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परीक्षा से पहले छात्रों तक पहुंचे सवाल!

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  • उत्तराखंड तकनीकी विश्वविघालय ने रद्द किए दो पेपर

    देहरादून। परीक्षा से पहले छात्रों तक सवाल पहुंचने के मामले को गम्भीरता से लेते हुए उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविघालय ने दो पेपर रद्द कर दिये हैं।
    आज यहां उत्तराखंड की वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौघोगिकी विश्वविघालय में पेपर लीक का बड़ा मामला सामने आया है। विश्वविघालय ने सम सेमेस्टर 2025—26 की और विषयों की परीक्षाएं तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी हैं। दोनों विषयों की पुनः परीक्षा अगस्त 2026 के तीसरे सप्ताह में आयोजित की जाएगी। विश्वविघालय द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र से संबंधित सामग्री छात्रों तक पहुंचने और परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता भंग होने की पुष्टि के बाद यह निर्णय लिया गया है।
    मामले में संबंधित प्रश्न पत्र तैयार करने वाले शिवालिक कालेज आफ इंजीनियरिंग के सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता पर सात वर्षों के लिए विश्वविघालय की सभी परीक्षा संबंधी गतिविधियों से प्रतिबंध लगा दिया गया है। विश्वविघालय प्रशासन के अनुसार, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी विषय की परीक्षा को लेकर शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि परीक्षा से पहले छात्रों तक प्रश्न साझा किए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए कुलपति के निर्देश पर विश्वविघालय ने उच्चस्तरीय जांच कमेटी का गठन किया। वहीं संबंधित संस्थान शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, देहरादून ने भी अपने स्तर पर आंतरिक जांच कराई। विश्वविघालय की उच्च स्तरीय जांच समिति और संस्थान की आंतरिक जांच रिपोर्ट में पाया गया कि संबंधित विषय के बाह्म प्रश्न पत्र आशीष कुमार गुप्ता, सहायक प्रोफेसर, शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, देहरादून ने परीक्षा से पहले छात्रों के आंतरिक पोर्टल और व्हाट्सएप के माध्यम से परीक्षा से संबंधित समान प्रश्न साझा किए थे। विश्वविघालय ने इसे परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता, शुचिता और अकादमिक मानकों का गंभीर उल्लंघन माना है।
    जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मैकेनिकल लर्निग फार इंटरनेट आफ थिंग्स विषय का प्रश्नपत्र भी उसी शिक्षक द्वारा तैयार किया गया था। विश्वविघालय ने आशंका जताई कि इस विषय की परीक्षा की गोपनीयता भी प्रभावित हो सकती है। इसी कारण छात्रहित और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दोनों विषयों की परीक्षाएं रद्द करने का निर्णय लिया गया। विश्वविघालय ने स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता, पारदर्शिता और छात्रहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए कुलपति द्वारा प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए विषय कोड और की पूर्व में आयोजित परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है। दोनों विषयों की री—एग्जाम अगस्त 2026 के तीसरे सप्ताह में आयोजित की जाएगी। विश्वविघालय ने बताया कि पुनः परीक्षा की विस्तृत और परीक्षा केंद्रों की सूची जल्द ही विश्वविघालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी। सभी संबद्ध संस्थानों के निदेशकों और प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रभावित छात्र—छात्राओं को तत्काल इस निर्णय की जानकारी दें, ताकि वे समय रहते पुनः परीक्षा की तैयारी कर सकें। साथ ही सभी संस्थानों को इस अधिसूचना को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भी प्रकाशित करने के निर्देश दिए गए हैं। विश्वविघालय ने मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए आशीष कुमार गुप्ता, सहायक प्रोफेसर, शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, देहरादून को विश्वविघालय की सभी परीक्षा संबंधी गतिविधियों से अगले सात वर्षों के लिए तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया है। इसके अलावा विश्वविघालय ने शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग देहरादून को भी कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि संस्थान स्तर पर पर्याप्त निगरानी और नियंत्रण नहीं रखा गया, जिसके कारण इतनी गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी शिक्षकों और संस्थानों को परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता एवं शुचिता बनाए रखने की जिम्मेदारी सुनिश्चित करनी होगी।

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