4000 महिलाओं को मिलेगा आत्मनिर्भर बनने का अवसर
देहरादून। उघोगपति स्व. रतन टाटा उत्तराखंड वासियों के लिए बड़ी सौगात देकर गए हैं। भले ही वह अब इस दुनिया में नहीं रहे लेकिन राज्य की 4000 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली इस सौगात को राज्य के लोग कभी नहीं भुला सकेंगे।
रतन टाटा ने अपनी कंपनियों के लिए नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम के तहत 4000 महिला टेक्नीशियन को अपनी कर्नाटक और तमिलनाडु की औघोगिक इकाई में ट्रेनिंग देने की पेशकश की थी। जिस पर अभी भी कार्यवाही गतिमान है। इस संदर्भ में टाटा ग्रुप द्वारा बीते सोमवार को ही राज्य के नियोजन विभाग से जानकारी मांग कर यह पूछा गया था कि इसकी प्रक्रिया किस स्तर तक पूरी हो पाई है।
यह विडंबना ही है कि अब रतन टाटा हमारे बीच नहीं रहे हैं तथा बीती रात उनका निधन हो गया है लेकिन दुनिया से जाने से पूर्व उनके इस प्रयास से राज्य की उन 4000 से अधिक महिलाओं को जिनकी श्ौक्षिक योग्यता 10वीं या 12वीं पास है तथा जिन्होंने आईटीआई कर रखा है उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का सुनहरा अवसर मिल सकेगा। और वह टाटा ग्रुप की होसर और कोलार कंपनियां में ट्रेनिंग का अवसर प्राप्त होगा जो उनके स्वावलंबन और रोजगार के कई रास्ते खोल सकता है। उनकी इन कंपनियों में तकनीक की जानकारी का काम होता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अभी बीते दिन 4000 महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की जो घोषणा की थी वह इसी से संबंधित थी। देखना होगा कि अब सरकार कब तक इस भर्ती प्रक्रिया को पूरा कर इन महिलाओं को यह रोजगार का अवसर प्रदान कर पाती है। लेकिन रतन टाटा के इस सहयोग और सौगात के महत्व को कम नहीं माना जा सकता है।




