- गोवा सरकार की मदद को सराहा
देहरादून। अभी बीते दिनों गोवा के नाइट क्लब में हुए अग्निकांड हादसे में 25 लोगों की जान चली गई थी जिसमें 9 लोग उत्तराखंड के भी शामिल थे। इस दुर्घटना में मरने वाले लोगों के परिजनों को गोवा की सरकार द्वारा 85 लाख रुपए मुआवजे के रूप में आर्थिक सहायता प्रदान की गई है लेकिन राज्य सरकार द्वारा अपने राज्यों के लोगों को किसी तरह की कोई सहायता नहीं दिए जाने और सिर्फ शोक संवेदनाएं जताकर पल्ला झाड़ लेने को लेकर तमाम लोग भतर््सना कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि इस दुर्घटना में उत्तराखंड के नौ लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी जिसमें चार पर्यटक तथा पांच होटल कर्मचारी शामिल थे। गोवा की सरकार द्वारा अग्निकांड में हताहत होने वाले सभी 25 लोगों को बिना किसी भेदभाव के समान रूप से कुल 85 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई थी वहीं उनके पार्थिव शरीर को भी अपने खर्चे पर उनके गृह राज्य भिजवाने की व्यवस्था की गई थी, यही नहीं इस दुर्घटना के सभी घायलों को भी मुफ्त बेहतर इलाज की भी व्यवस्था कराई गई थी।
भले ही गोवा सरकार द्वारा दी गई आर्थिक सहायता उन मृतकों के परिजनों के लिए ऊंट के मुंह में जीरा ही सही क्योंकि 25 परिवारों के लिए मिलने वाली इस राशि में से एक परिवार को 3.25 लाख रुपए ही मिल पाएंगे लेकिन गोवा की सरकार द्वारा की गई इस छोटी मदद की भी लोग तारीफ कर रहे हैं तथा पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर उसकी सराहना कर रहे हैं वहीं राज्य सरकार की उदासीनता के लिए उसे कोस भी रहे हैं कि राज्य सरकार ने तो अपने उन गरीब मजदूरों की मदद के बारे में कुछ नहीं सोचा जो मजबूरी वश दूसरे राज्यों में जाकर रोजी—रोटी तलाशते हैं। लोगों का कहना है कि राज्य सरकार को भी इन गरीबों के बारे में सोचना चाहिए था लेकिन उन्हें एक फूटी कौड़ी भी नहीं दी गई। कांग्रेसी विचारधारा के लोगों का कहना तो यहां तक है कि धामी सरकार के पास अपनी छवि चमकाने पर खर्च करने के लिए पैसों की कोई कमी नहीं है वहीं कुछ कह रहे हैं कि पर्यटकों को भले ही कुछ नहीं देते मजदूर व गरीबों का ही ख्याल किया गया होता वह भी काफी था।




