- नाबालिग किशोर ही निकला कातिल, नाड़े से गला घोंटकर की थी हत्या
हरिद्वार। बकरी चुगान के लिए गये 13 वर्षीय किशोर की हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने एक नाबालिग को पुलिस संरक्षण में लिया है। जिसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त पजामें का नाड़ा व एक ईंट भी बरामद की है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि बीती 25 अक्टूबर को थाना कलियर पर स्थानीय निवासी आस मोहम्मद ने तहरीर देकर बताया गया कि उसका बेटा उवेश (13) जो 24 अक्टूबर को घर से बकरी चुगाने गया था लापता हो गया है। पुलिस ने मामले में गुमशुदगी दर्ज कर नाबालिग की तलाश शुरू कर दी। बताया कि 26 अक्टूबर को ग्राम बेलडा निवासी ग्रामीण द्वारा सूचना दी गई कि उनके गन्ने के खेत में एक किशोर का शव पड़ा हुआ है। जिस पर पुलिस मौके पर पहुंची जिसकी शिनाख्त गायब हुए बालक के तौर पर की गयी।
प्रथम दृष्ट्या बालक का गला दबाकर हत्या किया जाना प्रतीत हो रहा था। साथ ही घटना स्थल के आस—पास कोई सीसी कैमरा भी नहीं था। पेश आ रही तमाम मुश्किलात के बीच पुलिस द्वारा किए जा रहे अथक प्रयासो के बाद पुलिस ने एक संदिग्ध बाल अपचारी को संरक्षण में लिया। पूछताछ में पता चला कि घटना के दिन हत्यारोपी खेत से पत्ती (चारा) काट बाहर चक रोड पर आया तो उसे वहां पर मृतक बालक उवेश मिला। आरोपी ने उवेश को बताया कि अन्दर किसी चरवाहे की बकरी है। अगर कोई चरवाह ढुंढते हुये आया तो बकरी उसे दे देंगे वरना अपने घर ले जायेंगें। आरोपी की बातों में आकर उवैश साथ में खेत की ओर चल दिया। दोनों होटल व्यू कैनाल वाली कच्ची सडक से अन्दर गये तो एक दो खेत छोडकर गन्ने का खेत शुरु हो गया जहां आरोपी ने खाली जगह देख अपने पायजामे का नाडा (डोरी) पीछे से उवेश के गले में डाल दिया व उसका गला दबा दिया। फिर पास के ट्यूबैल से लायी गई ईंट के वार कर उसका चेहरा कुचल दिया था। इसके बाद आरोपी मृतक के शव को घसीट कर गन्ने के खेत में छोड आया और ट्यूबैल पर हाथ पैर धोकर वहां से निकल गया। हत्यारोपी नाबालिग ने बताया कि वह एक व्यक्ति के साथ गौकशी में हाथ बंटाता था और गौमांस इधर—उधर बांधने में मदद करता था, जिसके एवज में उसे नगद रुपए मिलते थे। कुछ दिन पूर्व उवैश ने आरोपी को यह काम करते हुये देख लिया और इस बारे में अपने घर एवं आसपास के लोगों को बता दिया। इस बदनामी से नाराज हत्यारोपी ने उवैश को जान से मारने की ठान ली थी।




