- मंत्री मेरी बात नहीं सुनेंगे तो आगे भी आंदोलन जारी रहेगाः प्रीतम
देहरादून। उत्तराखण्ड के मंत्री विधायकों की बात भी सुनने को तैयार नहीं तो वह जनता या आम आदमी की बात क्या सुनेंगे। यह कहना है वरिष्ठ कांग्रेसी नेता प्रीतम सिंह का। जो आज इस मुद्दे को लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत के आवास पर धरने पर बैठे थे। जहंा से पुलिस उन्हे उठाकर पुलिस लाइन ले गयी। लेकिन इस धरने क बाद भी उनकी मंत्री धन सिंह रावत से न मुलाकात हो पायी और न बात हो सकी।
पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और नेता विपक्ष प्रीतम सिंह ने कल ही एलान कर दिया था कि वह अब मंत्री के आवास पर धरना देंगे और फिर भी उनकी बात नहीं सुनी गयी तो वह इस मामले को सत्र के दौरान भी सदन में उठायेंगे। प्रीतम सिंह का कहना है कि वह राज्य की स्वास्थ्या सेवाओं और शिक्षा व्यवस्थाओं पर बात करने के लिए धन सिंह रावत से कई बार मिलने का समय मांग चुके है। लेकिन उनकी बात नहीं सुनी जा रही है। उन्होने पत्रों के माध्यम से भी विभागीय मंत्री को इन समस्याओं से अवगत कराने का प्रयास किया है। किन्तु कोई कार्यवाही नहीं की गयी। ऐसी स्थिति में उनके आवास पर धरना देने पर उन्हे विवश होना पड़ा। उन्होने कहा कि अगर अभी भी मंत्री उनकी बात नहीं सुनेंगे तो आगे भी उनका संघर्ष जारी रहेगा।
मंत्री आवास पर उनके साथ कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता और प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा भी पहुंचे थे। करन माहरा ने कहा कि प्रीतम सिंह जैसे वरिष्ठ नेता और विधायक की बात न सुना जाना और उनका धरने पर बैठना भाजपा सरकार और मंत्री की कार्यप्रणाली पर गम्भीर सवाल खड़े करता है। प्रदेश की सरकार कैसे काम कर रही है यह बताने के लिए यह धरना काफी है। उन्होने कहा कि प्रीतम सिंह सिर्फ विधायक ही नहीं है बल्कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता है। सरकार में बैठे मंत्री अगर उनकी बात नहीं सुन रहे है तो वह आम जनता की बात क्या सुनते होंगे यह सोचनीय सवाल है। पुलिस प्रीतम सिंह को मंत्री धन सिंह रावत के आवास से उठाकर पुलिस लाइन ले गयी जहंा से उन्हे छोड़ दिया गया।




