देहरादून। पुलिस ने चोरी का खुलासा करते हुए चोरी के सामान के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी का सामान बरामद कर लिया। पुलिस ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनको न्यायालय में पेश किया जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार भगवंतपुर निवासी पंकज जोशी ने राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया कि चोरों द्वारा पुरुकुल रोड स्थित माता भरना देवी मंदिर से अष्टधातु की मूर्तियां, घंटिया, दिया, अष्टधातु की थाली, शिवलिंग व नगद धनराशि चुरा ली है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। घटना की संवेदनशीलता के दृष्टिगत घटना के खुलासे व गिरफ्तारी हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल द्वारा थाना राजपुर पर गठित पुलिस टीम को आवश्यक निर्देश दिये गये। निर्देशों के अनुपालन में पुलिस टीम द्वारा घटना स्थल तथा उसके आस—पास आने जाने वाले रास्तो पर लगे सीसीटीवी कैमरों की सहायता से घटना में शामिल संदिग्धों के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारियां एकत्रित की गई तथा प्राप्त जानकारी के आधार पर सुरागरसी पतारसी करते हुए स्थानीय तंत्र को सक्रिय किया गया। साथ ही पूर्व में इस प्रकार की घटनाओं में प्रकाश में आये अभियुक्तों की वर्तमान स्थिती की जानकारी कर उनका भौतिक सत्यापन किया गया। पुलिस टीम द्वारा किये जा रहे प्रयासों के परिणाम स्वरूप पुलिस टीम द्वारा चैकिंग के दौरान मिली सूचना पर भंडार गांव पुरुकुल रोड के पास से उक्त चोरी की घटना को अंजाम देने वाले 02 सिद्धार्थ थापा व अंकित भंडारी को घटना में मंदिर से चुराये गये सामान व नगदी के साथ गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों द्वारा पूछताछ में बताया कि उक्त घटना में चोरी किये गये सामान में से कुछ सामान उनके द्वारा शत्रुघ्न नाम के एक कबाड़ी को बेच दिया है, जिस पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए मंगल तिराहा पुरुकुल रोड पर जंगल के पास से प्रकाश में आये शत्रुघन कबाडी को चोरी के खरीदे हुए सामान के साथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सिद्धार्थ व अंकित भण्डारी द्वारा बताया गया कि वे दोनो नशे के आदी है तथा अपने नशे की आवश्यकताओ की पूर्ति के लिये उनके द्वारा रैकी करने के उपरान्त सुनियोजित तरीके से उक्त मन्दिर में चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था। घटना में चोरी किये गये सामान में से उनके द्वारा कुछ सामान शत्रुघन नाम के कबाडी को बेच कर प्राप्त धनराशि को अपने नशे की आवश्यकताओं की पूर्ति करने में खर्च कर दिया गया। शत्रुघन द्वारा बताया गया कि काठ बंगला राजपुर क्षेत्र में उसकी कबाडी की दुकान है तथा मुनाफा कमाने के लालच में उसके द्वारा उक्त लोगों से चोरी की घटना में प्राप्त सामान को कम दामों में खरीदा गया था, जिसे वह मंहगे दामों में बेचकर मुनाफा कमाने की फिराक में था, पर इससे पूर्व ही उसे पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश किया जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।




