उत्तराखंड विधानसभा में यूसीसी बिल पेश

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  • सदन में लगे जय श्री राम के नारे
  • धामी बोले आज का दिन ऐतिहासिक
  • सदन में नारेबाजी पर कांग्रेसी नाराज
  • आर्य बोले यूसीसी का नहीं विधान का विरोध

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज विधानसभा सत्र के दूसरे दिन यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) बिल को सदन के पटल पर पेश किया गया। जैसे ही मुख्यमंत्री ने सदन में इस बहुचर्चित बिल को पेश किया सदन में सत्ता पक्ष के विधायकों द्वारा जय श्री राम और वंदे मातरम के नारे लगाने शुरू कर दिए। काफी देर तक होने वाली इस नारेबाजी का विपक्षी कांग्रेस के नेताओं द्वारा विरोध जताया गया।
बिल की मूल प्रतिलिपि के साथ विधानसभा सदन में पहुंचे मुख्यमंत्री धामी ने विधानसभा अध्यक्ष से इस बिल को पेश करने की अनुमति मांगी, स्पीकर ऋतु खंडूरी की अनुमति मिलने पर जैसे ही मुख्यमंत्री ने 800 पेज और 392 सैक्शन वाले इस भारी भरकम बिल को सदन के पटल पर रखा तो उत्साहित भाजपा के मंत्रियों और विधायकों ने जय श्री राम और जय—जय श्री राम तथा वंदे मातरम के नारे लगाने शुरू कर दिए। जिस पर कांग्रेस के विधायकों ने आपत्ति की। कांग्रेस विधायकों का कहना था कि सदन सदन होता है और सदन की अपनी मर्यादाएं होती है। लेकिन खुद सत्ता पक्ष के लोग ही सदन की मर्यादाओं को तार—तार कर रहे हैं।
कांग्रेस के विधायकों का कहना है कि वह यूसीसी का विरोध नहीं कर रहे हैं उनका विरोध उन संवैधानिक मर्यादाओं को तोड़ने को लेकर है जो सत्ता पक्ष तोड़ रहा है। उनका यूसीसी पर अभी कोई ध्यान नहीं है। वह तो सदन में प्रदेश की कानून व्यवस्था और महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के मुद्दे पर सरकार से सवाल जवाब करना चाहते हैं। सदन की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित किए जाने के बाद कांग्रेसी विधायकों ने विधानसभा के गेट पर भी धरना प्रदर्शन किया। नेता विपक्ष यशपाल आर्य का कहना है कि सरकार की मंशा ठीक नहीं है उसे इतने बड़े बिल पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय देना चाहिए जब तक इसका अध्ययन नहीं करेंगे इस पर चर्चा कैसे संभव है। लेकिन सरकार बिल को बिना चर्चा के ही पारित कराना चाहती है जो उचित नहीं है। उन्होंने सत्ता पक्ष पर एक स्थगित सत्र को ही विशेष सत्र में बदलने और सदन में प्रश्नकाल और शुन्य काल न कराने को असंवैधानिक बताते हुए कहां कि भाजपा संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन कर रही है।

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