- राज्य में 36 घंटे से जारी है बारिश, जनजीवन अस्त व्यस्त
- सड़के बंद, हजारों यात्री फंसे
- नदी—नाले उफान पर, रहे सावधान
- सीएम ने जिलाधिकारियों को दिए निर्देश
देहरादून। उत्तराखंड में बीते 36 घंटे से घनघोर बारिश का दौर जारी है। जगह—जगह पहाड़ों से हो रहे भूस्खलन के कारण सभी चार धाम यात्रा मार्गाे सहित तमाम सड़के बंद हो गई हैं तथा हजारों की संख्या में यात्रियों के फंसे होने की खबर है। खास बात यह है कि अगले दो दिन तक राज्य के मौसम में कोई बदलाव आने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा कंट्रोल रूम जाकर खुद स्थिति का जायजा लिया तथा सभी जिलाधिकारियों को यह निर्देश दिए हैं कि वह सतर्क रहें तथा आपदा प्रभावितों तक तुरंत मदद पहुंचाई जाए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बदरीनाथ हाईवे नंदप्रयाग, कमोड़ा, पाताल गंगा तथा अन्य कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण बंद हो गया। जिसके कारण जगह जगह 1500 से अधिक यात्री फंस गए हैं। उधर गंगोत्री—यमुनोत्री हाईवे भी कई स्थानों पर बंद हो गया है। केदारनाथ मार्ग पर फिलहाल आवागमन रोक दिया गया है जिसके कारण सोनप्रयाग और उसके आसपास के क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के फंसे होने की खबर है। उधर नैनीताल और हल्द्वानी क्षेत्र में भी पिछले 36 घंटे से भारी बारिश होने के कारण ओखलकांडा में शिक्षा निदेशालय भवन में मलवा व पानी घुसने की खबर है। उधर मलारी हाईवे लाता के पास भूस्खलन के कारण बंद हो गया है। यहां बीती रात फंसे 40 यात्रियों को एसडीआरएफ द्वारा रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया।
कुमाऊँ मंडल के सभी 6 जिलों में 36 घंटे से भारी बारिश हो रही है। टिहरी के घनसाली क्षेत्र में भिलांगना के उफान पर आने से लोग दहशत में है राज्य की सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ने से सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए खतरा बढ़ गया है। नदी—नालों के उफान पर होने से जनजीवन ठहर गया है। प्रशासन द्वारा लोगों से अपील की जा रही है कि वह सावधान रहें उधर मुख्यमंत्री धामी आज कश्मीर दौरे से लौटकर सीधे आपदा कंट्रोल रूम गए जहां उन्होंने राज्य के हालात जाने तथा सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह आपदा प्रभावितों तक तत्काल मदद पहुंचाए।




