गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के थाना टीला मोड़ क्षेत्र की एक सोसाइटी में रहने वाली तीन नाबालिग बहनों ने बीती रात को 2 बजे के करीब अपनी सोसाइटी की 9 वी मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया पुलिस को आशंका है कि तीनों ऑनलाइन गेम खेलती थी। टास्क पूरा करने के प्रेशर के चलते उन्होंने आत्महत्या किया है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। थाना टीला मोड़ के प्रभारी निरीक्षक रवि बालियान ने बताया कि रात 2 बजे के करीब पुलिस को सूचना मिली कि थाना क्षेत्र में स्थित एक सोसाइटी में रहने वाली तीन नाबालिग बहनों जिनका नाम निशिका उम्र 16 वर्ष, प्राची उम्र 14 वर्ष और पाखी उम्र 16 वर्ष ने अपने फ्लैट की 9 वी मंजिल से छलांग लगा दिया है।
मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच की तो पता चला कि तीनों बहनों की मौत हो गई है। पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला है कि तीनों किशोरियों ऑनलाइन गेम खेलती थी। पुलिस को आशंका है कि तीनों ने टास्क पूरा करने के प्रेशर के चलते आत्महत्या की है। पुलिस के अनुसार कोविड के बाद तीनों ने स्कूल जाना छोड़ दिया था। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
इस घटना के चश्मदीद गवाह और सबसे पहले पुलिस को सूचना देने वाले अरुण कुमार ने मीडिया से बात करते हुए बताया, घटना वाली रात ठीक दो बजे उनके सामने वाले फ्लैट की बालकनी में लाइट जल रही थी। उन्हें पहले ऐसा लगा कि एक लड़की रेलिंग से नीचे उतरने की कोशिश कर रही है, लेकिन फिर वह दोबारा रेलिंग पर बैठ गई। तभी दूसरी बच्ची आई और उससे लिपट गई। इसके बाद तीसरी बच्ची दोनों को अपनी ओर खींचने लगी, लेकिन उसी पल तीनों एक साथ नीचे गिर गईं। मैं तुरंत दौड़ा। सबसे पहले एंबुलेंस को कॉल किया, फिर पुलिस को सूचना दी और सोसायटी के गार्ड्स को बुलाया। उस समय मुझे बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि गिरने वाली तीनों नाबालिग बहनें हैं। पुलिस को कमरे से एक डायरी भी बरामद हुई है, जिसे इस केस की सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है। डायरी में बच्चियों ने लिखा है कि उसमें दर्ज हर बात सच है और उसे जरूर पढ़ा जाए। फिलहाल यह डायरी पुलिस के कब्जे में है।
बच्चियों के पिता ने दो शादियां की थीं। पहली शादी के कई सालों तक बच्चे नहीं हुए, जिसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी की छोटी बहन यानी साली से दूसरी शादी कर ली। दूसरी शादी के बाद तीन बच्चे हुए, जबकि इसी दौरान पहली पत्नी से भी दो बच्चे पैदा हो गए। इस तरह घर में दो पत्नियां और पांच बच्चे एक साथ रह रहे थे। जिन तीन बहनों ने जान दी, उनमें से दो दूसरी पत्नी की बेटियां थीं, जबकि एक पहली पत्नी की बेटी थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि तीनों बच्चियां पिछले करीब दो साल से स्कूल नहीं जा रही थीं। बताया जा रहा है कि पढ़ाई में कमजोर होने के कारण उन्हें घर पर ही रखा गया था। सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि जिन बच्चियों के पास परिवार, घर और लोग थे, वे खुद को इतना अकेला क्यों महसूस कर रही थीं। इस सवाल का जवाब शायद जांच के आगे बढ़ने के साथ सामने आए।




