डेंगू को रोकने में सिस्टम फेल

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  • 10 से अधिक मरीज मिलने पर कंटेनमेंट जोन बनेगा
  • अब जल भराव के सर डेंगू का ठीकरा
  • हर रोज बढ़ रही है डेंगू मरीज की संख्या

देहरादून। पहाड़ से मैदान तक बढ़ते डेंगू के प्रकोप से लोग परेशान हैं। राज्य में डेंगू के एक्टिव केसों की बात की जाए तो यह आंकड़ा अब 1200 के पास पहुंच चुका है तथा 13 लोगों की मौत अब तक हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम तथा नगर पालिकाओं द्वारा किए जाने वाले सभी उपाय बेअसर साबित हो रहे हैं। अस्पतालों में वार्ड और बेड खाली नहीं है। मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है न जांच समय पर हो पा रही है न ब्लड की प्रयाप्त उपलब्धता है। वही मरीज और तीमारदार हालात से परेशान हैं।
स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत के निर्देश के बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब किसी भी क्षेत्र में 10 से अधिक मरीज मिलने पर उस क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित करने का फैसला लिया गया है जहां स्वास्थ्य महकमें के अधिकारी डेंगू की रोकथाम के लिए प्रभावी उपाय करेंगे। उल्लेखनीय है कि डेंगू के प्रकोप से राजधानी दून सर्वाधिक प्रभावित है जहां हर रोज एक दर्जन से दो दर्जन के बीच नए मरीज सामने आ रहे हैं। राजधानी दून में एक्टिव केसों की संख्या 350 के पार पहुंच गई है आज 15 नए मामले सामने आए हैं जिनमें पांच अकेले रायपुर क्षेत्र से हैं।
राजधानी दून से लेकर हरिद्वार, रुड़की और पौड़ी तथा कोटद्वार तक डेंगू अपने पैर पसार चुका है। रुड़की के माजरी गांव में 50 डेंगू के मरीज मिलने से हड़कंप मचा हुआ है वहीं कोटद्वार में 20 व बागेश्वर में 15 मरीज मिल चुके हैं। दून नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग द्वारा फागिंग के नाम पर भले ही खूब धुंआ उड़ाया जा रहा हो लेकिन उसका कहीं कोई असर होता नहीं दिख रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें पूरे नगर क्षेत्र में लार्वा की तलाश में जुटी है लेकिन डेंगू का प्रभाव रत्ती भर भी कम नहीं होता दिख रहा है। अस्पतालों में वार्ड और बेड फुल हो चुके हैं नए वार्ड बनाए जा रहे हैं लेकिन फिर भी मरीज का स्ट्रेचर पर इलाज किया जा रहा है। और उन्हें जरूरत पड़ने पर खून के लिए तथा जांच के लिए भटकना पड़ रहा है।
खास बात यह है कि अब तक डेंगू की रोकथाम में नाकाम साबित रहे स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब इसके लिए बरसाती पानी को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। राज्य में हो रही लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जल भराव की स्थिति लगातार बनी हुई है जल निकासी के अभाव में कई क्षेत्रों में बारिश न होने के बावजूद हफ्तों पानी रहता है जिसमें लार्वा पनप रहा है। जिसका कोई उपाय न किए जाने से स्थिति बिगड़ती जा रही है बारिश का दौर कब तक चलेगा यह अभी तय नहीं है लेकिन डेंगू लोगों की जान पर भारी पड़ता जा रहा है और डेंगू की रोकथाम में सिस्टम फेल हो चुका है।

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