नई दिल्ली। भारत के मशहूर मूर्तिकार राम वी.सुतार का 100 साल की उम्र में निधन हो गया है। उनके परिवार ने बताया कि बढ़ती उम्र की बीमारियों की वजह से उन्होंने नोएडा में अपने बेटे के घर पर अंतिम सांस ली। उनके जाने से भारतीय कला जगत में शोक का माहौल है। राम सुतार का जन्म 19 फरवरी 1925 को महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव में हुआ था। साधारण परिवार में जन्म लेने के बाद भी उन्होंने अपनी मेहनत और हुनर के दम पर दुनिया भर में अपनी कला से नाम कमाया। उन्होंने ऐसी कई मूर्तियों को बनाया जिन्हें देश-विदेश में बहुत पसंद किया गया।
राम सुतार जी को सबसे ज्यादा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के लिए जाना जाता है। गुजरात में नर्मदा नदी के किनारे खड़ी सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची मूर्ति उन्होंने डिजाइन की थी जिससे वह पूरी दुनिया में मशहूर हो गए। इसके अलावा उन्होंने हैदराबाद में लगी डॉ.बी.आर अंबेडकर की 125 फीट ऊंची शानदार प्रतिमा भी बनाई थी। संसद भवन में महात्मा गांधी की ध्यान करते हुए मूर्ति और घोड़े पर बैठे छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा भी उनकी बेहतरीन कलाकृतियों में से एक है।
कला के क्षेत्र में उनके शानदार काम के लिए भारत सरकार ने उन्हें 1999 में पद्म श्री और 2016 में पद्म भूषण जैसे सम्मानों से भी नवाजा। राम सुतार ने मुंबई के जे.जे स्कूल ऑफ आर्ट से पढ़ाई की थी जहां उन्हें अपनी बेहतरीन कला के लिए गोल्ड मेडल मिला था।




