नई दिल्ली। भारत सरकार के डाक विभाग ने एक बड़ा निर्णय लिया है, जिससे करोड़ों लोगों की पारंपरिक डाक भेजने की प्रक्रिया में बदलाव आएगा। 1 सितंबर 2025 से ‘रजिस्टर्ड पोस्ट’ सेवा को स्थायी रूप से ‘स्पीड पोस्ट’ में शामिल कर दिया जाएगा।
इसका मतलब यह है कि अब अलग से रजिस्टर्ड पोस्ट सेवा नहीं मिलेगी, बल्कि उसके फायदे स्पीड पोस्ट के माध्यम से ही उपलब्ध होंगे। डाक विभाग ने अपने आधिकारिक सर्कुलर में घोषणा की है कि घरेलू डाक सेवाओं में रजिस्टर्ड पोस्ट को पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाएगा और सभी ऐसे मेल अब स्पीड पोस्ट सेवा के अंतर्गत भेजे जाएंगे। यह फैसला 2 जुलाई 2025 को लिया गया था और इसे 1 सितंबर 2025 से लागू किया जाएगा।
इस कदम का उद्देश्य डाक सेवाओं को आधुनिक, प्रभावी और सरल बनाना है। विभाग का कहना है कि स्पीड पोस्ट पहले से ही ट्रैकिंग, तेज़ डिलीवरी और प्रूफ ऑफ डिलीवरी जैसी सुविधाएं देती है। ऐसे में दो अलग-अलग सेवाओं को चलाना व्यावहारिक नहीं रहा। तकनीकी रूप से दोनों सेवाएं काफी हद तक समान हो गई थीं, इसलिए रजिस्टर्ड पोस्ट को स्पीड पोस्ट में मर्ज कर देने का फैसला लिया गया। यह बदलाव आम लोगों और संस्थानों दोनों के लिए असर डाल सकता है। अब अगर कोई व्यक्ति किसी महत्वपूर्ण दस्तावेज़, कानूनी नोटिस, या किसी औपचारिक पत्र को सुरक्षित रूप से भेजना चाहता है, तो उसे स्पीड पोस्ट का उपयोग करना होगा। हालांकि, इससे रजिस्टर्ड पोस्ट जैसी सुविधाएं बंद नहीं होंगी, बल्कि अब वे स्पीड पोस्ट में ही शामिल होंगी। जैसे – ट्रैकिंग सुविधा, डिलीवरी का प्रमाण, सिग्नेचर कन्फर्मेशन आदि। ग्राहक चाहें तो स्पीड पोस्ट के साथ “acknowledgement due” (AD) सुविधा भी जोड़ सकते हैं।




