अन्य शहरों में छात्रों व बेरोजगारों का धरना प्रदर्शन देखने को मिला।
राजधानी देहरादून में बीते रोज शिक्षित बेरोजगारों व छात्रों पर कानून व्यवस्था बनाये जाने के चलते पुलिस द्वारा बल प्रयोग कर लाठीचार्ज किया गया था। जिसमें बेरोजगार संघ के अध्यक्ष सहित 13 लोगों के खिलाफ गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हे जेल भेज दिया गया। जिन्हे आज न्यायालय में पेश किया जाना है। इस बात से आक्रोशित शिक्षित बेरोजगारों द्वारा आज जहंा प्रदेश के कई शहरों में धरना प्रदर्शन किये गये वहीं राजधानी देहरादून में युवा बेरोजगार बड़ी संख्या में कचहरी स्थित शहीद स्मारक पहुंचे और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। युवा बेरोजगारों की मांग है कि गिरफ्तार किये गये बेरोजगार संघ के अध्यक्ष बाबी पंवार सहित सभी 13 लोगों की रिहाई की जाये। साथ हीं नकलरोधी कानून आने के बाद ही भर्ती परीक्षा करायी जाये और भर्ती घोटालों की सीबीआई जांच करायी जाये।
हालंाकि इस दौरान स्थिति कुछ समय के लिये तब तनावपूर्ण हो गयी जब युवा बेरोजगार डीएम आफिस के बाहर पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। इस दौरान जिलाधिकारी सोनिका ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की लेकिन उन्होने उनकी एक नहीं सुनी। वहंी इस दौरान प्रदर्शन कर रहे युवा बेरोजगारों को समर्थन करने विभिन्न संगठनों के लोग भी पहंुचे है। इस दौरान कचहरी शहीद स्थल के समीप भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। वहीं उत्तरकाशी, चमोली, अल्मोड़ा सहित कई जिलों में आज शिक्षित बेरोजगार सड़कों पर उतरे और उन्होेने जोरदार प्रदर्शन किया।

डीजीपी ने बुलाई बैठक, घटनाक्रम को लेकर किया मंथन
देहरादून। वीरवार को गांधी पार्क व घंटाघर पर हुई घटना को लेकर आज डीजीपी द्वारा एक बैठक बुलाई गयी है। जिसमें यह जानने की कोशिश की जा रही है कि किस स्तर पर यह चूक हुई जिसके कारण एक शांतिपूर्ण आंदोलन बवाल में तब्दील हो गया। वहीं सूत्रों का कहना है कि इस मामले में लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है।

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